Betul Ki Khabar: ऑपरेटर का कार्यालय में चल रहा वाहन, किराया ले रहे रेंजर!
Betul Ki Khabar: Operator's vehicle running in the office, rangers taking fare!

भैसदेही परिक्षेत्र में भी कम्प्यूटर ऑपरेटर की बोल रही तूती
Betul Ki Khabar: बैतूल। वनवृत के विभिन्न मंडलों में कम्प्यूटर आपरेटरों की कारगुजारी लगातार सामने आ रही है। इसी तरह से भैंसदेही वन परिक्षेत्र से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला और सामने आया है, जिसने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल तो खड़े किए हैं तो अधिकारियों की नियत पर भी प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिक्षेत्र कार्यालय में पदस्थ एक कम्प्यूटर ऑपरेटर का दबदबा इतना अधिक है कि वह न केवल विभाग के कार्यों में हावी नहीं है, बल्कि निजी स्वार्थ साधने में भी जुटा हुआ है। बताया जा रहा है कि ऑपरेटर द्वारा हाल ही में खरीदा गया बोलेरो वाहन, जो कार्यालय की सेवा हेतु उपयोग हो रहा है , उसे ऑपरेटर ने परिक्षेत्र कार्यालय में स्थाई रूप से लगा रखा है। सूत्रों का दावा है कि वाहन से मिलने वाला प्रतिमाह का 50 हजार रुपए किराया ऑपरेटर के पास नहीं जाता, बल्कि सीधे परिक्षेत्र अधिकारी यानी रेंजर की जेब में पहुंच रहा है। इस पूरे प्रकरण ने वाहन किराए की पारदर्शिता और विभागीय व्यवस्थाओं पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

कम्पार्टमेंट में अतिक्रमण कर की जा रही खेती
सूत्रों के मुताबिक ऑपरेटर के रसूख का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अधिकारियों की शह पर रेंज के एक कम्पार्टमेंट क्रमांक 1300 के बड़े हिस्से पर ऑपरेटर का कब्जा काबिज है। सूत्र बताते हैं कि कब्जाई जमीन पर बाकायदा खेती तक की जा रही है। यहां विभागीय नियमों और वनों की सुरक्षा की नीति का सीधा उल्लंघन किया जा रहा है। एक साधारण कम्प्यूटर ऑपरेटर को अधिकारियों का इतना वरदहस्त प्राप्त होना निश्चित ही संदेह पैदा करता है कि आखिरकार इसके पीछे कौन-सा बड़ा खेल चल रहा है।
निचले स्तर से उच्च स्तर तक मिलीभगत का दावा
मामले में यदि ऐसा है तो इस पूरे मामले ने न केवल वन विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक मिलीभगत के बिना ऐसे कार्य संभव नहीं हैं। यदि एक ऑपरेटर इतनी मनमानी कर सकता है, तो यह वन संपदा और विभागीय अनुशासन दोनों के लिए खतरे की घंटी है जो नि:संदेह गंभीर जांच का विषय है।
इनका कहना…
वाहन कम्प्यूटर ऑपरेटर का ही है, लेकिन मेरी पदस्थापना से पूर्व यह वाहन कार्यालय में अटैच हो चुका था। किराया सम्बन्धित के खाते में हस्तांतरित किया जाता है। अतिक्रमण के विषय में जानकारी मुझे नहीं है।
गुमान सिंह नरगेस, परिक्षेत्र अधिकारी भैंसदेही




