कलेक्टर ने भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाया, आदेश हवा में

शहर में रोज बड़े वाहनों की धमाचौकड़ी, स्टेशन के सामने लग रही ट्रकों की लंबी कतार

बैतूल। शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को लेकर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देश के बाद तय की गई मियाद एक बार फिर हवा होती नजर आ रही है। आश्चर्य इस बात का है कि शहर की व्यवस्था हो या फिर आम जनता की समस्याओं का समाधान। कोई भी विभाग कलेक्टर के निर्देशों को उतनी तवज्जो नहीं दे रहा जितना देना चाहिए। चाहे वह शहर का अतिक्रमण हो, या भारी वाहनों का प्रवेश हो। शुक्रवार सुबह 7 बजे से स्टेशन के सामने ट्रकों की लंबी कतार लगी हुई होने के बाद लोग तो परेशान होते रहे, लेकिन इन वाहनों को हटाने या कार्यवाही करने के लिए ना ही यातायात पुलिस कोई ध्यान दे रही है और ना ही जनप्रतिनिधि इस समस्या का कोई स्थायी समाधान खोजने के प्रति गम्भीर है।

सड़क पर ही खड़े दर्जनों ट्रक-वाहनों के प्रवेश निषेध का हो रहा उल्लंघन

कुछ ही दिनों पूर्व कलेक्टर के निर्देश के बाद यातायात एवं सड़क सुरक्षा समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे और शाम 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक शहर के किसी भी हिस्से में भारी वाहनों का प्रवेश नहीं हो पाएगा, लेकिन चंद दिनों के भीतर ही इन आदेशों को हवा में उड़ा दिया गया। सुबह 7 बजे से स्टेशन रोड पर एक के पीछे एक दर्जनों ट्रकों के खड़े होने के बाद सड़क की एक लेन पूरी तरह बाधित कर दी गई। इस दौरान पल पल सड़क पर जाम लगते रहा। यात्री बसों के साथ साथ स्कूली बच्चों के वाहन और स्टेशन से निकलने वाले सवारी ऑटो, जाम में फंसते रहे।

वहीं जिन दुकानों के सामने यह ट्रक खड़े हुए थे, वे दुकानदार भी परेशान होते रहे, क्योंकि उनकी ग्राहकी भी इससे प्रभावित हो रही थी, लेकिन एक भी ट्रेफिक कर्मी यहां मौजूद नहीं था जो आम जनता को होने वाली परेशानियों को सुलझाने का प्रयास करता नजर आता। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि स्टेशन के सामने ट्रकों का इस बेतरतीबी से खड़े रहना हमेशा का शगल बन चुका है, लेकिन ना ही कोई कार्यवाहि की जाती है और ना ही व्यवस्था बनाये जाने के कोई प्रयास किये जा रहे हैं। जिससे पुलिस चौकी से लेकर कांतिशिवा चौक तक सभी दुकानदारों सहित आम जनता परेशान है।

समिति को सांझवीर का सुझाव

चूंकि यहां रेलवे गोडाउन होने से ट्रकों में माल की लोडिंग अनलोडिंग का होना भी जरूरी है, लेकिन यदि समिति के सदस्य चाहें तो समस्या का समाधान भी निकाला जा सकता है। सांझवीर टाईम्स के सुझाव के मुताबिक रेलवे गोडाउन से लेकर स्टेशन परिसर में इतनी जगह मौजूद है कि एक बार मे इस परिसर के भीतर करीब एक दर्जन ट्रकों को खड़ा किया जा सकता।

रेलवे की रैक लगने के बाद पहले इन ट्रकों को लोड कर बाहर निकालने के बाद ही दूसरे ट्रकों को यदि प्रवेश दिया जाए तो काफी हद तक समस्या का समाधान हो सकता है। प्रशासन को इसके लिए सीधे ट्रांसपोर्टर को यह निर्देश देने होंगे कि परिवहन के लिए जो ट्रक लगाए जा रहे हैं उन्हें खड़े किए जाने की व्यवस्था स्टेशन रोड के अलावा कहीं और कि जाए। जैसे-जैसे ट्रक लोड हों उसके तत्काल बाद अन्य जगहों पर खड़े ट्रकों को परिसर में सीधा प्रवेश मिल सके। यदि इस तरह का प्रयास किया जाता है तो काफी हद तक इस समस्या का समाधान होने की सम्भवना बन सकती है।

इनका कहना…..
स्टेशन के बाहर ट्रकों की पार्किंग किए जाने की सूचना पर ट्रेफिक कर्मी मौके पर भेजे गए हैं। स्थायी समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से चर्चा करेंगे।

गजेंद्र केन, यातायात प्रभारी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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