Today Betul News: आवासीय विद्यालय में ठेकेदार के अनुबंध पर सामग्री क्रय नहीं
Today Betul News: Materials not purchased as per contractor's contract in residential school

मोदी जी ने झाबुआ में कहा था बच्चे पीछे रहे उन्हें मंजूर नहीं, बैतूल में हालात दूसरे…
Today Betul News:(बैतूल)। प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने झाबुआ में रविवार को अपने संबोधन में कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने तो इन पट्टों में स्कूल खुलवाएं। अब आदिवासी बच्चों के लिए मैं देश भर में एकलव्य आवासीय स्कूल खुलवा रहा हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इतने वर्षों में 100 ही एकलव्य स्कूल खोले थे, जबकि बीजेपी की सरकार ने अपने 10 साल में ही इससे चार गुना ज्यादा एकलव्य स्कूल खोल दिए हैं। एक भी आदिवासी बच्चा शिक्षा के अभाव में पीछे रह जाए, यह उन्हें मंजूर नहीं है। बैतूल जिले में यह आवासीय विद्यालय भ्रष्टाचार के केंद्र बन गए है।
यहां नियमों को ताक पर रखकर गलत तरीके से संचालित किए जा रहे है। सत्ता संगठन संघ से जुड़े आवासीय एकलव्य विद्यालय के ठेकेदार द्वारा छात्र छात्राओं को अनुबंध के आधार पर निर्धारित ब्रांड के अनुसार खाद्य सामग्री का उपयोग नहीं करने का आरोप मध्यप्रदेश आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष मुन्नालाल वाड़िवा ने लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अनुबंध के अनुसार जुलाई 2023 से जनवरी 2024 तक ठेकेदार द्वारा क्रय की गई खाद्य सामग्री के बिल बाउचर की जांच की जावे तो अपने आप ही कम दर और घटिया खाद्य सामग्री का मामला उजागर हो जाएगा। करारनामा के अनुसार प्रतिष्ठित ब्रांड /एगमार्क /आई एस आई मार्क की ही खाद्य सामग्री क्रय कर भंडार का प्रबंधन एवं रखरखाव करना होगा। मीनू के अनुसार सप्ताह में एक बार विशेष भोजन की व्यवस्था का भी प्रवधान है।
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आवासीय विद्यालय की मेस में प्रतिदिन दो शिक्षक भी छात्र-छात्राओं के साथ नाश्ता और भोजन करने का भी प्रवधान है और भोजन के गुणवत्ता की रिपोर्ट भी प्राचार्य और समिति को लिखित रूप में देना है परंतु यहां भी प्राचार्य ने शिक्षकों की नियुक्ति नही की है जिससे किस ब्रांड का तेल चावल, दाल, पापड़ ,ब्रेड, जैम,आचार, आटा,काफी ,मक्खन, दूध,दही,मसाले, बिस्किट,नमक ,घी,चावल, आदि खाद्य सामग्री का उपयोग मेस में किया जा रहा है । यहां ठेकेदार अपनी मर्जी का मालिक है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के 1955 तहत रसोई गैस के कनेक्शन ठेकेदार के नाम पर ही होना चाहिए परंतु यहां भी नियमो की अनदेखी की गई है।पैकिट्स में उपयोग की जाने वाली सामग्री के बैंच नंबर और एक्पायरी तारीख का संधारण किया जाना भी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ही करना है यहां इस नियम की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
इधर आवासीय विद्यालय के मेस के कार्य में लगाए कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार के द्वारा दुर्घटना बीमा ही नही कराया गया है जबकि यह भी कराया जाना है। मेस में कुशल रसोइया कुशल मैनेजर और पर्याप्त मात्रा में कर्मचारियों की नियुक्ति करना है साथ ही ई पी एफ राशि की पंजी भी संधारित करना परंतु भी यहां नही हो रहा है। जेम पोर्टल में 1 जून 2023 के अनुबंध की कापी अपलोड है। इसमें सारे नियमकायदे लिखे हैं परंतु इनका पालन आवासीय विद्यालय के प्राचार्य द्वारा नही कराया जा रहा है।





