Betul News: अवैध कालोनी को लेकर सरकार बना रही कड़े नियम
Betul News: Government is making strict rules regarding illegal colonies

अपने ही पार्टी के विधायक ने अवैध कालोनी पर विस में सरकार को घेरा
Betul News: भोपाल/बैतूल। अवैध कालोनी को लेकर न सिर्फ बैतूल बल्कि पूरे प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी के प्रति नाराजगी बढ़ते जा रही है। इसकी बानगी गुरुवार को प्रदेश विधानसभा में भी देखने को मिली, जब खुद सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक हरदीप डांग ने अवैध कालोनी के मुद्दें को विधानसभा के पटल पर रखा। इसके जवाब में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जवाब देना पड़ा। उन्होंने विधायक को आश्वस्त किया है कि अवैध कालोनी को लेकर सरकार कड़े नियम बना रही है। आने वाले समय में इसके परिणाम सामने आएंगे। यदि ऐसा हुआ तो एक बार फिर अवैध कालोनाइजरों को सरकार के कड़े नियम बनाने के मुंह की खानी पड़ सकती है।
अवैध कालोनी को लेकर बैतूल से लेकर राजधानी भोपाल तक हल्ला मचा हुआ है। दरअसल कालोनाइजरों ने कालोनियों में प्लाट तो बेच दिए, लेकिन लोगों को सुविधाएं नहीं दी। जनसुनवाई में पूरे प्रदेश में रिकार्ड मामले पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव काफी सख्त हुए। उन्होंने पहले भी वर्ष 2016 के पूर्व बनने वाली कालोनियों को अवैध घोषित करने के लिए प्रक्रिया शुरू करवाई थी। हालांकि इसके नियम अभी तक जिला कलेक्टरों को नहीं पहुंचे हैं। बैतूल की बात करें तो यहां पर भी एक सैकड़ा से अधिक अवैध कालोनी शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में काटकर बेची गई है। लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने को लेकर राजस्व के पास सबसे अधिक शिकायतें अवैध कालोनियों की पहुंच रही है। इसी वजह कलेक्टर खुद इस मामले में एसडीएम और तहसीलदारों को कालोनियों के सर्वे कराने के निर्देश दे चुके हैं।
विधायक के जवाब पर मंत्री ने यह दिया जवाब
बताया जा रहा है कि अवैध कालोनियों को लेकर भाजपा विधायक हरदीप सिंह डांग ने बजट सत्र के दौरान प्रश्न लगाया था। उन्होंने विधानसभा में कहा कि अवैध कालोनियों में सुविधा नहीं मिलने से लोग नाराज हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की भी इससे परेशानी बढ़ रही है। इसके जवाब में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में जानकारी दी कि अवैध कालोनियों को लेकर सरकार कड़े नियम बनाने जा रही है। उन्होंने विधायक को बताया कि सदन के सभी सदस्य अवैध कालोनी की समस्या से परेशान है। वैध कालोनी की आड़ में अवैध कालोनी बनाकर लोग रहने लग जाते हैं, फिर वे हमे वोट देते हैं और कहते हैं कि आपको वोट दिया। हमारे आशियाने को आप लोगों को सुरक्षित करना पड़ेगा। मंत्री विजयवर्गीय ने प्रदेश में अवैध कालोनियों को लेकर चिंता जताते कहा कि सरकार इस मामले में काफी सख्त है और कड़े नियम बनाए जा रहे है।
बैतूल के मामलों में अधिकारियों की रूचि, जनप्रतिनिध आखिर चुप क्यों?
बैतूल जिले में अवैध कालोनियों को लेकर सत्ता और विपक्षी पार्टी के जनप्रतिनिधियों की चुप्पी कई सवाल खड़ी कर रही है। दरअसल अवैध कालोनियों में सुविधा को लेकर न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष के जनप्रतिनिधि लोगों की समस्या का निराकरण कर रहे हैं। इससे आसानी से समझा जा सकता है कि कहीं न कहीं इनका अवैध कालोनाइजरों से प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से मिलीभगत है। दूसरी ओर कलेक्टर की बात करें तो वे बेहद ईमानदारी से अवैध कालोनाइजरों को शिकंजा कसने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं और खुद मानीटरिंग कर रहे हैं। इसके सुखद परिणाम आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे, लेकिन यह तब संभव होगा, जब राजनीतिक अड़ंगेबाजी न हो।





