Betul Congress News : मिस मैनेजमेंट ले डूबा कांग्रेस को, क्या हार की समीक्षा जरूरी

Betul Congress News: Mismanagement has sunk Congress, is review of defeat necessary?

बैतूल विधानसभा से कांग्रेस शहर के कुछ वार्डों तक ही रही सीमित

Betul Congress News : (बैतूल)। विधान सभा चुनाव के लिए 17 नवम्बर को हुए मतदान के बाद से ही बैतूल विधानसभा मे कांग्रेस की जीत के दावे बुलंद होने शुरू हो गए थे। इन दावों पर मोहर, तब लगनी शुरू हो गई थी, जब शहर में शर्तों का बाजार भी अचानक गर्म हो गया। बाजार ने भी ऐसा उठाव पकड़ की शर्तों का दौर हजारों से निकलकर सीधा लाखों तक पहुंच गया, लेकिन इन दावों की हवा 3 दिसम्बर को होने वाली मतगणना के पहले राउंड में ही निकल गईर्। भाजपा के हेमंत खण्डेलवाल ने 665 वोट की लीड हासिल कर ली थी। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी निलय डागा को सिर्फ चौथे, तेरहवें और चौदहवें राउंड में ही बढ़त मिली है। शेष 14 राउंड में जीत का अंतर 15 हजार 533 पर पहुंच गया। सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस प्रत्याशी निलय डागा चुनाव कैसे हारे। इसका सीधा सा जवाब है मिस मैनेजमेंट को बताया जा रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी की टीम बूथ पर वह कमाल नहीं दिखा सकी, जो भाजपा संगठन ने अनुशासन में रहते हुए दिखा दिया।

ग्रामीण क्षेत्रों में पकड़ हुई ढीली, नदारद दिखे कांग्रेसी

कांग्रेस प्रत्याशी निलय डागा की हार की सबसे मुख्य वजह रही ग्रामीण इलाकों की अनदेखी और कमजोर टीम वर्क। सूत्र और ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण करने वाले बताते हैं कि मतदान के दिन उंगलियों पर गिने जाने वाले कांग्रेस के विश्वस्त दिन भर सिर्फ शहर के पोलिंग बूथों पर ही नजर आए। वह भी सिर्फ दिखावे के लिए। ऐसे लोग बताना चाह रहे थे कि उनका प्रत्येक विश्वस्त पूरी निष्ठा के साथ कांग्रेस को जीत दिलाने में लगा हुआ है। बैतूल शहर के बाहर क्या चल रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में क्या स्थिति है? इसे देखने और परखने प्रयास तक टीम में शामिल विश्वस्तों ने नहीं किया, जिन पर आंख बंद कर भरोसा किया गया था। सबसे बड़ी खामी यह भी देखने को मिली कि चुनाव में प्रमुख भूमिका निभा रहे कर्ताधर्ताओं ने भी बूथ की ताकत को नजरअंदाज कर ग्रामीण इलाकों की तरफ अपना रुख किए जाने के प्रयास तक नहीं किए। जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिल गया।

शहर में भी नहीं दिखा पाए कमाल

बैतूल विधानसभा चुनाव में हार का एक फेक्टर यह भी देखने को मिला है कि जिस तैयारी और प्लान के तहत कांग्रेस प्रत्याशी निलय डागा ने चुनाव लड़ा था, वह प्लानिंग पूरी तरह धरातल पर नजर नहीं आया। इसका सीधा सा मतलब है कि जिन कंधों पर इस प्लानिंग को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी तय कि गई थी, आखिर वे इसे संभाल नहीं पाए। सूत्र तो यह भी बताते हैं कि जिम्मेदार पर भरोसा कर उनके बताए सारी रणनीति पर कबाम किया था, लेकिन शहर के कांग्रेस बाहुल्य सिर्फ 6 वार्डों में ही कांग्रेस बढ़ बना पाई। शेष 4 कांग्रेसी वार्डों में भी भाजपा ने बढ़त बना ली। कुल मिलाकर शहर में भाजपा ने अस्सी प्रतिशत बढ़त बनाकर कांग्रेेस के बेहतर मैनेजमेंट की पोल खोल दी।

मतदाताओं को लुभाने में क्यों नाकाम रही कांग्रेस

सूत्र बताते हैं कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का एक बड़ा कारण गलत रिपोर्टिंग भी रहा है। ऐसा नहीं है कि चुनावी मैदान में जिम्मेदारी संभाल रहे जिम्मेदारों की मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ पल पल की रिपोर्ट नहीं ली जा रही थी। लेकिन बूथ स्तर पर जो भी जानकारियां प्रमुख लोगों को दी जा रही थी इनमें कहीं से कहीं तक कोई सच्चाई नहीं नजर आ रही थी। बावजूद इसके सब कुछ ठीक ठाक होने की जानकारियां लगातार शेयर की जा रही थी । जबकि अधिकांश बूथों पर भाजपा का मैनेजमेंट जमकर काम कर रहा था। कांग्रेस और भाजपा की वर्किंग में क्या अंतर दिखाई पड़ रहा था। इसकी सच्चाई 3 नवम्बर को होने वाली मतगणना के परिणामों ने ही साफ कर दिया था कि कांग्रेस द्वारा उतारी गई टीम ने किस तरह काम किया।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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