Politics: राजनीतिक हलचल: किन अधिकारियों की हरकत से भाजपा नेताओं की बढ़ी नाराजगी?? नेताजी को माला पहनने में कैसी परहेज, फिर क्या हुआ??? सार्वजनिक मंच पर पंचायत प्रतिनिधि के मुंह से आखिर क्या निकला, जिसकी खूब हो रही चर्चा???? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम राजनीतिक हलचल में…….
Politics: Political stir: Which officers' actions increased the displeasure of BJP leaders??

भाजपा कार्यकर्ता आखिर क्यों नाराज?
सत्तारूढ़ भाजपा में इन दिनों कई कार्यकर्ता न सिर्फ नाराज हैं, बल्कि असहज महसूस कर रहे हैं। चर्चा है कि जिले की कुछ प्रमुख अधिकारी आजकल नेताओं जैसा आचरण कर रहे हैं। स्थिति यह है कि कई छुटभैयों को भी मुंह लगाकर रखा है। इसमें तो एक अधिकारी ऐसे हैं जिन पर पूरी सुरक्षा का जिम्मा है वे हर किसी को इतनी तवज्जो दे रहे है कि वरिष्ठ और कनिष्ठ का सम्मान ही खत्म कर दिया। चर्चा यह भी है कि कुछ छुटभैये नेता अधिकारियों को वरिष्ठ नेताओं का नाम बताकर अपने टारगेट सेट कर रहे हैं। खबर है कि यह कार्यकर्ता प्रदेश के मुखिया को ऐसे टॉप मोस्ट अफसरों का विस्तृत विवरण शीघ्र देने वाले हैं, इसके कुछ सबूत भी सौंपे जा सके हैं।
माला पहनाने में भी हीलाहवाली
पिछले दिनों विपक्षी पार्टी के एक नेता के स्वागत में भी माला पहनाने में हीलाहवाली को लेकर खूब चर्चा हो रही है। बडोरा के रहने वाले युवा नेता ने प्रमुख पद मिलने वाले नेता जी के शहर आगमन पर जैसे ही माला पहनाई, उन्होंने यह कहकर माला पहनने से इंकार कर दिया कि पहले अपने कट्टर समर्थकों से माला पहनूंगा। यह समर्थक नेताजी की बात सुनकर हक्का बक्का रह गया। कहा जा रहा है कि इस समर्थक के साथ नेताजी ने यह सलूक इसलिए किया, क्योंकि पिछले दिनों नेता के प्रतिद्वंदी की धार्मिक यात्रा में लगे होर्डिंग में इस समर्थक की फोटो लग गई थी। माला न पहनने पर उस युवा समर्थक द्वारा कहते सुना गया कि एक दिग्गज नेता का दिल बड़ा छोटा और सोच भी काफी हल्की है।
पंचायत प्रतिनिधि ने यह क्या बोल दिया
जिले की एक अनारक्षित विधानसभा क्षेत्र में हुए एक कार्यक्रम का वीडियो राजनीति में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। हालांकि यह वीडियो कब का है, स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इसमें एक पंचायत प्रतिनिधि स्पष्ट कह रहे हैं कि उनकी विधानसभा में जो काम करेगा, वही चलेगा। हमनें भैया को भी बोल दिया है, कि जो काम करेगा वही विधानसभा में चलेगा। वे यही नहीं रूके और बोल पड़े कि नया भाऊजी भी लाया हूं। अब पुराने भाऊजी नहीं चलेंगे। उनकी इस उद्बोधन से संबंधित विधानसभा से लेकर जिला मुख्यालय सत्तारूढ़ पार्टी के राजधानी स्थित दफ्तर तक हल्ला मचा है। उनके इस ब्यान को राजनीति प्रतिद्वंदता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।




