Betul Samachar : बारिश ने फींका किया विजयदशमी का चल समारोह
Betul Samachar: Rain spoils Vijayadashami celebrations

झांकियां देखने श्रद्धालुओं की भीड़ नगण्य रही, लल्ली चौक पर भी उत्साह था गायब, सुबह तक विसर्जित होते रही प्रतिमाएं
Betul Samachar : बैतूल। विजयादशमी पर दुर्गा प्रतिमाओं का चल समारोह इस बार बारिश की भेंट चढ़ गया। शाम 7.30 बजे से तेज और बाद में रिमझिम बारिश ने पूरे चल समारोह का मजा किरकिरा कर दिया। लल्ली चौक पर झांकियां देखने वालों का माजमा लगा रहता है, लेकिन कई वर्षों बाद ऐसी स्थिति रही कि महज एक सैकड़ा लोगों की मौजूदगी ही दिखाई दी। हालांकि बारिश के कारण चल समारोह में भी जमकर व्यवधान हुआ। इसी वजह चल समारोह की झांकियां लल्ली चौक पर सुबह तक पहुंची। हमेशा की तरह सबसे आखरी में सितारा मंडल टिकारी की प्रतिमा सुबह 7 बजे के बाद लल्ली चौक से निकली तब अधिकारियों को राहत मिली। हालांकि बारिश के कारण भक्तों का उत्साह पूर्व की तरह नहीं था, लेकिन डीजे की धून पर पूरी रात कई श्रद्धालुओं ने झूमते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
शारदेय नवरात्र पर्व का समापन दशहरा पर हुआ। देवी विसर्जन का दौर शनिवर सुबह से ही शुरू हो चुका था, जो दूसरे दिन रविवार सुबह तक जारी रहा। लल्ली चौक पर सबसे अंत में सुबह 7 बजे टिकारी में विराजित महाकाली की प्रतिमा पहुंची, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाकाली के दर्शन किए। सुबह लगभग लगभग 10 बजे करबला घाट पर महाकाली का विसर्जन किया गया। इसके आगे टिकारी क्षेत्र की करीब डेढ़ दर्जन प्रतिमाएं आगे चल रही थी। एक के बाद एक प्रतिमाओं का करबला घाट में विसर्जन किया गया। अधिकारी भी पूरी मुस्तैदी से काली जी की प्रतिमा आने तक विसर्जन स्थल पर डटे रहे।
बारिश के बावजूद जारी रहा चल समारोह
अन्य वर्षों की अपेक्षा इस बार विजयादशमी पर अखाड़ों और समितियों का चल समारोह कई मायने में ठीक कहा जा सकता है। दरअसल शाम के बाद बारिश होने से संभावना कम थी कि चल समारोह का उत्साह फींका होगा, लेकिन अखाड़ों के कलाकारों ने बारिश की बूंदाबांदी को पीछे छोड़कर खूब करतब दिखाएं, तो मंडल के कार्यकर्ता भी डीजे की धून पर खूब थिकरते रहे। दूसरी ओर कई अखाड़ों के कार्यकर्ताओं ने लल्ली चौक पर हैरत अंगेज प्रदर्शन कर सभी को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया।
डयूटी पर तैनात था अमला
दशहरा के चल समारोह में नगर पालिका ने करबला घाट, इंदिरा कालोनी माचना घाट, विवेकानंद वार्ड घाट, गर्ग कालोनी और राम नगर में भी विसर्जन की व्यवस्था की थी। एसडीएम राजीव रंजन कहार , एसडीओपी शालिनी परस्ते, कोतवाली टीआई देवकरण डेहरिया समेत भारी संख्या में पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि चल समारोह फींका रहने के बाद इस वर्ष बड़े अधिकारी यहां नहीं आए। सुबह सितारा मंडल टिकारी की काली प्रतिमा निकलते तक अधिकांश अधिकारी लल्ली चौक पर मौजूद रहे। प्रशासन और पुलिस के मुस्तैदी से डटे रहने के कारण चल समारोह में कहीं से भी विवाद जैसी स्थिति की सूचना नहीं मिली है।
दोपहर तक चला विसर्जन का सिलसिला
इस वर्ष चल समारोह बारिश के कारण काफी विलंब हुआ। यही वजह है कि करबला और बडोरा के माचना घाट पर मूर्ति विसर्जन के लिए रविवार दोपहर तक विसर्जन का सिलसिला चलते रहा। बड़ी प्रतिमाओं को क्रेन के सहारे करबला और दैय्यत बाबा घाट पर विसर्जित किया गया। इस दौरान पुलिस के साथ प्रशासन के अधिकारी भी व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। शहर के आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर रविवार शाम को भी शहर की कुछ काली और शंकर प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसके लिए भी नगरपालिका ने तैयारियां कर रखी है।




