Betul Samachar: Video: दम तोड़ते ही गायों को जेसीबी से दफना रहे गड्ढों में

Betul News: As soon as cows die, they are being buried in pits using JCB.

नपा की गौशाला में गायों को सुविधा कम, कब्र्र अधिक, कलेक्टर को मिली जानकारी तो सीएमओ को मौके पर भेजा

Betul Samachar: बैतूल। नगरपालिका द्वारा झगड़िया में संचालित गौशाला में गायों की मौत का सिलसिला थमते नजर नहीं आ रहा है। जिस एनजीओ को गौशाला के संचालन की जिम्मेदारी दी है, उसने व्यवस्था संभालने में हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद शहर से पकड़कर गौशाला भेजी जा रही गायों पर मौत का साया मंडरा रहा है। इसकी क्या वजह है, इसकी तह तक जाने की बजाए नपा के जिम्मेेदार सांझवीर की सिलसिलेवार खबरे प्रकाशित होने के बाद पशु विभाग के साथ जिंदा गायों का टीकाकरण में लगी हुई है।

यह पूरी कवायद भी गायों की लगातार मौतों का समाचार सांझवीर टाईम्स में प्रकाशित होने और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की नाराजगी के बाद की जा रही है। कलेक्टर ने सीएमओ को गौशाला में गायों की मौत पर जमकर फटकार लगाई। इसके बाद वे स्वयं और नपा के राजस्व निरीक्षक को लेकर उपसंचालक पशु चिकित्सक की टीम झगड़िया पहुंची है। खबर लिखे जाने तक गायों का टीकाकरण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी शाहपुर से लौटते समय गौशाला जा सकते हैं, इसलिए नपा प्रबंधन मौके पर मौजूद है।

सड़क पर घूमने वाले मवेशियों के लिए नपा ने झगड़िया में खुद की गौशाला तो बना दी, लेकिन यहां की व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यही वजह है कि करीब 9 वर्षों में सैकड़ों की संख्या में गौमाताओं की जान जा चुकी है। कहने को तो नपा ने गौशाला की जिम्मेदारी एनजीओ को दी है, लेकिन यहां के हालात देखकर कभी ऐसा नहीं लगा कि किसी को जिम्मेदारी दी गई है। सांझवीर की टीम दो पहले गौशाला में गायों की मौत की जानकारी मिलने के बाद यहां पहुंची तो हालात देखकर चौक गए।

दरअसल गौशाला परिसर में बड़ी संख्या में गाय तड़प रही थी। कुछ गायों की मौत भी हो गई थी। यहां व्यवस्था संभालने के लिए नपा के दो चौकीदार जरूर थे, लेकिन गायों की मौत और तड़पने के पीछे का कारण नहंी बता पा रहे हैं। सांझवीर की पड़ताल में स्पष्ट हुआ है कि गौमाताओं को दिया जाने वाला पैक बोरी का चारे में इलियां रेंग रही थी। संभावना जताई जा रही थी कि इल्लियां युक्त भोजन के बाद गायों की मौत हो रही है।

मौत का सिलसिला जारी, रोज पहुंच रही जेसीबी

झगड़िया गौशाला के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि गौशाला में गायों की मौत हो रही है। यह बात दीगर है, लेकिन हर दिन जेसीबी जरूर पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि जेसीबी रोज आने का कारण तलाशने का प्रयास किया तो गौशाला में रोज गायों की मौत के बाद उन्हें गड््ढें खोदकर दफनाया जा रहा है। जेसीबी से ही मृत गायों को उठाकर गड्ढे में डाल दिया जा रहा है। यदि अधिकारी गौशाला में बने मिट्टी के ढेर देख ले तो वास्तविकता सामने आ जाएगी। करीब एक साल में ही एक सैकड़ा से अधिक गायों ने गौशाला में दम तोड़ दिया है। वर्तमान में करीब 130 गाय बची है।

कलेक्टर ने लगाई फटकार तो पहुंची टीम

सांझवीर टाईम्स द्वारा नपा द्वारा संचालित गौशाला में गायों की मौत का समाचार मिलते ही बुधवार कलेक्टर ने सीएमओ सतीष मटसेनिया को जमकर फटकार लगाई। उन्हें तत्काल झगड़िया जाकर गायों का इलाज कराने और व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। इसके पहले राजस्व निरीक्षक ब्रजगोपाल परते और उपनिरीक्षक अखिल राय पशु विभाग की टीम के साथ गौशाला पहुंचे और बीमार समेत अन्य बीमार गायों का टीकाकरण किया। बताया जा है कि 130 से अधिक गायों का टीकरण किया जाकर उन्हें दवाइयां भी उपलब्धक कराई गई है। नपा सीएमओ सतीष मटसेनिया भी पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि गायों का टीकाकरण कर उन्हें सुरक्षित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इनका कहना……

गौशाला में गायों की मौत का मामला काफी गंभीर है। मैंने निदेश दिए हैं कि गैशाला जाकरण निरीक्षण करें और रिपोर्ट दें। जरूरत पड़ने पर मैं भी गौशाला का निरीक्षण करूंगा।

नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी,कलेक्टर बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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