Betul News: जिला अस्पताल में महिला मौत मामले की जांच 18 दिन में भी पूरी नहीं

प्रभारी मंत्री के आदेश भी हवा हवाई, लीपापोती करने की संभावना
Betul News: बैतूल। जिला अस्पताल में महिला की हुई मौत मामले की जांच ठंडे बस्ते में चल रही है। प्रभारी मंत्री के आदेश भी हवा में है। प्रभारी मंत्री और स्थानीय अधिकारियों ने 10 दिन के भीतर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया था। 18 दिन बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी। जांच की रफ्तार से ऐसा लग रहा है कि अधिकारी केवल खानापूर्ति कर रहे है। अब मामले में लिपापोती की भी अशंका बढ़ने लगी है।
जानकारी के मुताबिक 15 नवम्बर को जिला अस्पताल में इमलीखेड़ा निवासी महिला सोमती बाई की प्रस्तव के बाद मौत हो गई थी। महिला की मौत होने के बाद नाराज परिजन और आदिवासी संगठन जयस द्वारा सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया था। इस मामले में चक्काजाम स्थल पर पहुंचकर प्रभारी मंत्री शिवाजी नरेन्द्र पटेल द्वारा 10 दिन के भीतर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया था। जांच के 18 दिन बीत गए अभी तक जांच का कोई अता-पता नहीं। अधिकारी इस मामले में गंभीर नहीं दिखाई दे रहे है।कार्रवाई ठंडे बस्ते में होने से ऐसा लग रहा है कि कहीं ना कहीं अधिकारी भी इस मामले में डॉक्टर के बचाव में लगे है।
उल्लेखनीय है कि महिला की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना धाकड़ पर उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। प्रभारी मंत्री के निर्देशों के बावजूद भी समय पर जांच पूरी नहीं होना अब पूरा सिस्टम संदेह के कटघरे में नजर आ रहा है। इस डॉक्टर के खिलाफ कोई यह पहला मामला नहीं था। इससे पूर्व भी कई गंभीर मामले सामने आए पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। जांच रिपोर्ट फाईलों में दफन होकर रह गई। चक्काजाम कर रहे संगठनों ने भी प्रभारी मंत्री को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि ऐसे मामलों की कभी जांच नहीं होती है और ना ही कोई कार्रवाई होती है। जांच के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है। प्रभारी मंत्री बार-बार आश्वासन देते रहे कि इस बार जांच समय पर और अच्छे से होगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी। यह निर्देश हवा हवाई साबित हो रहे है।
इनका कहना..
इस मामले में जांच जारी है, इतने जल्दी जांच पूरी नहीं हो सकती है। दोनों पक्षों के बयान दर्जन होगे, जांच कब तक पूरी हो जाएगी, कुछ कह नहीं सकते।
डॉ. राजेश परिहार, जांच अधिकारी




