Betul Samachar: ई-केवाईसी नहीं करने वालों को 1 दिसंबर से नहीं मिलेगा गैस सिलेंडर

जिले में 3 लाख 46 हजार गैंस उपभोक्ता, 60 फीसदी ही लोगों की हो पाई ई-केवाईसी
Betul Samachar: बैतूल। जिले में रसोई गैस सिलेंडर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को आधार प्रमाणीकरण यानी ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, लेकिन इसके बावजूद हजारों ग्राहकों ने अब तक इसे नहीं करवाया है। इसके चलते उनके गैस की रिफिलिंग एजेंसियों ने बंद कर दी है। जबकि सरकार ने इन्हें डेढ़ साल पहले ही ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। मगर इसके बावजूद ग्राहकों द्वारा लापरवाही बरतने से अब उनके सिलेंडर भरवाने पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं गैस एजेंसियों द्वारा उपभोक्ताओं को फोन करके ई-केवायसी कराने पर ही सिलेंडर मिलने की चेतावनी दी जा रही है। ई-केवाईसी नहीं होने के कारण उपभोक्ताओं के सामने परेशानी खड़ी हो सकती है। गैंस एजेंसी संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं से बार-बार आग्रह किया जा रहा है कि वे ई-केवाईसी करे अन्यथा परेशानी बढ़ेंगी। शासन के भी निर्देश है कि हर हाल में ई-केवाईसी का कार्य पूरा किया जाए।
1 दिसंबर से बंद हो सकते हैं गैस कनेक्शन
जानकारी के अनुसार जिले में करीब 26 गैस एजेंसियों का संचालन हो रहा है। जिले में कुल 3 लाख 46 हजार गैस उपभोक्ता है। जिसमें 2 लाख 10 हजार उज्जवला और 1 लाख 36 हजार अन्य कनेक्शन शामिल है। एजेंसी द्वारा इन उपभोक्ताओं को डेढ़ साल पहले ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए थे। जिनमें से करीब 60 से 65 प्रतिशत ही लोगों ने ही ई-केवायसी करवाई है। बाकी हजारों उपभोक्ताओं ने आधार प्रमाणीकरण का कार्य नहीं कराया है। इसके चलते शासन के निर्देशानुसार इन ग्राहकों के गैस सिलेंडर रिफिल करना एजेंसी ने बंद कर दी है। साथ ही अब उनकी सरकार से गैस की सब्सिडी भी बंद होने की स्थिति में आ गई है। शासन ने 30 नवंबर तक ई-केवाईसी कराने का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद 1 दिसंबर से ई-केवाईसी नहीं कराने वालों के गैस कनेक्शन भी बंद भी किए जा सकते हैं।
इस तरह से करें ई-केवाईसी
सबसे पहले आपको वेबसाइट पर जाना होगा। अब आपको अपनी गैस कंपनी का एप डाउनलोड करना होगा। अब आपको उस ऐप को ओपन करना है, इसके बाद अपना वही नंबर दर्ज करना है जो एलपीजी आईडी में है। फिर आधार ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी विकल्प चुनें। अब आधार फेस आरडी ऐप के माध्यम से चेहरे की पहचान पूरी करें। सबसे पहले आपको निकटवर्ती गैस एजेंसी पर जाना होगा। अब वहां पर आपको अपना कार्ड जो गैस कनेक्शन के समय दिया गया था वह प्रस्तुत करना होगा। फिर आपको अपना आधार कार्ड देना होगा। इसके बाद आपका फिंगर लिया जाएगा और आपका केवाईसी प्रक्रिया को पूरा कर दिया जाएगा।
कई उपभोक्ता हो जाएंगे कम
उल्लेखनीय है कि सालों से दो नामों से गैस कनेक्शन का उपयोग कर रहे हैं। जिसमें कई उपभोक्ता शहर में रहते नहीं है या फिर मृत हो चुके हैं। लेकिन उनके परिवार के लोग गैस सिलेंडर भरवाने के साथ ही सरकार की सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं। इसलिए सरकार ने उपभोक्ता की ई-केवाईसी की जाना अनिवार्य किया है। इसी के तहत सरकार ने सती दिखाते हुए ई-केवाईसी करवाई जा रही है। इससे अपात्र उपभोक्ता बाहर हो जाएंगे, वहीं सब्सिडी का लाभ भी सही व्यक्ति तक पहुंचेगा। सरकार के इस फरमान के बाद उपभोक्ताओं में हड़कंप है। पात्र हितग्राही तो एजेंसियों पर ई-केवाईसी कराने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन अन्य लोग घबरा रहे हैं।
इनका कहना….
ई-केवाईसी करना अनिवार्य कर दिया है, जो उपभोक्ता ई-केवाईसी नहीं करने वालें लोगों की परेशानी बड़ सकती है।
केके टेकाम, जिला आपूर्ति अधिकारी, बैतूल




