Betul News: कलेक्टर ने भी माना अवैध कालोनियों पर अधिकारी गंभीर नहीं

Betul News: Collector also admitted that officers are not serious about illegal colonies

सांझवीर की खबर के बाद जिले के तहसीलदार, सीएमओ, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को अल्टीमेट

Betul News: बैतूल। यह बात सौ टका दावे के साथ कहीं जा सकती है कि जिले में अवैध कालोनियों पर कार्रवाई के लिए अधिकारी गंभीर नहीं है। यह बात कलेक्टर ने बीते दिनों सांझवीर टाईम्स की खबर के बाद अपने अधीनस्थों को किए गए पत्राचार के बाद स्पष्ट हो गई। कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि जिले में 348 में से अब तक 271 कालोनियों का ही अंतिम प्रकाशन किया गया है। शेष कालोनियों के प्रकाशन पर तहसीलदार, नपा के सीएमओ, उपयंत्री, राजस्व निरीक्षक और पटवारी गंभीर नहीं है। सभी को हिदायत देते हुए कहा है कि शीघ्र ही इन कालोनियों को लेकर की जा रही कार्रवाई उनके सामने पेश करें। कलेक्टर के इस फरमान के बाद अधीनस्थ अमले में हड़कंप मचा हुआ है।

जिले में अवैध कालोनियों की भरमार होने के बावजूद संबंधित अमला कहीं न कहीं कालोनाइजरों को छूट देने का तथाकथित प्रयास कर रहा है। इसी का नतीजा है कि कालोनियों में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में अवैध कालोनाइजरों के खिलाफ बंपर आवेदन पहुंच रहे हैं, इससे जिले के शीर्ष अधिकारियों को मामला न सुलझाने पर प्रादेशिक स्तर पर चेतावनी मिल रही है। बैतूल में हर टीएल की बैठक में कलेक्टर अपने एजेंडा साफ करते हैं। इसमें अवैध कालोनियों का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल किया जाता है, लेकिन न तो तहसीलदार और न ही नपा के सीएमओ, एई और उपयंत्री इसे गंभीरता से ले रहे हैं। यही वजह है कि जिले में अवैध कालोनियों की संख्या बढ़ने के अलावा शेष बची कालोनियों का अंतिम प्रकाशन जिला प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है।

कलेक्टर की नाराजगी सामने आई

सांझवीर टाईम्स द्वारा गत 13 जुलाई को 348 में से 271 कालोनियों का अंतिम प्रकाशन के बाद शेष बची कालोनियों का प्रकाशन नहीं करने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके अगले ही दिन कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए अपर कलेक्टर राजीव नंदन श्रीवास्तव को इस मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर ने कलेक्टर के निर्देश जिले के समस्त तहसीलदार नपा के सीएमओ, राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों को इस मामले में पत्राचार करते अनाधिकृत कालोनी में प्राथमिक अधोसंरचना पूरा न करने पर नाराजगी जताई।

पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि 31 दिसंबर 2016 और 31 दिसंबर 2022 के पूर्व अस्तित्व में आई अनाधिकृत कालोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने संबंधित लेआउट एवं प्राक् कलन से संबंधित अंतिम प्रकाशन उपरांत दावे आमंत्रित और अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार नहीं किए गए हैं। जिले में 348 में से केवल 271 कालोनियों का ही अंतिम प्रकाशन किया गया है। शेष कालोनियों का प्रकाशन नहीं करने से शिकायतें मिल रही हैं। अपर कलेक्टर ने इस पर नाराजगी जताते हुए सभी संबंधितों से की गई कार्रवाई से अवगत कराने के लिए निर्देशित किया।

बैतूल नपा के एई की भूमिका पर सवाल

बैतूल नगरपालिका के अंतर्गत सर्वाधिक कालोनियां निर्मित की गई है। इसमें अवैध कालोनियों की संख्या भी बड़ी संख्या में है। जिला मुख्यालय होने के कारण बैतूल नपा के एई नीरज धुर्वे को नोड्ल अधिकारी बनाया गया था। अपर कलेक्टर ने जारी पत्र में बताया कि कालोनियों में समस्त अनुबंधों के अनुसार अंतिम प्रकाशन उपरांत की जानी वाली कार्रवाई का प्रत्येक कालोनीवार डाटा 21 अप्रैल तक प्रस्तुत करने के लिए नोड्ल अधिकारी को निर्देश दिए थे, लेकिन उन्होंने सौंपे दायित्व का आज तक पालन नहीं किया।

अपर कलेक्टर ने कलेक्टर के हवाले से नाराजगी जाहिर करते हुए इस संबंध में नपा के एई धुर्वे को भी समय सीमा में अवैध कालोनियों में की गई कार्रवाई, कितनी कालोनियों में पूर्व में नियम-24 के अंतर्गत राशि वसूलने एवं कितनी कालोनियों को पूर्ण विकास हो गया है? इसकी जानकारी समय पर देने के निर्देशित किया था। हालांकि यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि एई ने अपर कलेक्टर को यह जानकारी दी है या नहीं?

इनका कहना…

अवैध कालोनियों और अंतिम प्रकाशन के संबंध में अधीनस्थों की बैठक ली गई है। सभी को सख्त हिदायत दी गई है कि समय पर शेष कालोनियों का अंतिम प्रकाशन कर जांच रिपोर्ट सौंपे। फाइनल रिपोर्ट कलेक्टर साहब को सौपेंगे।

राजीव नंदन श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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