Betul News: सीएमएचओ ने रिश्वतखोर बाबू को अपने हस्ताक्षर से कर दिया अटैच

Betul News: CMHO attached bribe taker babu with his signature

मीडिया ने मामला उठाया तो बोल पड़े- गलती से उन्होंने हस्ताक्षर किए , अब बदलेंगे आदेश

Betul News:  बैतूल। बैतूल के सीएमएचओ अजब, गजब है, इसमें कोई दोराय नहीं। जिस जिम्मेदारी के साथ उन्हें सीएमएचओ की कुर्सी मिली है, इसका वे सद्पयोग नहंी कर पा रहे हैं। दरअसल पदस्थापना के बाद से वे फाइलों पर आंख बंद कर हस्ताक्षर करने के आदी हो चुके हैं।

यही वजह है कि वे लगातार विवादों में घिर रहे हैं। ताजा मामला सहायक ग्रेड-3 अखिलेश मालवी को सीएमएचओ कार्यालय की शिकायत शाखा का जिम्मा देने पर सामने आया है। जबकि लिपिक पर लोकायुक्त में प्रकरण चल रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देश है कि लोकायुक्त और अन्य एजेंसियों द्वारा ट्रेप किए गए कर्मचारियों को संवेदनशील दायित्वों से पृथक रखा जाए, लेकिन सीएमएचओ ने शासन के तमाम आदेशों को रद्दी की टोकरी में डालकर लिपिक अखिलेश मालवी को 19 सितंबर को निकाले एक आदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिचोली से सीएमएचओ कार्यालय की शिकायत शाखा में करने के आदेश दे डाले। जब यह बात सांझवीर टाईम्स को सूत्रों से मिली तो बीती शाम सीएमएचओ डॉ रविकांत उइके से चर्चा की गई।

उन्हें भी इस बात का अफसोस है कि भूलवश यह आदेश निकाल दिया गया। उन्होंने यह भी कबूली की उन्हें इस बारे में बिलकुल जानकारी नहीं थी। लिपिक मालवीय का प्रकरण लोकायुक्त लंबित है। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि आपने ही अपने हस्ताक्षर से आदेश जारी किए हैं तो वे बोल पड़े कि वे देख नहीं पाए। अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य विभाग के मुखिया आंख बंद कर आदेशों और फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग सीएम हेल्पलाइन से लेकर अन्य प्रकरणों में काफी पिछड़ा हुआ है।

शासन के यह आए है आदेश

सामान्य प्रशासन विभाग ने 23 फरवरी 2012 को एक आदेश निकालकर सभी कमिशनर, कलेक्टर और विभाग प्रमुखों को सूचित किया था कि सतर्कता एंजेसियों द्वारा ट्रेप अथवा छापे के प्रकरणों में आरोपी अधिकारियों-कर्मचारियों के संबंध में तीन दिन के भीतर उन्हें जिस पद पर छापे की कार्रवाई हुई है, यहां से स्थानांतरित किया जाए। वे प्रकरणों में पकड़े गए अधिकारी और कर्मचारियों को महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील दायित्वों से पृथक रखा जाए। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के प्रभारी मंत्री से अनुशंसा भी की जाए, लेकिन सीएमएचओ ने न तो प्रभारी मंत्री और न ही कलेक्टर से इस संबंध में अनुमति ली है और स्वहित के लिए आदेश जारी कर दिया।

इनका कहना…

मुझसे इस मामले में गलती हुई है। जल्दबाजी में मेरे द्वारा हस्ताक्षर कर दिए हैं। कल भोपाल से लौटकर यह आदेश तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।

डॉ रविकांत उइके, सीएमएचओ बैतूल

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Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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