Betul Samachar: बैतूल में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त जिपं अध्यक्ष का लगातार अपमान

Betul News: Continuous insult of Zila Panchayat president who has state minister status in Betul

भाजपा में खींच रही लक्ष्मण रेखा, जनपदों के सामूहिक विवाह के फ्लैक्स से भी नदारद राजा की फोटो

Betul Samachar: बैतूल। बैतूल जिले की भाजपाई राजनीति की तथाकथित लक्ष्मण रेखा से सत्तारूढ़ पार्टी में अब तलवारें खींचने लगी है। इसके दुर्गामी परिणाम आने वाले समय में देखने को मिल सकते हैं। जिले से राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त जिला पंचायत अध्यक्ष की शासकीय कार्यक्रमों में लगातार उपेक्षा का मामला उबाल ला रहा है। पहले उनके ही क्षेत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री के कार्यक्रमों में उनसे दूरी बनाई गई। अब जिले की कुछ जनपदों में हुए सामूहिक विवाह में उनके फोटो नहीं लगे थे। इस पर राजनीति खासी गरमाई हुई है।
प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष को पावरफुल बनाते हुए राज्यमंत्री का दर्जा दिया है।

स्थानीय विधायकों के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष जिले में सबसे पावरफुल कहलाते हैं, लेकिन बैतूल जिले में तथाकथित लक्ष्मण रेखा की राजनीति से राज्यमंत्री का ओहदा वाला जिला पंचायत अध्यक्ष का पद केवल औपचारिक बनकर रह गया है। खासकर विधानसभा चुनाव के बाद परिस्थितियां ऐसी बदली है कि बैतूल के जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार अपने ही क्षेत्र में अपमान का घुट पीकर रह जा रहे हैं। वे तेज तर्रार भाजपा नेता कहलाते हैं, लेकिन भाजपा की गाइडलाइन के बाहर जाकर कभी विरोध करने की चेष्टा नहीं की, इसकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की जानी चाहिए।

अपने ही क्षेत्र में लगातार उपेक्षा का शिकार

राज्यमंत्री का ओहदा मिलने के बावजूद जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार अपने ही क्षेत्र में लगातार अपमानित महसूस कर रहे हैं। उन्हें क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में कई जगह आमंत्रण नहीं मिल रहा है। इसके अलावा शासकीय कार्यक्रमों में बनने वाले शिलालेखों से उनका नाम नदारद रहता है। नियमानुसार सांसद और विधायक के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम हर शिलालेख में होना अनिवार्य है, लेकिन क्षेत्र के जनपद सीईओ और अन्य अधिकारी इसे लगातार नजरअंदाज कर रहे हैं। पिछले दिनों उस समय हद हो गई जब केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके मुलताई में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आए थे।

वे शासकीय कालेज मुलताई में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष को इस कार्यक्रम न आमंत्रित किया और न ही शिलालेख में उनका नाम उल्लेख करना उचित समझा। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष ने इस मामले में कोई आपत्ति नहीं जताई, लेकिन उनके कुछ समर्थकों ने आपत्ति ली तो अधिकरियों ने इतना जरूर कहा कि भविष्य में गलती की पुनरावृत्ति नहीं होगी, लेकिन गलती और अपमान करने के बाद अधिकारी इस तरह की बात कहकर राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त जिला पंचायत अध्यक्ष को कहीं न कहीं नजरअंदाज कर रहे हैं। आखिर यह किसके इशारे पर हो रहा है, यह अधिकारी भी नहीं बता पा रहे हैं।

अधिकारियों को भी सारी जानकारी, फ्लैक्स में भी फोटो गायब

राज्यमंत्री का दर्जा होने के कारण जिला पंचायत अध्यक्ष राजा पवार को नजर अंदाज किए जाने के कई मायने निकल रहे हैं। यदि भूलवश एक बार ऐसा हो तो कोई भी यकीन कर लेगा, लेकिन बार-बार इस तरह के मामले सामने आने से जिले की भाजपा राजनीति में तथाकथित लक्ष्मण रेखा को जिम्मेदार माना जा रहा है। चौकाने वाली बात तो यह है कि जिला पंचायत के अधिकायिों को भी इसकी सूचना मिली, लेकिन एक बार गलती होने के बाद उसे दोबारा सुधारने के प्रयास नहीं किए।

खबर है कि शुक्रवार को आठनेर जनपद में हुए सामूहिक विवाह के मंच पर लगे मुख्य फ्लैक्स से ही जिपं अध्यक्ष की फोटो नदारद थी। हालांकि इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शामिल नहीं हुए, लेकिन नियम के अनुसार उनकी फोटो हर जनपद के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लगाने का नियम है।

इनका कहना……

जिपं अध्यक्ष को नजरअंदाज करने का सवाल ही नहीं है। कुछ कार्यक्रमों में उनकी फोटो नहीं लगी है, लेकिन अधिकांश जगह फोटो लगाई जा रही है। अधिकारियों को इस संबंध में हिदायत भी दी गई है।

अक्षत जैन, जिपं सीईओ बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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