Betul Ki Khabar: शहर में 101 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा सीवरेज सिस्टम

Betul Ki Khabar: Sewerage system will be built in the city at a cost of Rs 101 crore

नागपुर नाके पर बनेगा ट्रीटमेंट प्लांट, नपा ने भूमि का किया चयन

Betul Ki Khabar: बैतूल। विधायक हेमन्त खंडेलवाल द्वारा शहरवासियों की सुविधा को लेकर किया गया अथक प्रयास आखिर धरातल पर उतरने को तैयार है। शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर में सीवरेज लाइन निर्माण के लिए शासन से 101 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल गई है। हालांकि इसके लिए नपा द्वारा 108 करोड़ रुपए का प्रस्ताव नगरीय प्रशासन संचालनालय को भेजा गया था। इस योजना के अंतर्गत नागपुर नाके के पास एक अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना भी की जाएगी। नगरपालिका प्रशासन ने प्लांट निर्माण हेतु उपयुक्त भूमि का चयन कर लिया है। हालांकि यह भूमि अभी राजस्व के रिकार्ड में दर्ज है। भूमि का मद परिवर्तन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से एनओसी मिलने के तत्काल बाद टेंडर भी लगाए जाएंगे। शहर को गन्दगी मुक्त बनाने के उद्देश्य को लेकर विधायक हेमन्त खण्डेलवाल द्वारा जनता को यह सौगात प्रदान की जा रही है।

विधायक के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल था शहर में सीवरेज सिस्टम

दरअसल शहर के 33 वार्डों में गंदे और निस्तारी के पानी की निकासी के लिए नालियों के निर्माण में काफी पैसा खर्च होता है। कई वार्ड ऐसे भी हैं। जहां नालियाँ ना होने या टूट फुट हो जाने से रहवासियों को मुसीबतें झेलना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों की इसी समस्या के समाधान के लिए बैतूल विधायक हेमन्त खण्डेलवाल ने नपा को सीवर लाइन प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। हालांकि यह प्रोजेक्ट मंजूरी के लिए काफी समय पहले ही शासन को भेज दिया गया था। अब प्रोजेक्ट को संचालनालय द्वारा हरि झंडी दी जा चुकी है। प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए खुद नपा के एई नीरज धुर्वे पिछले चार दिनों से राजधानी में डेरा डाले हुए थे। धुर्वे के मुताबिक शासन स्तर पर 101 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। मंजूरी मिलने के बाद अब विधायक हेमन्त खण्डेलवाल का ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर नजर आएगा तो वहीं शहर की जनता को भी गन्दगी आदि से मुक्ति मिलने के साथ साथ स्वच्छ वातावरण भी मिल पायेगा।

नागपुर नाके पर बनेगा सीवरेज प्लांट

जानकारी के मुताबिक शहर के वार्डों में स्थित नालियों से निकलने वाले गंदे और निस्तारी के पानी का निपटान कर इसे इस लायक बनाया जाएगा जो पर्यावरण की दृष्टि से उपयुक्त बन सके। इसके लिए वार्डों में सीवर लाइन बिछाई जाएगी। सीवर लाइन एक भूमिगत पाइप का सिस्टम है जो घरों और अन्य इमारतों से अपशिष्ट जल को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाता है. यह घर में शौचालय, बाथटब और रसोई की नालियों से पानी लेकर उन्हें एक मुख्य लाइन में जोड़ता है, यह सीवर लाइन मुख्य सीवर सिस्टम से जुड़ी होती है।यह अपशिष्ट जल को घर से बाहर सीवर लाइन तक ले जाता है और उसे उपचार के लिए एक ऐसी जगह पर पहुंचाता है जहां इसे सुरक्षित रूप से जल का निपटान किया जा सके। नपा एई नीरज धुर्वे ने बताया कि,सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए भूमि का चयन नागपुर नाके के समीप किया गया है।

हालांकि भूमि का मद परिवर्तन करवाना और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की एनओसी लेना है। यह दोनो $काम होने के बाद सीधे टेंडर काल कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सार्वजनिक सीवर से आने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। यह गंदे पानी को शुद्ध करके इसे उपयोग योग्य बनाने की प्रक्रिया है, जिससे पर्यावरण की रक्षा होती है और पीने के पानी का स्रोत भी सुरक्षित रहता है। एसटीपी में भौतिक, रासायनिक और जैविक तरीकों से गंदे पानी को साफ कर नदी नालों में छोड़ा जाता है।

पर्यावरणीय सुधार में मील का पत्थर साबित होगी योजना

नगरपालिका अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना पर्यावरणीय सुधार के साथ-साथ स्वच्छता अभियान को भी मजबूती देगी। निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा और निर्धारित समयसीमा के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा जाएगा। यह योजना शहरवासियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

इनका कहना…

सीवरेज सिस्टम और प्लांट के लिए संचालनालय से 101 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल गई है। प्लांट के लिए भूमि मद परिवर्तन और एनओसी मिलने के तत्काल बाद टेंडर कॉल किये जायेंगे।

नीरज धुर्वे, एई नपा बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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