Betul News: टाइम लिमिट की बैठक के निर्देशों पर कई विभाग बेपरवाह
Betul News: Many departments are indifferent to the instructions of time limit meeting

कलेक्टर के शहर में अतिक्रमण और गुमठियों के अलावा मंडी में किसानों को भुगतान समय पर देने के निर्देश हवा में
Betul News: बैतूल। शासन ने टाइम लिमिट की बैठक हर सोमवार को आयोजित कर कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी है, लेकिन बैतूल ऐसा जिला है, जहां एक नहीं अधिकांश विभाग प्रमुख इसे काफी हल्के में ले रहे हैं। भले ही इसके लिए उन्हें अगली टीएल की बैठक में फटकार पड़ जाए। इससे कोई सरोकार नहीं है। गत सप्ताह टीएल की बैठक में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों पर सबसे अधिक फोकस किया, इसके बाद जनहित के दो विभागों से जुड़े मामलों के लिए काफी देर तक अधिकारियों को हिदायत दी। इनमें पहला शहर में जगह-जगह अतिक्रमण और गुमठियों के अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुख था। इसके बाद कलेक्टर के संज्ञान में कृषि उपज मंडी में किसानों की उपार्जन का भुगतान समय पर नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। मसलन कलेक्टर ने सीएमओ और मंडी सचिव को इस समस्या का हल करने के लिए तत्काल निर्देश दिए थे, लेकिन दस दिन का समय बीत जाने के बाद भी न तो शहर से गुमठियां हटी और न ही किसानों को समय पर भुगतान हो पा रहा है।
बैतूल में जनप्रतिनिधि भी अधिकारियों की लापरवाही पर अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर चुके हैं। यह बात इतर है कि अधिकारी जिले के जनप्रतिनिधियों की बातों को कितना तवज्जों दे रहे हैं, लेकिन इतना है कि इनमें से कुछ अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें बैतूल जिले में नहीं रहना है। इसी वजह वे जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर के आदेशों को भी अनसुना कर रहे हैं। खासकर टाइम लिमिट की बैठक में कलेक्टर लोगों से जुड़े विभागों की समीक्षा के दौरान अक्सर सख्ती दिखाते हुए आए हैं, लेकिन उन्हें जिले में पदस्थ होने को दस माह हो गए है। कई विभाग के अधिकारी कलेक्टर के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे कलेक्टर चाहकर भी अब कुछ नहीं कर पा रहे हैं। नतीजा यह हुआ कि कई समस्याओं के निराकरण की टाइम लिमिट भी निकलते जा रही है और आम लोग परेशान हो रहे हैं।
गुमठियां और अतिक्रमण दस दिन बाद भी मुंह चिढ़ा रही
गत सप्ताह टीएल की बैठक में कलेक्टर सूर्यवंशी ने बैतूल नपा के सीएमओ को कहा था कि शहर में जगह-जगह अवैध अतिक्रमणकर गुमठियां लगाई जा रही है। इसके कारण आए दिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। जनप्रतिनिधियों और आम लोगों की भी लगातार शिकायत मिल रही है। कलेक्टर ने सीएमओ को निर्देशित किया था कि बैठक के अगले दिन से ही अतिक्रमण को चिन्हित कर शहर में लग रही गुमठियों को हटाने के लिए अभियान चलाए। किन-किन स्थानों से अतिक्रमण हटाया है। इसकी जानकारी टीएल की बैठक में रखा जाए। कलेक्टर ने हिदायत देते कहा था कि शाम को होने वाली वीडियो कांफ्रेंस में यह मामला रखे, लेकिन ताजुब की बात यह है कि बैठक को दस दिन का समय बीत गए, लेकिन शहर में लगी गुमठियां और अतिक्रमण आज भी मुंह चिढ़ा रहे हैं। इतना जरूर है कि नपा ने कुछ अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।
किसानों को भुगतान के लिए कोई सीमा निर्धारित नहीं
बैतूल की कृषि मंडी ऐसी हो गई है, जहां सचिव के अधीनस्थ भारी भरकम महकमा होने के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं सुधर रही है। पहले तो यहां पर परिसर के अंदर और बाहर व्यापारियों द्वारा खरीदी गई उपज कई दिनों तक नहीं हट रही। किसानों को उपज डालने के लिए जगह नहीं बची। दूसरी तरफ उपज बेचने के बाद किसानों को समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है। कलेक्टर के भी संज्ञान में यह मामला आने के बाद उन्होंने सचिव को कई बार चेतावनी दी, लेकिन नतीजा सिफर निकला। बीते सप्ताह टीएल की बैठक में कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए सचिव को निर्देश दिए थे कि किसानों को नियमित भुगतान करना सुनिश्चित करें। बैतूल के अलावा मुलताई, भैंसदेही की कृषि मंडियों में भी संबंधित एसडीएम व्यवस्था बनाने के लिए भ्रमण करें, लेकिन हालात यह है कि आज भी किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस संबंध में मंडी सचिव को काल किया, लेकिन उनका मोबाइल कवरेज के बाहर होने कारण चर्चा नहीं हो सकी।
इनका कहना…
कलेक्टर साहब के निर्देश पर हमने अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर नोटिस देना जारी कर दिया है। इस मर्तबा शहर में नोटिस के बाद अतिक्रमणकारियों और गुमठियों को हर हाल में हटाने की कार्रवाई कर कलेक्टर को टीएल मेें अवगत कराया जाएगा।
सतीष मटसेनिया, सीएमओ बैतूल




