Betul News: रामघाटी-शीतलझिरी परियोजना की लेटलतीफी पर विधायक नाराज

सौ प्रतिशत सिंचित बनाने के लक्ष्य को लेकर परियोजनाओं पर अधिकारियों के साथ मैराथन बैठक सड़क और पानी के मामले में भी सख्ती
Betul News: बैतूल। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जल संसाधन विभाग, एमपीईबी (विद्युत विभाग), लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय प्रशासन से संबंधित प्रगतिरत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विधायक एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधायक महेंद्र सिंह चौहान, विधायक चंद्रशेखर देशमुख, विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, विधायक गंगाबाई उईके, कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन सहित संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
विधायक हेमंत खंडेलवाल ने जल संसाधन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने ढेकना परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा प्रस्तावित रामघाटी और शीतलझिरी परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति दिलाने के निर्देश दिए। पारसडोह परियोजना में आ रही समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए कार्यपालन यंत्री को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि जिले को 100 प्रतिशत सिंचित बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी प्रगतिरत सिंचाई परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण किया जाए और प्रस्तावित योजनाओं को शीघ्र प्रारंभ किया जाए। इस कार्य में जल निगम और जल संसाधन विभाग समन्वित रूप से कार्य करें। विधायक मुलताई चंद्रशेखर देशमुख ने सात माइनर टैंक की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

पेयजल संकट से निपटने को प्राथमिकता
आगामी ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए विधायक खंडेलवाल ने निर्देश दिए कि संभावित पेयजल संकट से प्रभावित होने वाले ग्रामों की सूची एक माह के भीतर तैयार की जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में हैंडपंप स्थापना, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर की जाएं।
उन्होंने कहा कि जब तक जल निगम की परियोजनाएं पूर्ण नहीं हो जातीं, तब तक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग संबंधित ग्रामों में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करे। विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने आमला क्षेत्र की खराब नल-जल योजनाओं की जांच के लिए टीम भेजने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदारों से राशि वसूलने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि पूर्ण नल-जल योजनाओं का स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) और हैंडओवर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
सड़कों की खराब स्थिति पर नाराजगी
बैठक में लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। विधायक खंडेलवाल ने कहा कि मेंटेनेंस अवधि के दौरान ठेकेदारों द्वारा समुचित मरम्मत नहीं किए जाने से सियारढाना, गढ़वाह, पीपला सहित कई सड़कों की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि तीन वर्ष की अवधि पूर्ण करने वाली पीएमजीएसवाई सड़कों की सीईओ जनपद और एसडीएम के माध्यम से रैंडम जांच कराई जाए तथा संबंधित ठेकेदारों से आवश्यक मरम्मत कार्य कराया जाए।
लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में भोगीटेडा पुल, मुलताई क्षेत्र के पट्टन-नागपुर हाईवे मार्ग, आमला के बोरी-लादी मार्ग, भैंसदेही मार्ग, घोड़ाडोंगरी के चंडी-सालीमेढ़ मार्ग और आमला-बरसाली मार्ग सहित विभिन्न निर्माण कार्यों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। ब्रिज कॉर्पोरेशन के अंतर्गत निर्माणाधीन पुलों की गुणवत्ता और समय-सीमा की भी समीक्षा की गई। बैठक में आरडीएसएस योजना के अंतर्गत मोहटा सबस्टेशन का कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि विद्युत आपूर्ति को सुचारू एवं निर्बाध बनाए रखने के लिए लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए।बैठक में 100 केवी के अतिभारित विद्युत ट्रांसफार्मरों के स्थान पर अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर प्रस्तावित करने की बात कही गई।

हर वार्ड में लगेंगे 7 लाख के विद्युत पोल
नगरीय प्रशासन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए बैतूल नगर के प्रमुख मार्गों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश एसडीएम, तहसीलदार और सीएमओ को दिए गए, ताकि प्रस्तावित विकास कार्यों में बाधा न आए। बैठक में निर्णय लिया गया कि बैतूल नगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में 7-7 लाख रुपये की लागत से विद्युत पोल लगाए जाएंगे। लल्ली चौक से कोतवाली चौक तक पोल शिफ्टिंग का कार्य भी शीघ्र करने के निर्देश दिए गए। नगर में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा 18 करोड़ रुपये की लागत का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इस संबंध में विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश जल संसाधन विभाग एवं नगर पालिका को दिए गए।




