Betul Ki Khabar: वनमण्डलों के 10 रत्न काला-पीला करने में माहिर!

Betul Ki Khabar: Expert in turning 10 gems of forest divisions black and yellow!

अधिकारी चाहे तो उच्चस्तरीय जांच में लाखों के खेल हो सकते उजागर

Betul Ki Khabar: बैतूल। जिले के वनमडलों में पदस्थ 10 कम्प्यूटर ऑपरेटर हैं, जिन्हें विभाग के अंदर ही दस रत्न के नाम से पहचाना जाता है, लेकिन इनकी पहचान ईमानदारी या कार्यकुशलता से नहीं बल्कि फाइलों के भुगतान में काला-पीला करने, बिल-वाउचर की बाजीगरी और विभागीय संसाधनों के निजी उपयोग के लिए की जाती है। सूत्रों के अनुसार ये आपरेटर वर्षों से एक ही वन मण्डल में जमे हुए हैं और ठेकेदारों व के साथ मिलीभगत कर विभाग को लाखों का चूना लगाने में लगे हैं, लेकिन इन पर कार्यवाही करने के बजाए इनके प्रति अधिकारियों के प्रेम की खबरें भी अब छन-छन कर बाहर आ रही हैं।

खबर है कि इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल एवं वनराज्य मंत्री दिलीप अहिरवार को भी लिखित शिकायत की जा रही है। शिकायत में तत्कालीन मुख्य संरक्षक के आदेशों की अवहेलना और आपरेटरों की मनमानी की जानकारी सौंपी जाएगी।

कलाकारी कर रही ऑपरेटरों की जमीन मजबूत

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन दस रत्नों की एक खास टीम है जो हर काम को नियमों की चादर में लपेटकर कुछ ऐसा प्रस्तुत करती है मानो सब कुछ पारदर्शी हो। चाहे वह फर्जी पौधारोपण हो या लकड़ी जप्ती में हेराफेरी, विभागीय गाड़ियों का उपयोग हो या डीजल बिलों का फर्जी भुगतान, या फिर डायर दराज के जंगलों में होने वाले लाखों रूपयों के निर्माण कार्य, सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से करने में इन्हें महारथ हासिल है सूत्र बताते हैं कि, कई बार विभाग के उच्चाधिकारियों को भी इन गड़बड़ियों की भनक लगी, लेकिन मजबूत जमीनी पकड़ के कारण इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। शासन स्तर पर वनमण्डलों के खर्च, पौधारोपण, वनीकरण और अन्य कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय जांच दल गठित किया जाता है, तो संभावना जताई जा रही है कि ये रत्न उजागर हो सकते हैं।

सिस्टम के राजा, बिना शुल्क कोई $काम नहीं

सूत्रों के मुताबिक खास बात यह है कि इन ऑपरेटरों ने न केवल वित्तीय अनियमितताएं की हैं बल्कि विभाग की छवि को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। विभाग में ही इन्हें सिस्टम के राजा कहा जाता हैं, क्योंकि बिना सुविधा शुल्क के यहां कोई भी कार्य संभव नहीं होता। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने चुनौती होगी कि वे दस्तावेजों की परतों के नीचे छिपी सच्चाई को बाहर लाएं। यदि सरकार और विभाग जांच को गंभीरता से लेते हैं तो इन दस रत्नों की सच्चाई सामने आ सकती है और वर्षों से चल रही वित्तीय अनियमितता का भी पर्दाफाश हो सकता है।

इनका कहना….

तत्कालीन मुख्य वनसंरक्षक ने ऑपरेटरों को हटाने के निर्देश दिए थे, उन्हें पत्र लिखकर शिकायतों के सम्बंध में जानकारी भी चाही गई थी, लेकिन जानकारी नहीं दी गई, $िफर भी आपरेटरों को समझाइश दी गई है।

विजयानतम टीआर, डीएफओ दक्षिण वन मण्डल बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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