Betul Samachar: यूनीपोल लगाने के लिए नियम-कायदें ताक पर रखे
Betul News: Rules and regulations kept aside for installing unipole

नपा ने ठेकेदार के फायदें के लिए डिवाइडर खोदे, हादसे हुए तो जिम्मेदार कौन?
Betul Samachar: बैतूल। नगरपालिका में भारी भरकम और जिम्मेदार अधिकारियों का अमला होने के बावजूद किसी को भी नियम-कायदों की फिक्र नहीं है। कुछ ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से नियम-कायदें ताक पर रखे जा रहे हैं। होर्डिंग के बहाने यूनीपोल लगाने के लिए शहर में पांच स्थान चिन्हित कर लिए गए। यह जगह भी डिवाइडर हटाकर खोद दी गई है। नियम के अनुसार ऐसे स्थान पर यूनीपोल नहीं लगाए जा सकते हैं। ऐसे मेें भविष्य में यूनीपोल गिरने से हादसे हुए तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? यह बताने के लिए कोई तैयार नहीं है।
नपा ने जिस फर्म को तीन वर्ष के लिए होर्डिंग लगाने का ठेका दिया है, यही फर्म शहर में पांच स्थानों पर यूनीपोल लगाने का काम कर रही ैहै। नपा ने अपना तर्क देने के लिए होर्डिंग और यूनीपोल को एक ही शब्द बताकर अपना पड़ला झाड़ने का तथाकथित प्रयास किया है। हकीकत यह है कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में ही यूनीपोल लगाने की अनुमति है। वर्ष 2017 में इसके लिए निकाय ने नियम भी बनाए हैं। इसके बाद नपा ने बिना किसी तर्क के संबंधित फर्म को यूनीपोल लगाने की अनुमति दे डाली। इसके लिए कुछ स्थानों के डिवाइडर हटाकर यूनीपोल लगाने के लिए अनुमति दे डाली। इसका विरोध भी शुरू हो गया है। खुद नपा यूनीपोल लगाने की अनुमति देकर विवादों में घिर गई है।
इन सवालों का कौन देगा जवाब?
जब शहर में 91 जगह होर्डिंग लगाने के लिए तय किए गए, फिर यूनीपोल लगाने की छूट देने पर कई सवालियां निशान खड़े हो गए। यदि इसके लिए छूट भी देना था तो जो लोकेशन दी थी, वहां पर यूनीपोल लगाना था। वर्तमान में जिस स्थानों पर जितने होर्डिंग लगना था, वे लगाए जा चुके हैं। इसके बावजूद उसी जगह यूनीपोल कैसे लग रहे हैं? उदाहरण के लिए कोठीबाजार बसस्टैंड पर नियम के अनुसार तीन होर्डिंंग लगने थे, फर्म ने यह तीनों होर्डिंग लगा दिए। इसके बावजूद यहां यूनीपोल कैसे लगाए जा रहे हैं। यह खुद ही नपा की लापरवाही को उजागर कर रहा है। मतलब यह है कि नपा खुद ही नियम बना रही है और खुद ही तोड़ रही है।




