Betul Ki Khabar: एक खदान में एंट्री कराकर दूसरी खदान से निकल रही कोयले की गाड़ियां
Betul Ki Khabar: Coal trucks are entering one mine and then leaving from another mine

भाड़ा भी कर रहे कम, ट्रांसपोर्टरों में पनप रहा रोष
Betul Ki Khabar: सारनी। वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा क्षेत्र में अलग-अलग चेक पोस्ट होने से गड़बड़ी सामने आ रही है। इसका पूरा फायदा बाहरी व चालाक ट्रांस्पोर्टर उठा रहे हैं। जिससे नियमानुसार कार्य करने वाले ट्रांस्पोर्टरों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कालीमाई के ट्रांस्पोर्टरों ने बताया कि पाथाखेड़ा क्षेत्र की तीनों कोयला खदानों पर गाडिय़ां लग रही है। इनमें कुछ ट्रांस्पोर्टरों की इतनी तगड़ी सेटिंग है कि एक खदान पर गाड़ी लगाकर उसी नंबर की दूसरे खदान से गाड़ी भरकर निकाल ली जा रही है। पूर्व में ऐसा करने पर एक ट्रांस्पोर्ट कंपनी की गाड़ी को छह माह तक बलेक लिस्ट भी किया था। बावजूद इसके इन दिनों वेकोलि पाथाखेड़ा की तीनों खदानों पर एंट्री कहीं गाड़ी कहीं से भरकर निकलने का खेल चल रहा है।
एंट्री कराकर अंदर नहीं करते गाड़ियांबताया जा रहा है कि इस खेल में कुछ ट्रंास्पोर्ट कंपनी और गार्डों की
भूमिका संदिग्ध है। नियमानुसार एंट्री के तुरंत बाद गाडिय़ों को खदान के अंदर कैंपस में नंबर लगाकर खड़ी रखना है। लेकिन गार्डों से सेटिंग करके गाडिय़ों को खदान के अंदर कैंपस में खड़ी न करके बाहर रखा जाता है। ताकि एंट्री वाली गाडिय़ों को एंट्री के बाद भी बाहरी काम या दूसरी खदानों पर नंबर लगाने भेज दिया जाता है। ऐसा करने से ट्रांस्पोर्ट कंपनी की गाडिय़ों को अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ता। इस बीच दूसरी खदान में नंबर लगाकर कोयला परिवहर करने के अलावा बाहरी काम भी उक्त वाहन से किया जाता है।
तवा में हैं एक सप्ताह की पोजिशन
ट्रांसपोर्ट नगर कालीमाई से मिली जानकारी के अनुसार छतरपुर-1 खदान में डेली पोजिशन है। जबकि तवा-1 और तवा-2 में 8 से 10 दिन की पोजिशन रहती है। तवा-1 और तवा-2 खदान में एंट्री के दौरान सबसे ज्यादा वाहन हेराफेरी में लग जाते हैं। दरअसल यहां एंट्री होने के बाद भी कई वाहन खदान परिसर से बाहर खड़े रहते हैं, फिर उक्त वाहनों को गुपचुप तरीके से दूसरे कामों में भेज दिए जाते हैं। ऐसा करने से पूरे दिन वाहनों को काम मिलता है। जिसके चलते कम भाड़ा में भी यह वाहन कोयला समेत अन्य सामग्री परिवहन करने तैयार हो जाते हैं। ऐसा करने से नियमानुसार कार्य करने वाले वाहन मालिकों को अच्छा खासा नुकसान वहन करना पड़ रहा है।
इनका कहना…
एंट्री किसी खदान में और कोयला किसी खदान से परिवहन करने के मामले को लेकर वेकोलि पाथाखेड़ा महाप्रबंधक, उपक्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात की है। बावजूद इसके सुधार नहीं हुआ है। जिससे नियम अनुसार कार्य करने वाले ट्रक मालिकों को नुकसान वहन करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में वाहनों की एंट्री करने वाले गार्डों की भूमिका संदिग्ध है। पहले कालीमाई बैरियर पर तीनों खदानों की एंट्री होती थी। इसलिए हेराफेरी का सवाल ही नहीं था। अब सभी खदान पर एंट्री होती है। इसलिए एक ही गाड़ी की कई बार एंट्री हो रही है।
नेहरू सिंह राजपूत, अध्यक्ष, ट्रांस्पोर्ट एसोसिएशन, कालीमाई।




