Betul Samachar : अजेय सांसद के पुत्र हेमन्त ने पिता के सपनों को किया साकार

Betul News: Invincible MP's son Hemant made his father's dreams come true

पिता की विरासत को सेवा में बदलकर निभाया फर्ज, पितृभक्ति की दिखी अद्भुत मिसाल

Betul Samachar : बैतूल। फादर्स-डे के अवसर पर जब दुनिया अपने पिता को याद कर रही है, बैतूल की जनता एक ऐसे पुत्र को सलाम कर रही है, जिसने अपने पिता की विरासत को जीवित रखने के साथ उसे सेवा के माध्यम से समाज का कर्ज चुकाने का जरिया बना दिया। यह उदाहरण हैं विधायक हेमन्त खंडेलवाल, जिन्होंने अपने पिता स्व.विजय कुमार खंडेलवाल, जो अजेय सांसद के रूप में पहचाने जाते थे। इनकी विचारधारा को आत्मसात किया, उसे ज़मीन पर उतारने का काम भी किया।

सांसद विजय खंडेलवाल के दिवंगत होने के बाद जब हेमन्त खंडेलवाल ने 2008 में बैतूल से सांसद के रूप में शपथ ली थी, तभी से यह सा$फ हो गया था कि यह पुत्र सिर्फ नाम नहीं, कर्म में भी अपने पिता का उत्तराधिकारी साबित होगा। राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानने वाले विजय खंडेलवाल के सिद्धांतों को हेमन्त खंडेलवाल ने आत्मा की तरह अपनाया। हेमन्त ने राजनीति के साथ अपने पिता के आदर्शों पर चलकर विजय सेवा न्यास की स्थापना कर यह स्पष्ट कर दिया कि उनके लिए राजनीति सिर्फ चुनाव लड़ने और कुर्सी तक सीमित नहीं है, यह माध्यम है उन लोगों तक पहुचने का जिनकी कोई सुनवाई नहीं होती। इस न्यास के अंतर्गत दर्जनों प्रकल्प आज समाज की सेवा में सतत लगे हैं।

गरीबों की सेवा से लेकर हर तरह का उठाया बीड़ा

चाहे गरीबों के लिए शव वाहन की सुविधा हो, या मेधावी छात्रों के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था, हर पहलू में सेवा और संवेदना का वो ही भाव झलकता है जो विजय खंडेलवाल की पहचान थी। बैतूल के गांवों में जब कोई असहाय शव वाहन के इंतज़ार में होता है, तो विजय सेवा न्यास की गाड़ी समय पर पहुचकर उस परिवार के दुख को कुछ पल के लिए कम कर देती है। जब कोई छात्र आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने की कगार पर होता है, तो वही न्यास उसे नि:शुल्क कोचिंग और सामग्री देकर उसका भविष्य संवार देता है। सबसे बड़ी बात यह है कि विजय न्यास सेवा के माध्यम से अपने दिवंगत पिता की याद को ताजा रखने के लिए विधायक हेमंत ने न्यास के माध्यम से 26 बेसहारा बच्चों की 12 तक की पढ़ाई का जिम्मा उठाया।

इसके बाद पिता को सच्ची श्रद्धांजलि देते हुए निजी स्कूल में पढ़ने वाले कई बच्चों की फीस न्यास द्वारा जमा कर उनकी पाठ्य सामग्री के लिए प्रति वर्ष 2 हजार की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा बेसहारा बच्चों के परिजनों को प्रतिवर्ष 20 हजार रुपए की मदद और ऐसे बच्चों की माताओं के लिए रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। अपने पिता की याद में बेहतर चिकित्सा सेवा के लिए चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए न्यास सेवा द्वारा शुरू की गई हाईटेक कोचिंग से 2 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाया है। स्पोकन इंग्लिश, कंप्यूटर, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी जिम्मेदारी ली है।

पिता की छवि से अलग होने की कोशिश नहीं की

विधायक रहने के बावजूद हेमन्त खंडेलवाल ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी पिता की छवि से अलग होने की कोशिश नहीं की, बल्कि उन्होंने उसी छवि को सशक्त बनाते हुए जनमानस में एक नई पहचान बनाई। 2013 से 2018 तक विधायक रहते हुए उन्होंने बैतूल की सड़कों से लेकर स्कूलों तक, हर क्षेत्र में विकास की इबारत लिखी। 2023 में एक बार फिर जनता ने उन्हें आशीर्वाद देकर यह साबित कर दिया कि सेवा, सादगी और सच्चाई आज भी राजनीति में सबसे बड़ी ता$कत है। फादर्स डे पर जब लोग उपहारों और संदेशों के जरिये अपने पिता को याद करते हैं, तब हेमन्त खंडेलवाल की यह जीवन यात्रा बताती है कि असली श्रद्धांजलि वही होती है, जब कोई पुत्र अपने पिता के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के लिए कुछ कर सके।

विजय खंडेलवाल के प्रति यह पितृभक्ति भावनाओं तक सीमित नहीं रही, यह कर्म के रूप में समाज के हर वर्ग तक पहुंची। आज जब भी कोई आम नागरिक मदद के लिए देखता है, तो उसे एक नेता नहीं, एक पुत्र दिखता है जो अपने पिता के सिद्धांतों को अपने जीवन का सबसे बड़ा गुरुमंत्र मान चुका है। हेमन्त खंडेलवाल का यह समर्पण बताता है कि पिता की विरासत जमीन-जायदाद से नहीं बनती, उन मूल्यों, संस्कारों और विचारों से बनती है जो पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को संवारते हैं।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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