Betul News: बैतूल के लिए खुलेगा उम्मीदों का बड़ा पिटारा!

Betul News: A big box of hopes will open for Betul!

जनजाति विभाग के 13 हजार करोड़ के बजट से जिले को 200 करोड़ भी मिले तो भाग्योदय होना तय

Betul News: बैतूल। आजादी के बाद पहली मर्तबा भाजपा से किसी सांसद को मंत्री बनने का मौका मिला है। हालांकि कांगे्रस इससे आगे रहते हुए दो मर्तबा पूर्व ओलम्पियन असलम शेर खां को केंद्रीय मंत्री बनाकर बाजी मार चुकी है, लेकिन इस मर्तबा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय क्षेत्र का सूखा 29 वर्ष बाद खत्म कर दिया है। दूसरी मर्तबा जीत हासिल करने वाले डीडी उइके को जनजाति मामलों का राज्यमंत्री बनाकर वर्षों पुरानी मांग को तरहीज दी गई है। अब 13 हजार करोड़ के बजट वाले इस मंत्रालय से जिले के लोगों को भी उम्मीद है कि कई विकास कार्यों के लिए बड़ी राशि स्वीकृत हो सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रत्याशित रूप से अपने मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सांसदों को चाय पर बुलाया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि हमारे क्षेत्र से दूसरी बार जीत हासिल करने वाले डीडी उइके को भी चाय पर निमंत्रण आएगा। जब टीवी पर लोगों ने उन्हें देखा तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शाम को मंत्रिमंडल में शपथ ग्रहण के बाद उम्मीदों चार चांद लग गए। जिले में जश्न का माहौल शुरू हो गया था, आतिशबाजी से आसमान गूंजायमान हो गया। लोगों की उम्मीदों को पंख लगने शुरू हो गए कि अब उनके क्षेत्र का भी महानगरों की तर्ज पर विकास होगा। लोगों की उम्मीद वाजिब कही जा सकती है। वर्षों से जिला बड़े उद्योग और विकासोन्मुखी कार्यों की बाट जोह रहा है।

बेरोजगारी की समस्याओं पर अधिक फोकस

सूत्र बताते हैं कि मंत्री बनने के बाद उइके ने अपना एजेंडा तय कर लिया है, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि अन्य संसदीय क्षेत्र की तरह वे भी अपने क्षेत्र को मॉडल के रूप में स्थापित करने का मन बना चुके हैं। इसके लिए सबसे अधिक फोकस जनजाति क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर मुहैया कराना है। सूत्र बताते हैं कि 13 हजार करोड़ के अपने बजट वाले विभाग के मद से यदि बड़े उद्योग लगाने के लिए राज्य सरकार को राशि आवंटित होती है तो निश्चित रूप से बड़ी तादाद में युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। जिले में कोसमी, मुलताई के पास मोही और घोड़ाडोंगरी के पास चोरडोंगरी में उद्योग स्थापित करने के लिए पहले ही सर्वे हो चुका है।

ट्रेनों के स्टॉपेज और महत्वकांक्षी योजनाओं को भी मिलेगा महत्व

सूत्र बताते हैं कि मंत्री बनने के बाद उइके ने अपनी पहली प्राथमिकता ट्रेनों के स्टापेज को भी महत्व देंगे। दरअसल पूर्व कार्यकाल में चाहकर भी वे जिले के बैतूल, आमला, मुलताई और घोड़ाडोंगरी में जनता की मांग पर ट्रेनों का स्टापेज नहीं करवा पाए। यहां रेलवे ने कई तरह के पेंच बताए। अब चूंकि वे खुद मंत्री बन गए हैं, ऐसे में अपने संसदीय क्षेत्र में ट्रेनों के स्टापेज के लिए रेलवे के अधिकारियों से पत्राचार करते हैं तो प्राथमिकता मिलना तय है। ऐसे में जिले के बड़े और छोटे स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टापेज अगले पांच वर्षों में मिलना तय माना जा रहा है। इसके अलावा केंद्र की महत्वकांक्षी योजनाओं का भी लाभ देने के लिए उइके कटिबद्ध दिखाई दे रहे हैं।

जब मंत्री नहीं थे,तब उनके ही विभाग से अस्पताल के लिए मिले 18 करोड़

यहां गौर करने वाली बात यह है कि प्रदेश में जब कमलनाथ सरकार थी, तब डीडी उइके के सांसद रहते हुए तत्कालीन पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने अपने संयुक्त प्रयासों से केंद्र के जनजाति मंत्रालय से जिला अस्पताल के नवीन भवन के लिए 18 करोड़ रुपए स्वीकृत करा लाए थे। अब यह अस्पताल भवन बनकर लगभग तैयार हो चुका है। ऐसे में जनजाति विभाग के 13 हजार करोड़ के बजट में से मेडिकल कालेज के लिए भूमि चयन एवं अन्य राशि के अलावा जिले के स्कूलों और पर्यटन स्थल के लिए भी जनजाति मंत्रालय से बजट मिलता है तो विकास कार्यों को पांच वर्षों में पंख लगने से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे नवनियुक्त मंत्री की सोच इन सभी कार्यों के लिए सकारात्मक दिख रही है, इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता है कि आने वाले पांच वर्षों में जिले की तकदीर बदल सकती है।

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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