MP Transfer News: तबादला नीति से उड़ी सत्ता और प्रशासन की नींद

स्थानांतरण पर लगी रोक एक मई से तीस मई तक शिथिल

MP Transfer News: बैतूल। प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण नीति की घोषणा के बाद बैतूल जिले में वर्षों से एक ही पद पर टिके अधिकारियों और कर्मचारियों की कुर्सी हिलेगी या नहीं, इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने स्थानांतरण पर लगी रोक एक मई से तीस मई तक शिथिल कर दी है।

इस बीच सभी विभागों में स्थानांतरण के आवेदन लिए जाएंगे। मगर सवाल यह है कि क्या इस बार वास्तव में 15 से 20 सालों से एक ही जगह जमे कर्मचारियों का स्थानांतरण हो पाएगा या फिर हमेशा की तरह सत्ता, सिफारिश और जुगाड़ के बलबूते वे अपनी कुर्सी बचा लेंगे।

प्रशासनिक गलियारों से मिल रही जानकारी के अनुसार मई के अंतिम सप्ताह में तबादला सूची तैयार कर प्रभारी मंत्री के पास भोपाल ले जाई जाएगी। इस सूची पर प्रभारी मंत्री के दस्तखत होंगे या नहीं, यह अब तक स्पष्ट नहीं किया गया है। लेकिन विभागवार सूची बनाने की तैयारी प्रशासनिक स्तर पर शुरू हो चुकी है।

शिक्षा, राजस्व, आदिम जाति कल्याण, वन, विद्युत मंडल, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, उच्च शिक्षा, जल संसाधन, पीएचई, कृषि और पंचायत जैसे विभागों में ऐसे अनेक अधिकारी-कर्मचारी हैं जो पिछले डेढ़ से दो दशक से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं। इनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि न तो कोई इन्हें हटा पाता है और न ही तबादला सूची में इनका नाम शामिल हो पाता है।

सरकारी सेवा में तीन वर्ष से अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहना नियमों के विरुद्ध है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। क्लास थ्री और क्लास फोर स्तर के कर्मचारी अक्सर स्थानीय नेताओं और विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ कर वर्षों तक एक ही जगह टिके रहते हैं। जबकि क्लास वन और टू के अधिकारियों को ही जिले से तबादला किया जाता है।

प्रदेश सरकार की नई स्थानांतरण नीति के अनुसार एक मई से तीस मई तक की अवधि में स्थानांतरण पर लगी रोक हटाई गई है। इस दौरान प्रशासनिक एवं स्वैच्छिक तबादले हो सकेंगे। इस नीति के तहत हर विभाग में पदों की संख्या के आधार पर एक निश्चित प्रतिशत में तबादले किए जाएंगे। जिन पदों की संख्या दो सौ तक है, वहां बीस प्रतिशत, दो सौ एक से एक हजार तक पंद्रह प्रतिशत, एक हजार एक से दो हजार तक दस प्रतिशत और दो हजार से अधिक पदों वाले विभागों में पांच प्रतिशत कर्मचारियों के तबादले किए जाएंगे।

अब सभी विभागों में तबादले के लिए कर्मचारी आवेदन करना शुरू कर रहे हैं। इन्हीं आवेदनों के आधार पर मई के अंत में विभागीय स्तर पर सूची तैयार की जाएगी, जिसे प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के लिए भोपाल भेजा जाएगा। लेकिन यह सूची किन नामों तक पहुंचेगी और किन्हें वास्तव में स्थानांतरित किया जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि तबादले की फाइलें प्रभारी मंत्री तक पहुंचती हैं या नहीं, और अगर पहुंचती हैं तो उनमें किसकी सिफारिश भारी पड़ती है।

हर साल की तरह इस बार भी चर्चा यही है कि तबादला नीति भले ही सख्त हो, लेकिन राजनीतिक पकड़, अफसरों से नजदीकी और विभागीय साजिशों के चलते वर्षों से टिके बैठे कर्मचारियों की कुर्सी शायद ही हिले। सरकार किसी भी पार्टी की हो, अंगदी कर्मचारियों की पकड़ हर दौर में कायम रही है।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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