Betul News : मारपीट करने वाले बीएमओ का बचाव कर रहे सीएमएचओ!

कलेक्टर को एक माह नहीं सौंपी रिपोर्ट, जांच पैनल पर उठ रहे सवाल

बैतूल। बैतूल के सीएमएचओ गंभीर मामलों में रूचि नहीं दिखा रहे हैं। इसकी बानगी वैसे कई बार देखने को मिल चुकी है, लेकिन ताजा मामला प्रभातपट्टन बीएमओ द्वारा पिछले माह एक मरीज के परिजन से मारपीट की शिकायत की जांच रिपोर्ट एक माह में भी कलेक्ट्रेट को न सौंपने के बाद सामने आया है।

चौकाने वाली बात यह है कि खुद कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सांझवीर टाईम्स की खबर और वायरल वीडियो के आधार पर सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर उन्होंने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए कहा था।

कमेटी ने 20 सितंबर को यही रिपोर्ट सौंप दी, लेकिन 25 दिन बीतने के बाद भी कलेक्टर को यह रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इस बात से अंदाजा लागया जा सकता है कि सीएमएचओ स्वजातीय बीएमओ को बचाने में लगे हैं।

शासकीय पद पर बैठे कुछ अधिकारी अपना रसूख दिखाने से बाज नहीं आते हैं। इसका उदाहरण बीते माह प्रभातपट्टन में देखने को मिला था, जब यहां के बीएमओ डॉ जितेंद्र अत्रे ने एक मरीज के परिजन की सिर्फ इसलिए पिटाई कर दी कि उसने अस्पताल में भर्ती परिजन के इलाज करने मनुहार लगाई।

इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है, इसमें देखा जा सकता है कि सीढी से उतर रहे बीएमओ डॉ अत्रे से मरीज का परिजन जैसे इलाज के संबंध में चर्चा करता है तो वे ताबड़तोड़ हाथ और घुसे बरसाना शुरू कर देते हैं। फिल्मी स्टाइल में गुंडे की तरह बीएमओ काफी देर तक मरीज के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं, लेकिन प्रभातपट्टन के अस्पताल में हुई घटना में स्टाफ के लोग भी नहीं बचा रहे हैं।

इस मामले में संबंधित ने शिकायत नहीं की, लेकिन कुछ दिनों बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सांझवीर टाईम्स तक पहुंचा। 12 सितंबर को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। यह वीडियो कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े को उपलब्ध कराया।

उन्होंने घटना से इंकार किया, हालांकि कलेक्टर सूर्यवंशी ने संज्ञान लेकर सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए। सीएमएचओ ने इस मामले से डॉ संजय खातरकर, डॉ संगम मांडवे, डॉ राजेश परिहार को जांच टीम में शामिल करते एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है।

टीम ने सौंपी रिपोर्ट , सीएमएचओ की टालमटोली

बतया जाता है कि जांच टीम ने कलेक्टर और सीएमएचो के निर्देश का पालन करते हुए समय पर 20 सितंबर को रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंप दी। उसम समय सीएमएचओ अवकाश पर थे। 23 सितंबर को अवकाश से लौटने पर सबसे पहले इस प्रतिनिधि ने जानकारी चाही तो अगले दिन रिपोर्ट के बारे में अवगत कराने के लिए कहा। जब उन्होंने 25 सितंबर को काल किया तो उन्होंने सेहरा के किसी कार्यक्रम का हवाला देकर शाम तक जानकारी देने की बात कहीं।

इसके बाद से यह प्रतिनिधि गरीब मरीज के साथ मारपीट करने वाले बीएमओ जांच रिपोर्ट के लिए 14 अक्टूबर तक दस बार काल कर चुका है, लेकिन सीएमएचओ ने कोई न कोई बहाना बनाकर रिपोर्ट देने से बचने का प्रयास किया। तीन दिन पहले उन्होंने केवल इतना कहा कि सत्यतता कराई जा रही है, इसके बाद रिपोर्ट कलेक्टर को देंगे, लेकिन इधर कलेक्टर सूर्यवंशी को भी सांझवीर टाईम्स ने एक सप्ताह में दो बार इस मामले की याद दिलाई, लेकिन वे अपनी अधीनस्थ सीएमएचओ से मामले की रिपोर्ट तलब नहीं कर पाए। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बैतूल में अधिकारी गरीब मरीजों के साथ एक बीएमओ द्वारा मारपीट के मामले को किस तरह नजर अंदाज कर रहे हैं, जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का बैतूल गृह जिला है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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