Betul Ki Khabar : जिला अस्पताल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं
Betul Ki Khabar: There are not enough security arrangements in the district hospital

नरसिंहपुर की घटना से लेना चाहिए सबक
Betul Ki Khabar : बैतूल। जिला अस्पताल में बैतूल में सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं है। नरसिंहपुर में हुई ट्रेनी नर्स की हत्या की घटना से सबक लेकर अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी चाहिए ताकि स्टॉफ अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके। कुछ दिनों पहले नरसिंहपुर जिले में एक ट्रेनी नर्सिंग ऑफिसर की एक युवक ने अस्पताल में धार-धार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद से जिला अस्पताल बैतूल का भी महिला स्टॉफ खौफ में है। जिला अस्पताल में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। मुख्यालय पर तीन अस्पताल भवन है, जिसमें लगभग 35 सुरक्षा गार्ड होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में महज 14 ही सुरक्षा गार्ड मौजूद है।
ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सुरक्षा की कितनी व्यवस्था है। रात्रि कालीन समय में सुरक्षा की सबसे ज्यादा चिंता सताती है। कई ऐसे वार्ड है जहां एक भी सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से अस्पताल में कैमरे तो लगाए है लेकिन सुरक्षा गार्ड भी पर्याप्त होना चाहिए, ताकि किसी भी विवाद की स्थिति से निपटा जा सके। अस्पताल में कई बार विवाद की घटनाएं भी हो चुकी है। इसके बावजूद भी सुरक्षा कर्मियों की संख्या में बढ़ौतरी नहीं हई है। अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन ये सिर्फ निगरानी तक सीमित हैं। कैमरे किसी घटना को होने से रोक नहीं सकते। सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी ही ऐसे मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर सकती है।
कई बार हो चुकी तोड़फोड़ की घटना
जिला अस्प्ताल को गुस्साएं मरीज के परिजनों द्वारा अस्पताल में तोड़फोड़ करने और अस्पताल स्टॉफ के साथ अभद्रता की घटना सामने आई है। कुछ माह पहले एक महिला सुरक्षाकर्मी के साथ मारपीट कर गला दबाया था। इतनी घटना होने के बावजूद भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। जिस हिसाब से अस्पताल भवन बनाया गया है और वार्ड संचालित हो रहे है उस हिसाब से सुरक्षा गार्ड भी प्रत्येक वार्ड में होना चाहिए। कई बार अस्पताल के मुख्य गेट पर भी एक ही गार्ड तैनात रहता है। अस्पताल में सरक्षाकर्मियों की भारी कमी बनी है।
इनका कहना
सुरक्षा गार्ड बढ़ाएं जाने के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को भी पत्राचार किया है, अभी भोपाल मीटिंग में भी इस बात को अधिकारियों के सामने लाया जाएगा।
डॉ. जगदीश घोरे
सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय बैतूल




