Betul Samachar: व्हाइट टापिंग सड़क पर बेतरतीब लगाए ब्लॉक, लोगों को वाहन चढ़ाने में हो रही मशक्कत
Betul Samachar: Blocks installed haphazardly on white topping road, people are facing difficulty in boarding vehicles.

कागजी निरीक्षण के बलबूते अधिकारी दे रहे ओके रिपोर्ट
Betul Samachar: बैतूल। शहर की सड़कों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण कार्य अधिकारियों के कागजी निरीक्षण और बेतरतीब काम की ओके रिपोर्ट देने के बर्फ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। सड़क के दोनो तरफ फुटपाथ में लगाये गए ब्लाक की ऊंचाई ज्यादा होने से वाहन सड़क पर चढ़ाने में ही लोगों को पसीना आ रहा है।जगह-जगह बेतरतीब तरीके से लगाए गए सीमेंट ब्लॉक और अधूरे एप्रोच रोड ने वाहनों की आवाजाही को मुश्किल बना दिया है। हालत यह है कि वाहन चालकों को सड़क पर वाहन चढ़ाने या उतारने में पसीना आ रहा है।

ब्लाक की पेकिंग में लापरवाही, दो पहिया वाहन चढ़ाने लग रहे दो लोग
व्हाइट टॉपिंग सड़कों से जुड़ने वाले एप्रोच पॉइंट्स को ठीक तरीके से जोड़े बिना ही निर्माण एजेंसी ने कई हिस्सों में काम अधूरा छोड़ दिया है। इसके कारण गली-मोहल्लों से मुख्य सड़क पर निकलने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को झटके और नुकसान झेलने पड़ रहे हैं। कुछ जगह सीमेंट ब्लॉक ऊँचे लगाए गए हैं। इन ब्लाकों को पैक करने के लिए सीमेंट के जोड़ बेतरतीबी से लगा दिए गए हैं। घरों से निकलने वाले दो पहिया चौ पहिया वाहन बड़ी मुश्किल से चढ़ पा रहे हैं। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि, सीमेंट के जोड़ में उतार दिया जाता तो आसानी से वाहन चढ़ और उतर जाते , लेकिन ऐसा नहीं किया गया, और परेशानी पहले से ज्यादा बढ़ गई।
कागजी निरीक्षण कर अधिकारियों ने निभाई ओपचारिकता
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि, बेतरतीब काम से हमे रोज जूझना पड़ रहा है। ब्लाक लगने के बाद निरीक्षण के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारी आये भी थे, लोगो ने इस खामी से अधिकारियों को अवगत भी कराया लेकिन, कागजी निरीक्षण कर ओके रिपोर्ट देना कहीं ना कहीं अधिकारियों की अनदेखी की तरफ इशारा कर रहा है। “पहले सड़क कच्ची थी, तब आसानी से निकल जाते थे, अब तो बाइक चढ़ाने में दो लोग लग रहे हैं।”
स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे बनाए गए ब्लॉकों के जोड़ समतल किया जाए और हर गली व मोहल्ले से सड़क का सुगम एप्रोच तैयार किया जाए। यदि यह स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो यह विकास कार्य नहीं बल्कि जनता की मुसीबत बनकर रह जाएगा।
गौरतलब है कि,लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई व्हाइट टॉपिंग सड़क यदि लोगों के लिए सुविधाजनक नहीं, तो उसका उद्देश्य अधूरा ही रह जाएगा। अधिकारियों को चाहिए कि वे कागजी निरीक्षण से बाहर निकलकर जमीनी हकीकत देखें और आम नागरिकों की परेशानी दूर करें।




