पुलिस रिटायरमेंट की पार्टी में व्यस्त, दुष्कर्म का शिकार महिला 10 घंटे बैठी रही थाने में
मुलताई में दिखा पुलिस का महिला विरोधी चेहरा, बात बड़ी तो अधिकारी बोले- कराएंगे जांच

बैतूल। तीन नए कानून के पहले ही दिन मुलताई पुलिस का महिला विरोधी चेहरा देखने को मिला। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का शिकार हुई महिला एफआईआर कराने के लिए सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक इंतजार करती रही, लेकिन थाने के पुलिसकर्मी एसडीओपी साहब के रिटायरमेंट की पार्टी में व्यस्त रहे। हद तो तब हो गयी जब नियम कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस कर्मी वर्दी पहनकर ही डांस करते नजर आए। सेलिब्रेशन का यह सिलसिला थाना परिसर में घण्टो चलता रहा , लेकिन थाने में किसी को इतनी फुर्सत नहीं थी कि कोई पीड़िता की बात भी सुन लेता। पूरे 24 घण्टे बाद मंगलवार सुबह 7 बजे पीड़िता के बयान तो लिए गए, लेकिन दोपहर 12 बजे तक एफआईआर दर्ज नहीं कि जा सकी थी। अब इस मामले के सामने आने के बाद उच्च अधिकारी यह नहीं समझ पा रहे कि आखिर क्या एक्शन लिया जाए।
बारात की तरह निकाला एसडीओपी का जुलूस, डांस और न्योछावर भी हुई
मिली जानकारी के अनुसार मुलताई एसडीओपी के रिटायरमेंट को लेकर पुलिसकर्मी इतने उत्साह में नजर आए की उन्होंने थाना परिसर में करीब दो घंटे तक बिदाई पार्टी आयोजित की। जब इतने से भी मन नहीं भरा तो तुरन्त एक घोड़े की व्यवस्था कर एसडीओपी को घोड़े पर सवार कर नगर भृमण पर निकाल दिया गया, मानो किसी दूल्हे की बारात निकाली जा रही हो। आगे आगे नियमों को ताक पर रखकर वर्दी पहने पुलिस कर्मी डांस कर रहे थे तो उन पर न्योछावर भी की जा रही थी। नगर भृमण के बाद थाना परिसर में भी जमकर धमाल किया गया और दुष्कर्म की पीड़िता शाम 6 बजे तक थाने में बैठी एफआईआर किए जाने का रास्ता देखती रही।
10 घण्टे तक एफआईआर का इंतजार करते थाने में बैठी रही पीड़िता
जानकारी मिली है कि सुबह 11 बजे से महिला शाम 6 बजे तक थाने में एफआईआर किये जाने का इंतजार करते पूरे 10 घण्टे तक बैठी रही। रिटायरमेंट के कार्यक्रम के बीच ही किसी मीडिया कर्मी ने महिला के बयान भी रिकार्ड कर लिए थे। जिसमें उसने बताया कि वह एफआईआर के लिए परेशान है। इस मामले के मीडिया में आने के बाद थाने में ही पदस्थ एक महिला पुलिस कर्मी द्वारा महिला को धमकाकर मीडिया को दिए बयान बदलवाने के प्रयास किए गए। यह बताने की कोशिश की गई कि पीड़िता महिला की थाने में तत्काल सुनवाई की गई थी। जबकि सांझवीर टाईम्स संवाददाता ने मंगलवार सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर जब पीड़िता से चर्चा की तो उसका स्पष्ट कहना था कि वह सोमवार सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक थाने में बैठी रही। थाने में कार्यक्रम चलता रहा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं कि गयी थी । मंगलवार सुबह 7 बजे उसके बयान लिए गए, लेकिन एफआईआर हुई कि नहीं उसे नहीं मालूम। महिला ने आरोपी के पिता पर भी धमकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपी के परिजन उसे रिपोर्ट वापस लेने के लिए धमका रहे हैं,लेकिन वह आरोपी के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्यवाही चाहती है।
झांसा देकर करते रहा दुष्कर्म, पुलिस बनी विलेन!
पीड़िता का कहना है कि, गांव के ही एक तलाकशुदा युवक ने शादी का झांसा देकर कई बार दुष्कर्म किया। अब जब वह शादी करने के लिए बोल रही है तो युवक इनकार कर रहा है। यही वजह है कि वह युवक के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवाना चाहती है। उधर सेलिब्रेशन के चक्कर मे मुलताई पुलिस ने उन नए कानूनों को भी ताक पर रख दिया, जिनमें महिला सुरक्षा को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं। 1 जुलाई से लागू किये गए कानूनों में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय सहिंता की नई धारा 69 के तहत प्रकरण दर्ज किया जाना है। इस धारा के अंतर्गत आरोपी को 10 साल की सजा सहित जुर्माने का प्रावधान किया गया है, लेकिन मुलताई थाने मे महिला सुरक्षा संबंधी इस कानून को जरा भी तवज्जों देना उचित नहीं समझा गया। जबकि यह अतिसंवेदनशील मामलों में गिना जाता है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है जो भी तथ्य सामने आएंगे कार्यवाही की जाएगी।
इनका कहना….
महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रतिबद्ध है। महिला की शिकायत पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उलंघन हुआ है तो परीक्षण कर इस पर भी कार्यवाही करेंगे।
निश्चल एन झारिया, पुलिस अधीक्षक बैतूल




