Betul News: एसबीएम कांड में प्रशासन का दोहरा रवैया जनप्रतिनिधियों के लिए सिरदर्द

Betul News: Administration's double attitude in SBM case is a headache for public representatives

ढाई माह में प्रशासन पुलिस की तरह ढपली बजा रहा, सत्तारूढ़ पार्टी को इसी वजह होना पड़ रहा परेशान

Betul News: बैतूल। जिस तरह चिचोली और भीमपुर में हुए एसबीएम कांड में पुलिस की भूमिका कटघरे में है। ठीक उसी तरह जिला प्रशासन के दोहरे रवैए ने भाजपाई जनप्रतिनिधियों की मुसीबत बढ़ा दी है। दरअसल विपक्षी पार्टी के नेता इसे मुद्दा बनाकर लगातार भाजपा को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, यही वजह है कि भाजपाई विधायकों को भोपाल जाकर इस मुद्दें पर जांच की मांग करना पड़ा। ढाई माह पुराने 13 करोड़ के गबन के इस मामले में प्रशासन अपने आप को क्लिन चिट देते हुए नर्मदापुरम से आगे की कार्रवाई का दावा कर अपने आप को बचाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन खुद कमिश्रर इंकार कर चुके हैं कि इस मामले में जिला स्तर से ही कार्रवाई होगी। ऐसे में प्रशासन के दोहरे रवैऐ से भाजपाई जनप्रतिनिधियों को मुंह की खानी पड़ रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना का बैतूल जिले के आदिवासी अंचल भीमपुर और चिचोली में किस तरह मखौल उड़ाया है, यह किसी से नहीं छिपा है। जिले में हुआ यह घोटाला प्रदेश के बाद राष्ट्रीय स्तर पर भी गूंज चुका है। इसके बाद सत्तारूढ़ भाजपाई जनप्रतिनिधियों की भी खासी किरकिरी हुई। दोनों क्षेत्र के विधायक महेंद्र सिंह चौहान और गंगा उइके को चुप्पी तोड़ते हुए बयान जारी कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए विज्ञप्ति जारी करना पड़ा। हालांकि उनके पत्राचार करने के बाद 13 करोड़ के घोटाले की जांच पर कोई असर नहीं पड़ा। हालात तो यह है कि एक विधायक ने तो मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय जांच की मांग भी कर डाली, लेकिन इस मामले में आज तक कुछ नहीं हो सका। यही वजह है कि लगातार विपक्ष की आलोचाना के बाद चारों विधायकों को भोपाल जाकर वस्तुस्थिति से अवगत कराकर उच्च स्तरीय जांच की मांग करना पड़ा। हालांकि विधायकों के आग्रह पर मुख्यमंत्री कार्यालय से अब तक कोई जांच शुरू नहीं हो पाई है।

शुरू में दिखाई तेजी, बाद में कोई असर नहीं

यह चौकाने वाली बात है कि चिचोली और भीमपुर में स्वच्छ भारत मिशन में 13 करोड़ से अधिक का घोटाला हो गया और अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। जब जानकारी सामने आई तो आनन फानन में जिला पंचायत के सीईओ ने कलेक्टर के निर्देश पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों से जांच कराई। जांच में ब्लाक समन्वयक और आपरेटरों को दोषी पाए जाने पर संविदा होने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। हालांकि मामले में दोनों जनपद के तीन वर्ष तक के सीईओ पर कार्रवाई की मांग ठंडे बस्ते में चली गई। शुरू में जांच में तेजी दिखाने वाले अधिकारी धीरे-धीरे सुस्त होते गए। अब हालात यह है कि 13 करोड़ के गबन के मामले में पुलिस की तरह जिला प्रशासन के अधिकारी भी केवल औपचारिकता निभाते नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि भाजपाई जनप्रतिनिधियों को भी जवाब देना मुश्किल हो रहा है। बैतूल के विधायक हेमंत खंडेलवाल और भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान पहले ही मामले को लेकर नाराजगी जता चुके हैं।

खोदा पहाड़, निकली चूहिया जैसे हालात

भले ही पुलिस की तरह जिला प्रशासन के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जांच उनके स्तर पर करने के बाद कमिश्रर के पाले में गेंद जा चुकी है। मतलब जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक मामले में केवल खोदा पहाड़, निकली चूहिया जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। जबकि कमिश्रर केजी तिवारी पूर्व में ही यह बात कह चुके हैं कि उनके कार्यालय मामला नहीं पहुंचा है। इसकी जिला स्तर पर ही जांच होगी। इसके बावजूद बैतूल के अधिकारी यह मानने को तैयार नहीं है कि जांच का स्तर क्या होगा? अब करोड़ों के घोटाले में जनपद सीईओ पर कार्रवाई को लेकर सभी चुप्पी साधे बैठे हैं। भाजपाई शासन काल में हुए करोड़ों के घोटाले को रफादफा होने की ज्यादा संभावना दिखाई दे रही है।

इनका कहना….

हमने पहले ही जांच के बाद ब्लाक समन्यकों और अपरेटरों की सेवा समाप्त कर दी है। इसके बाद आगे की जांच और कार्रवाई के लिए रिपोर्ट नर्मदापुरम कमिश्रर को भेज दी है। जो भी कार्रवाई तय होगी, वहीं से होगी। मामले का अगला अपडेट भी वहीं सेे पता चल पाएगा।

अक्षत जैन, सीईओ जिला पंचायत बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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