Betul Samachar: चालानी कार्यवाही जायज, सलामत रहे झांकी तो ही बनेगी बात
Betul Samachar: Challan action is justified, matter will be resolved only if the tableau remains safe

जिले के 18 थानों में यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर 15 दिनों में वसूले 9 लाख, जागरूकता भी नहीं आ रही काम, 61 के मुकाबले मात्र 22 का बल
Betul Samachar: बैतूल। शहर में बीते कुछ वर्षों से यातायात तेजी से बढ़ा है। वाहनों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन इस हिसाब से यातायात कंट्रोल करने में पुलिस अभी भी काफी हद तक नाकाम है। इसका साफ वजह बल की कमी है। सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि स्कूल कॉलेजों में चलाएं जा रहे जागरूकता अभियानों के भी कोई असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।
पिछले पन्द्रह दिनों में पुलिस चालानी कार्यवाही में भारी इजाफा हुआ है। इस कार्यवाही का डर भी लोगों में साफ नजर आ रहा है। हालांकि बल की कमी भी साफ नजर आ रही है, यातायात के लिए 61 कर्मचारियों का बल स्वीकृत है, लेकिन इसके मुकाबले मात्र 22 कर्मचारी ही यातायात व्यवस्था संभाल रहे हैं। अब सवाल यह है कि, थोक में चालानी कार्यवाही तो जायज है, लेकिन पुलिस की यह झांकी यदि लम्बे समय तक कायम रहती है तब ही बात बन सकती है।
18 थानों मेुं 15 दिन में चालान से वसूले 9 लाख 55 हजार
यातायात को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए नए एसपी वीरेंद्र जैन के बागडोर संभालने के तत्काल बाद जिले के सभी 18 थानों में चालानी कार्यवाही में तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे में लोगों में भले ही जागरूकता अभियानों के असर नहीं पड़ रहा, लेकिन चालानी कार्यवाही का डर जरूर नजर आ रहा है। जिले के 18 थानों में 8 सितंबर से 22 सितंबर तक यातायात नियमों का उलंघन करने पर 2 हजार 6 सौ 94 वाहन मालिकों पर कार्यवाही की गई है। वाहन चालकों से 9 लाख 55 हजार 100 रुपए शमन शुल्क वसूल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यातायात पुलिस द्वारा की गई यह कार्यवाही अभी तक की सबसे बड़ी कार्यवाही मानी जा रही है।
आम जनों का मानना है कि स्कूल कालेजों में चलाए जा रहे अभियानों के असर नहीं के बराबर नजर आ रहा है, यह कवायद केवल समय की बर्बादी भर है। शहर सहित जिले में यदि इसी तरह की कार्यवाही आगे भी जारी रहती है तो यातायात नियमों का खुला उलंघन करने वालों के बीच इसका असर भी नजर आएगा और व्यवस्था कायम हो सकती है।
किस थाने में कितनी चालान, कितनी वसूली
जिले 18 थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ वसूली का ही नतीजा है कि महज 15 दिनों में यह आंकड़ा लाखों में पहुंच चुका है। कोतवाली थाना,107 चालान, 34,500 वसूल इसी तरह गंज थाना,42 चालान,13,100,बैतूल बाजार 90 चालान , 31500,साईंखेड़ा, 79 चालान 25100, मुलताई, 26 चालान, 80,300, बोरदेही 76 चालान, 22,800, आमला, 136 चालान, 36,000, सारणी,168 चालान, 51700,चोपना, 97 चालान, 24,900, रानीपुर, 159 चालान,49,500,भैसदेही,92 चालान 31,100, झल्लार 272 चालान 90, 200, मोहदा, 70 चालान,24,500, आठनेर, 123 चालान, 57,500, शाहपुर,242 चालान, 1,04500, चिचोली, 46 चालान ,11,100, बीजादेही, 80 चालान, 18,600, यातायात थाना 549 चालान 2,48,300 रुपए सहित कुल 2 हजार 694 चालान काटे गए जिससे 9 लाख 55 हजार100 रुपए की वसूली की गई।
पुलिस की झांकी आम जन में चर्चा का विषय
यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए यातायात पुलिस को सख्ती बरतने के निर्देशों का ही असर है कि थाना क्षेत्रों में धड़ल्ले से चालानी कार्यवाही की जा रही है। 8 सितंबर से 22 सितंबर तक लाखों रुपए की वसूली तो कर ली गई, लेकिन, जागरूक आम जन का मानना है कि चालानी कार्यवाही पूरी तरह से जायज है और इसका असर सड़क पर साफ नजर आने भी लगा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अभियान लंबे समय तक जारी रह पाएगा ? यदि पुलिस इसी तरह सतत रूप से कार्यवाही करती रही तो यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अंकुश तो लगेगा ही शहर की व्यवस्था भी सुधरेगी। फिलहाल पुलिस की यह झांकी चर्चा में है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक झांकी कायम रहती है तो ही यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।
इनका कहना…..
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्यवाही युद्ध स्तर पर शुरू की गई है। बल की कमी जरूर है, लेकिन पूरे प्रयास किये जा रहे हैं कि यातायात व्यवस्था चाक चौबंद की जा सके।
गजेंद्र केन, यातायात थाना प्रभारी , बैतूल




