South Asian Competition: साउथ एशियन लाठी स्पर्धा में जिले के 15 बच्चों का चयन, फंड की कमी से

South Asian Competition: 15 children from the district selected in South Asian Blackjack Competition, due to lack of funds

भूटान में परचम लहराने में पेंच

आप भी करें मदद तो जिले के का नाम गौरव कर सकते है बच्चे

South Asian Competition: बैतूल। यह बैतूल जिले के लिए गौरव की बात है कि हरिद्वार में आयोजित की गई राष्ट्रीय लाठी स्पर्धा में शामिल होने जिले से पहुंचे 20 में से 15 बच्चों ने अपने खेल का ऐसा जौहर दिखाया कि भूटान में आयोजित होने वाली साउथ एशियन स्पर्धा में 20 में से 15 बच्चे अपना चयन करवाने में कामयाब हो गए। अंदाज लगाया जा सकता है कि इन बच्चों ने सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए कितनी मेहनत की होगी। लेकिन विडम्बना यह है कि , 4-5-6 अगस्त को भूटान की राजधानी थिम्पू में आयोजित होने वाली स्पर्धा में शामिल होने के लिए इन होनहार बच्चो के सामने फंड की कमी आ रही है। हालांकि इसके पूर्व विधायक हेमन्त खण्डेलवाल ने विधायक ना रहते हुए भी इन बच्चों को ऐसी स्पर्धाओं में शामिल होने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की थी। लेकिन इस बार देश के बाहर आयोजित होने वाली स्पर्धा में ये बच्चे कैसे अपने खेल का जौहर दिखा पाएंगे यह चिंता का विषय बना हुआ है।

प्रदेश के 9 जिलों से शामिल हुए थे खिलाड़ी

लाठी स्पर्धा में शामिल हुए खिलाड़ियों के कोच विनोद बुंदेले ने बताया कि हरिद्वार में आयोजित स्पर्धा में प्रदेश के शहडोल, नर्मदापुरम, ग्वालियर, उज्जैन, आगर, हरदा, और बैतूल सहित महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, तमिलनाडु, बिहार, और राजस्थान से करीब 700 खिलाड़ी शामिल हुए थे। यह गौरव की बात है कि साउथ एशियन चैंपियन शिप के लिए हमारे जिले से 16 खिलाड़ी चयनित किये गए हैं। इन सभी खिलाड़ियों को 4-5-6 अगस्त को भूटान देश की राजधानी थिम्पू में अपने खेल का जौहर दिखाना है। एक खिलाड़ी पर करीब 20 हजार रुपये का खर्च आ रहा है। इस हिसाब से 16 बच्चों पर 3 लाख 20 हजार खर्च होने हैं।चूंकि लाठी स्पर्धा को राष्ट्रीय खेलों में शामिल हुए काफी कम समय ही हुआ है। लेकिन अभी तक इस खेल में होने वाले खर्च का प्रावधान खेल एवं युवा कल्याण विभाग में नहीं किया जा सका है। अगर प्रावधान किया जाता तो विभाग से फंड मिलने की उम्मीद भी की जा सकती थी। यदि आप भी इन बच्चों को मदद करें तो जौहर तो इन्हें जौहर दिखाने का अवसर मिल सकता है। सांझवीर टाईम्स मदद करने वालों के नाम भी प्रकाशित करेगा।

South Asian Competition: साउथ एशियन लाठी स्पर्धा में जिले के 15 बच्चों का चयन, फंड की कमी से

समिति के सदस्य सबसे बड़ा सहारा

कोच विनोद बुंदेले ने बताया कि इसके पूर्व भी इस तरह की समस्याओं का सामना हमे करना पड़ा था। लेकिन समिति के सदस्यों और विधायक हेमन्त खण्डेलवाल ने बच्चों की प्रतिभा को देखते हुए आर्थिक सहायता की व्यवस्था की थी। इसके अलावा समिति से जुड़े प्रमोद अग्रवाल, अशोक दीक्षित, बंटी राठौर, प्रेम शंकर मालवीय, पुनीत खण्डेलवाल, रमेश भाटिया,जगेंद्र तोमर,लल्ली वर्मा, नरेंद्र ठाकुर, अन्नू जसूजा, विवेक मालवीय, राजसिंह परिहार, हेमन्त दुबे, संजय मिरानी, डब्बू शर्मा, नरेंद्र शर्मा, नरेश शर्मा, राजेश तलरेजा,ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने में अपना सहयोग दिया था। श्री बुंदेले ने आमजनता से भी अपील की है कि,अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में शामिल होने वाले जिले के इन खिलाड़ियों का मनोबल ना टूटने दें। यदि कोई आर्थिक सहायता प्रदान करना चाहता है तो उनका स्वागत है।

इन खिलाड़ियों का हुआ चयन

भूटान की राजधानी थिम्पू में आयोजित सेकेंड ट्रेडिशनल लाठी चैंपियन शिप में जिन खिलाड़ियों का चयन हुआ है। उनमें वंशिका बुंदेले, गुंजन, श्रष्टि गावंडे, कृतिका राठौर, वंशिका माहेश्वरी, रिसिका दुबे, चेतना माथनकर, रुचि भोंडे, पीयूष उपाध्याय, पार्थ सोनी, आर्यन डोंगरे, यश सावनेर, हर्षित डेहरिया, निधि यादव, उन्नति डिगरसे शामिल है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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