Betul Samachar: व्हाइट टॉपिंग सड़क से नहीं जुड़े एप्रोच रोड

Betul Samachar: Approach road not connected to white topping road

सड़क हादसों की बढ़ी सम्भावना, वाहनों के चढ़ने-उतरने में आ रही दिक्कतें

Betul Samachar: बैतूल। शहर की सड़कों को मजबूत और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से की गई व्हाइट टॉपिंग सड़क निर्माण योजना अब लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। कोठी बाजार क्षेत्र में कई स्थानों पर व्हाइट टॉपिंग सड़कों से एप्रोच रोड (जुड़ने वाले रास्ते) नहीं बनाए जाने के कारण वाहनों के चढ़ने-उतरने में भारी परेशानी हो रही है। इससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि सड़क हादसों की संभावना भी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के कोठीबाजार क्षेत्र में हाल ही में बनी व्हाइट टॉपिंग सड़कों के किनारों पर करीब 7 से 8 जगह ऊंचाई का अंतर देखने को मिल रहा है।

जहां मुख्य सड़क का स्तर ऊंचा है, वहीं उससे जुड़ने वाले गलियों और सड़कों का स्तर नीचे रह गया है। इस वजह से टू-व्हीलर और फोर व्हीलर चालकों को सड़क पर चढ़ने-उतरने में संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। कई बार छोटे वाहन और ऑटो चालक इस असमतल मार्ग के कारण गिर चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदारों ने व्हाइट टॉपिंग का काम तो जल्दबाजी में पूरा कर लिया, लेकिन एप्रोच रोड को समतल बनाने की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। सड़क किनारे नालियों के निर्माण के बाद मिट्टी भराई और समतलीकरण नहीं होने से समस्या और गंभीर होती जा रही है।

सड़क से टकरा रहे बड़े वाहनों के बम्फर, हो रही टूट फूट

वाहन चालकों का कहना है कि एप्रोच रोड की ऊंचाई बराबर न होने से गाड़ियों के बंपर और नीचे के हिस्से अक्सर टकरा जाते हैं। वहीं पैदल चलने वालों के लिए भी यह रास्ते खतरनाक साबित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों ने पीडब्ल्यूडी से मांग की है कि सभी व्हाइट टॉपिंग सड़कों के किनारों की तत्काल जांच कराई जाए और जहां-जहां एप्रोच रोड का काम अधूरा है, वहां समतलीकरण का कार्य जल्द शुरू किया जाए। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो दुर्घटनाएँ बढ़ सकती हैं और सरकार की सड़क सुधार योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा।

पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मूक दर्शक बने

पूरे मामले में वास्तविकता सामने आ रही है कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व्हाइट टापिंग सड़क बनाने वाले ठेकेदार के सामने नतमस्तक हो गए। केवल एक मर्तबा शिकायत के बाद पीडब्ल्यूडी की ईई गुणवत्ता की जांच करने पहुंची थी। इसके बाद उन्होंने मूड़कर नहीं देखा। पूरा काम एसडीओ के जिम्मे सौंप दिया।

एसडीओ भी व्हाइट टापिंग सड़क में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने में नाकाम साबित हुए। यही वजह है कि सड़क को लेकर वाहनों चालकों की लगातार शिकायतें आने के बाद उसे अनदेखी किया जा रहा है। लंबे समय से शिकायतों को ध्यान नहीं देने से वाहन चालक सीएम हेल्पलाइन की ओर रूख करने की तैयारी में है। इस संबंध मेें पीडब्ल्यूडी की ईई प्रीति पटेल को उनके मोबाइल 8989127138 और एसडीओ डीएस परमार के मोबइल 9407515943 पर दोपहर 3.02 बजे कॉल किया, लेकिन दोनों ने रिसिव नहीं किया।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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