Betul Avaidh Ret : रेत माफिया अरशद, अंकुश समेत चार पर शिकंजा, चोपना शाहपुर थाने में दो एफआईआर
रेत माफियाओं ने तवा नदी से खोद डाली 1 लाख 82 हजार 118 घनमीटर रेत, अब प्रशासन ने की कार्रवाई

Betul Avaidh Ret : बैतूल। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की सख्ती का ही नतीजा है कि पहली बार कानून के हाथ जिले के कुख्यात रेत माफियाओं की गर्दन तक पहुंचे हैं। अर्धरात्रि माफियाओं के ठिकाने पर दबिश के बाद कुख्यात रेत माफिया अरशद पिता मोहम्मद इरशाद कुरैशी, अंकुर उर्फ रिंकू राठौर, महेंद्र धाकड़, दीपेश पटेल और रविन्द्र चौहान समेत अज्ञात जेसीबी मालिक पर धारा 379 एवं सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत चोपना एवं शाहपुर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि तमाम शिकायतों को गंभीरता से लेते कलेक्टर ने मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात शाहपुर क्षेत्र स्थित गुवाड़ी सहित अन्य इलाकों में छापामार कार्यवाही की थी। इसके बाद रेत माफियाओं में हड़कम्प मच गया था। कलेक्टर ने मौके से लगभग 32 डम्फर 9 पोखलेन मशीन सहित लगभग 1 लाख 40 हजार घनफीट रेत का संग्रहण को जब्त किया था । साथ ही अन्य इलाकों की जब छानबीन की गई तो रेत माफियाओं की करतूत भी एक्सपोज हो गई। बताया जा रहा है कि ठेकेदार के डंप पर रेत की ज्यादा मात्रा पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।
तवा नदी से निकाली 1 लाख 82 हजार 118 घनमीटर रेत शाहपुर, चोपना क्षेत्र में पिछले लंबे समय से सक्रिय इन तीन रेत माफियाओं के तगड़े नेटवर्क का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में रेत का ठेका होने के बावजूद रेत चोरी करने में माफियाओं को प्रशासन का जरा भी डर नहीं था।
यही वजह है कि रेत के काले खेल में इनका नाम महारथियों की सूची में शामिल हो चुका था, लेकिन अब कलेक्टर की कार्यवाही ने इन माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचाने का पूरा बन्दोबस्त कर दिया है। खनिज और राजस्व विभाग की जांच के आधार पर आरोपी अंकुर उर्फ रिंकू राठौर निवासी स्टेशन रोड शाहपुर तहसील शाहपुर , अरशद कुरैशी पिता मो. इरशाद कुरैशी निवासी स्टेशन रोड शाहपुर तथा अज्ञात जेसीबी मालिक के विरूध्द धारा 379 भादवि एवं सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 का अपराध पाया जाने के बाद पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। बताते चले कि पिछले दिनों अधिकारियों ने रेत उत्खनन किए जाने वाले ठिकानों पर दबिश दी थी।
राजस्व एवं खनिज अमले द्वारा सबसे पहले ग्राम गुरगुंदा के समीप स्थित तवा नदी क्षेत्र में जांच की गई, जहां मौके पर तीन गड्ढें पाए गए, जिनका नाप किया गया तो कुल 70 हजार 808 घनमीटर रेत का अवैध उत्खनन पाया गया। इसके अलावा शाहपुर के ग्राम डेन्डुपुरा स्थित तवा नदी के खसरा क्र. 01 रकबा 24.479 हे. एवं खसरा क्र. 7/2 रकबा 0.415 है. क्षेत्र के भाग में जब खनिज अधिकारी मनीष पालेवार के नेतृत्व में निरीक्षकों और राजस्व अधिकारियों ने जांच शुरू की तो मौके पर खनिज रेत के उत्खनन से निर्मित तीन बड़े गड्डे मिले।
इसकी माप की गई तो अधिकारियों की भी आंखे फ़टी की फटी रह गई। मौके पर उत्खनित रेत की कुल मात्रा 110310 घन मीटर होना पाया गया। इसकी कीमत लगभग 20 करोड़ के करीब है। इसके अलावा खसरा क्र. 7/2 रकबा 0.415 में भी रेत का अवैध भण्डारण होना भी पाया गया जिसकी मात्रा 700 घन मीटर पाई गई है। मौके पर एक जेबीसी मशीन भी मिली। इसका इंजन नंबर 4एच.2152/0700537 जिसे विधिवत जब्त करने की कार्यवाही की गई और मशीन को पुलिस अभिरक्षा में खड़ा करवाया है। मौके पर उपस्थित ग्रामीण और कोटवार ने पूछताछ में अधिकारियों को बताया कि अवैध उत्खनन और भंडारण रिंकू राठौर निवासी शाहपुर और अरशद कुरैशी निवासी शाहपुर द्वारा कराया जा रहा था। इसके बाद अंकुर उर्फ रिंकु राठौर अरशद कुरैशी तथा जेसीबी मालिक के विरूध्द आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है।
तीन अन्य माफियाओं पर भी कसा शिकंजा
रेत माफियाओं के खिलाफ की गई कलेक्टर की कार्यवाही सिर्फ यही तक सीमित नहीं रही। कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद अधिकारियों की टीम ने तवा नदी का कोना-कोना छान मारा।
जांच के दौरान अधिकारियों को ग्राम धासाईमाल के पास भी नदी में अवैध रेत उत्खनन के सबूत मिले। इसकी छानबीन की गई तो तीन रेत माफियाओं के नाम सामने आने के बाद इन पर भी शिकंजा कस दिया गया। खनिज निरीक्षक की शिकायत पर चोपना थाने में रेत माफिया महेन्द्र धाकड़ पिता सदाशिव धाकड निवासी ग्राम मांडवी, दिपेश पटेल और रविन्द्र चौहान के विरूध्द धारा 379 भादवि एवं सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 का अपराध पाया जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया है। जांच के दौरान जब दल धासईमाल स्थित तवा नदी के क्षेत्र में पहुंचा तो खसरा क्र.01 रकबा 6.738 हे. क्षेत्र के बड़े भाग में खनिज रेत का अवैध उत्खनन , परिवहन और भण्डारण के सबूत मिले ।
शक के आधार पर जब जांच का दायरा बढ़ाया गया तो तवा नदी क्षेत्र में खनिज रेत के उत्खनन से निर्मित दो नए गड्ढे पाये गये। इसकी जब माप की गई तो इन गड्ढों से करीब 252 घन मीटर रेत का अवैध उत्खनन होना पाया गया। पास ही एक पोकलेन मशीन भी मिली, जिसे जब्त किया गया। इस दौरान कुछ लोग जो मौके पर मौजूद थे वे फरार हो गए। ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज अवैध खनन ,परिवहन तथा भण्डारण का निवारण नियम 2022 के तहत प्रकरण तैयार किया गया और अवैध उत्खनन करने वाले आरोपी महेन्द्र धाकड़ ,दीपेश पटेल और रविन्द्र चौहान के विरूध्द अपराध दर्ज किया है।
इनका कहना….
कलेक्टर के निर्देश पर अवैध खनन की जांच की गई थी। पांच आरोपियों एवं एक अन्य के खिलाफ शाहपुर एवं चोपना थाने में प्रकरण दर्ज कराया गया है।
मनीष पालेवार, सहायक संचालक, खनिज विभाग बैतूल




