Betul News: रंजीत सिंह-प्रकाश शिवहरे पुलिस गिरफ्त से दूर, व्यापारियों-सामाजिक लोगों में आक्रोश

Betul News: Ranjit-Prakash Shivhare away from police custody, anger among businessmen and social people

कल सारणी,बगडोना और शोभापुर के बाजार बंद रहेंगे, एकजुटता के बाद सारणी पुलिस की नींद हराम

Betul News: बैतूल। सारणी क्षेत्र के व्यवसायी और भाजपा मंडल के उपाध्यक्ष रविंद्र देशमुख की आत्महत्या मामले में 42 दिन बीतने के बावजूद भाजपा के दिग्गज नेता रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे समेत दो अन्य आरोपियों का पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से पहले ही परिजन और समाज के लोग आक्रोश जता चुके हैं। अब मुख्य आरोपी गिरफ्तार नहीं होने पर कुंबी समाज के लोगों ने स्थानीय व्यापारियों के साथ मिलकर शनिवार को नायाब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर एलान किया है कि सोमवार सारणी, शोभापुर और बगडोना के बाजार विरोध स्वरूण बंद रहेंगे। समाज के लोगों के इस एलान के बाद पुलिस की सांस फुल गई है। दबी जुबान से लोग आरोपियों को संरक्षण देने के भी आरोप लगा रहे हैं।

बीते 7 अक्टूबर को शोभापुर में रहने वाले भाजपा मंडल के लोकप्रिय उपाध्यक्ष रविंद्र देशमुख ने रिवाल्वर से आत्महत्या कर ली थी। उनकी आत्महत्या से पूरे सारणी मेें हड़कंप मच गया। पुलिस ने भले ही आत्महत्या के बाद सुसाइड नोट के आधार पर सभी 10 आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया, लेकिन शेष 6 आरोपियों दीपक शिवहरे, प्रमोद गुप्ता, भोला सिंह, अभिषेक साहू, शमीम रजा और नशीम रजा को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस के हाथ मुख्य आरोपी रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे समेत करन सूर्यवंशी और नाजिया बानो को हिरासत में नहीं लेने से खाली है। यही आक्रोश अब कुंबी समाज की नाराजगी का कारण बनते जा रहा है। दिवाली बीतने के बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा नहीं बढ़ाया। यही वजह है कि दबी जुबान से लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं।

आक्रोश पनपा तो सड़क पर उतरे लोग

भाजपा नेता की आत्महत्या के मामले में 42 दिन बीत जाने के बाद शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर क्षेत्र के कुंबी समाज के लोग आक्रोशित हो गए हैं। पहले उन्होंने व्यापारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद व्यापारी संगठन के पदाधिकारी अरविंद सोनी, संजय अग्रवाल, राजेश कुटी के साथ समाज के प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को नायब तहसीलदार घोड़ाडोंगरी को एसडीएम शाहपुर के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जता दी। उन्होंने ज्ञापन सौंपने के दौरान अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि ब्लैकमेलरों से परेशान होकर रविंद्र देशमुख और अनिल खवसे ने आत्महत्या की है। यदि अनिल खवसे की आत्महत्या की विस्तृत जांच होती और आरोपियों की जमानत नहीं होती तो रविंद्र देशमुख की जान नहीं जाती।

इन घटनाओं के बाद समाज के युवाओं में अलग-अलग तरह की चर्चाएं व्याप्त है, जिसको लेकर सभी सामाजिक संगठनों ने क्षेत्र के व्यापारियों से अपने-अपने प्रतिष्ठान 18 नवंबर को बंद रखने के लिए सहमति दी है। सोमवार पूरे व्यापारी अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध जताएंगे। यदि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। इसकी सारी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में लोन्हारी कुंबी समाज सारणी के अध्यक्ष विजय पड़लक समेत व्यापारी संघ सारणी के अध्यक्ष अरविंद सोनी, व्यापारी संघ बगडोना के उपाध्यक्ष राजू वरवड़े, आम आदमी पार्टी के अजय सोनी, ब्लाक कांग्रेस सारणी के अध्यक्ष किशोर चौहान समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

पुलिस के हाथ अब तक क्यों खाली

चौकाने वाली बात यह है कि संवेदनशील एसपी निश्चल एन झारिया ने सारणी एसडीओपी को आरोपियों को हिरासत में लेने की सख्त हिदायत दी थी। चार टीमें भी बनाई गई, लेकिन शेष चार आरोपियों को हिरासत में नहीं लेने पर पुलिस टीम संदेह के दायरे में आ खड़ी हुई है। पूरे सारणी में जगह-जगह चर्चा है कि पुलिस आरोपियों को तलाशने में लापरवाही बरत रही है। यह बात कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता भी खुलेआम कह रहे हैं, लेकिन पुलिस के अधिकारी जांच का दायरा आगे ही नहीं बढ़ा रहे हैं। स्थिति यह है कि अब तो मीडिया के मोबाइल तक रिसीव करने से परहेज किया जा रहा है, इसलिए संदेह और बढ़ता जा रहा है।

फरार आरोपियों को कौन दे रहा संरक्षण?

भाजपा नेता रविंद्र देशमुख की आत्महत्या के मामले में फरार आरोपियों को संरक्षण देने के भी आरोप लग रहे हैं। चर्चा है कि पुलिस विभाग के एक अधिकारी और घोड़ाडोंगरी के एक पेट्रोल पंप संचालक कहीं न कहीं आरोपियों को संरक्षण दे रहे हैं। व्यापारी संघ बगडोना के अध्यक्ष राजेश नायक कुट्टी ने भी सांझवीर टाईम्स को बताया कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि फरार आरोपियों के करीबियों का उनके बगडोना और शोभापुर स्थित आवास में आना जाना लगा है।

इससे संदेह हो रहा है कि आरोपी यही पर छिपे है। उन्होंने बताया कि नए टीआई देवकरण डहेरिया से कुनबी समाज के साथ रविवार को मुलाकात कर जानकारी दी जाएगी। आरोपियों के घर की तलाशी ली जाए। उधर एक जनचर्चा जमकर है कि आरोपी सारणी में ही छिपे हैं। उनका कोई करीबी मोबाइल लेकर दूसरी जगह घूमते हैं, ताकि पुलिस को गुमराह कर सके। हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है यह पुलिस अधिकारियों से अच्छा कोई नहीं जानता। इसी वजह मामले में सारणी के एसडीओपी रोशन जैन को उनके मोबाइल 7049135461 पर कई बार काल और मैसेज किया, लेकिन उन्होंने जवाब देना बेहतर नहीं समझा।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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