Betul Crime News: फ़ॉलोअप: छात्रा से रेप-गर्भपात के आरोपियों को बचाने का प्रयास

न्यायालय ने जमानत खारिज की, अब राजनीतिक दबाव डालकर जेल भेजने से बचाने का प्रयास
Betul Crime News: बैतूल। बैतूल के पाढर क्षेत्र की रहने वाली कॉलेज छात्रा से नर्मदापुरम में रेप के बाद एक सचिव और रोजगार सहायक द्वारा गर्भपात कराने का मामला तूल पकड़ गया है। यह मामला थोड़ा पुराना है, लेकिन इसे राजनैतिक स्तर पर दबाने का काफी प्रयास किया,लेकिन सांझवीर टाईम्स के पास मौजूद एफआईआर की कापी पर यकीन करें तो रेप करने वाले युवक ने अपने ही जाति के सहयोगी सचिव और ग्राम सहायक की मदद से दवाइयां खिलाकर गर्भपात करा डाला।
खबर है कि शुक्रवार को आरोपियों की नर्मदापुरम से अग्रिम जमानत भी खारिज हो चुकी है। अब जेल जान से बचाने के लिए चिचोली क्षेत्र के एक चश्मे वाले और स्वजातीय भाजपा नेता रेप के आरोपी युवक और सचिव- रोजगार सहायक को बचाने के लिए जमकर फील्डिंग कर रहे हैं। उनका साथ एक थाने में रसूख रखने वाले शिक्षक भी दे रहे हैं।
बताया जाता है कि युवक द्वारा दुष्कर्म कर युवती से दूरियां बनाने के बाद मामला सीधे थाने पहुंचा था। इस मामले में पीड़िता द्वारा थाने में शिकायत करने के बाद सारी स्थिति स्पष्ट हो गई। चर्चा तो यह भी है कि मामले में रेप का शिकार युवती को शिकायत न करने के लिए तरह-तरह के प्रयास हुए। इधर जब रेप का शिकार हुई कालेज की छात्रा ने 5 जनवरी को नर्मदापुरम की महिला सेल में सुभाष यादव नामक युवक पर रेप करने और उनके दोस्त शाहपुर ब्लाक के झापड़ी पंचायत के सचिव संतोष यादव, चिचोली ब्लाक के बल्लोर के रोजगार सहायक दिनेश यादव पर एक डॉक्टर और एक अन्य दोस्त के साथ मिलकर दवाइयां देकर गर्भपात कराने का संगीन आरोप लगाया था।
चूंकि मामला महिला और आदिवासी समाज की युवती के साथ जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने बिना देरी के किए आरोपियों पर बीएनएस की धारा 69,64(2)(द्व), 3(5), 3(2)(1) के तहत 15 जनवरी को मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने इसमें सुभाष यादव समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया था। इनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। हालांकि आरोपियों की ओर से शुक्रवार को नर्मदापुरम न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था। बताया जाता है कि पुलिस की आपत्ति के बाद सभी आरोपियों की जमानत खारिज हो गई है। पुलिस इसके बाद सभी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज करने वाली है।
इधर बचाने के लिए प्रयास शुरू
सूत्र बताते हैं कि इस मामले में 5 में से अधिकांश आरोपी यादव समाज से जुड़े हैं। चिचोली क्षेत्र के इसी समाज से जुड़े भाजपा नेता द्वारा मुख्य आरोपी के अलावा गर्भपात कराने के लिए मामल ेमेें आरोपी बनाए गए सचिव और रोजगार सहायक को बचाने के लिए हर तरह के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस काम में थाने में रसूख रखने वाले और एक आरोपी के ससुर का हस्तक्षेप होना सामने आया है।
बताया तो यह भी जा रहा है कि आरोपियों को बचाने के लिए नर्मदापुरम की भाजपा लॉबी से भी संपर्क किया जा रहा है। हालांकि न्यायालय से रेप के आरोपियों की जमानत खारिज होने के बाद राजनीतिक एप्रोच से आरोपियों के बचने की संभावना कम दिखाई दे रही है, लेकिन चिचोली क्षेत्र के एक नेता द्वारा जिस तरह राजनीतिक की जाकर आदिवासी कालेज छात्रा से रेप और गर्भपात के आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, इसकी सर्वत्र आलोचना हो रही है।




