Prashasnik Kona : प्रशासनिक कोना: पुराने थाने में वापसी के लिए किसने लगाया 10 पेटी का जुगाड़?? कौन है, जिनके रसूख के आगे अधिकारी भी बौने साबित??? अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के बजाय राजनीति को साधने के यह कैसे प्रयास????? विस्तार से पढ़िए हमारे चर्चित कॉलम प्रशासनिक कोना में……

Prashasnik Kona: Administrative corner: Who arranged for 10 boxes to return to the old police station??

पुराने थाने में वापसी का जुगाड़

वर्दी वाले विभाग में एक थानेदार अपने कद के हिसाब से छोटा थाना जरा भी नहीं भा रहा है। मजबूरी में वे यहां दिन काट रहे हैं, लेकिन उड़ती हुई एक खबर ने उनके प्रशंसकों को बड़ी राहत दे दी है। चर्चा है कि थानेदार साहब ने पुराने थाने में वापसी के लिए तगड़ी जुगाड़ लगाई है। एक माननीय के पुत्रों के सहारे नैया पार लगाने के लिए करीब 10 पेटी से ऊपर का आफर उन्हें दिया गया है। इसके लिए माननीय ने भी लगभग मोहर लगा दी है, लेकिन साहब जिस थाने में जाना चाह रहे हैं, वहां दूसरे माननीय की मानमनोवल की जा रही है। यदि यह ट्रीक सही बैठी तो थानेदार साहब एक बार फिर मलाईदार थाने में पदस्थ हो सकते हैं। इसके पहले उन्हें माननीय के अलावा उनकी पार्टी के बड़े नेताओं से चर्चा करना पड़ सकता है। बताते चले कि यह थानेदार एक साहब की विदाई पार्टी में डांस कर भी चर्चा में आ चुके हैं।

इनके रसूख के आगे सब फीका

जिले में कुछ पटवारियों के रसूख के आगे सब फीका दिखाई देने लगा है। पिछले दिनों जिन पटवारियों का तबादला अपने गृह तहसील के चक्कर में अन्य तहसील किया गया था, यह प्रक्रिया मजाक बनकर रह गई। दरअसल इनमें से पांच का तबादला रद्द भी हो गया। मजेदार बात यह है कि तबादला रद्द होने के बाद इनके हल्के भी नहीं बदले गए। इससे इन पटवारियों की तगड़ी सेटिंग का अंदाजा लगाया जा सकता है। कहा जा रहा है कि यह सब पटवारी वर्षों से उसी जगह पदस्थ है, जहां कालोनाइजिंग लॉबी तगड़ी है। चर्चा यह भी है कि इन पटवारियों का तबादला रद्द होने में भूमाफियाओं का बड़ा रोल है।

राजनीति को साधने का प्रयास

जिला अस्पताल में फिलहाल व्यवस्थाएं पुराने ढर्रे पर चल रही है, तभी तो जिले के मुखिया को शिकायत मिलने पर निरीक्षण के लिए पहुंचना पड़ रहा है। खामियां मिलने पर फटकार भी मिली, लेकिन व्यवस्थाएं सुधार का नाम नहीं ले रही है। इस बीच अपनी खामियों पर पर्दा डालने के लिए मैनेजमेंट की टीम राजनीति को भी साधने में लगी थी, ताकि भविष्य में कोई खामी मिले तो कार्रवाई से बचा जा सके। पिछले दिनों यह टीम एक जनप्रतिनिधि से मुलाकात भी कर चुकी है। सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें खूब वायरल कर अपने संबंध बताकर अस्पताल की खामियों पर पर्दा डालने के लिए इसे तथाकथित प्रयास से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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