Betul Samachar: 40 लाख का गबन भी ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी!
Betul News: Preparations to put the embezzlement of Rs 40 lakhs on the back burner!

11 दिनों बाद भी किसी खास नतीजे पर नहीं पहुंची पुलिस
Betul Samachar: बैतूल। जनपद पंचायत बैतूल के तीन कर्मचारियों द्वारा किए गए 40 लाख के गबन के मामले में कार्रवाई की रफ्तार बेहद सुस्त नजर आ रही है। पूरे 11 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि जिस गंभीरता से यह मामला दर्ज हुआ था, उसी गंभीरता से जांच आगे नहीं बढ़ती दिख रही। जानकारी के अनुसार कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने गबन का खुलासा होते ही तीनों आरोपित कर्मचारियों बाबू नितेन्द्र पांडेय, वर्षा कमाविसदार और भृत्य क्षेत्रपाल को तत्काल निलंबित कर दिया था।
इसके बाद जनपद सीईओ शिवानी राय ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की लेकिन जानकारी मिली है कि पुलिस ने जनपद पंचायत से कुछ दस्तावेज तलब किए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आगे की जांच करेगी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी सामने नहीं आने से चर्चा है कि अन्य घोटालों की तरह यह घोटाला भी ठंडे बस्ते में ना चला जाए।
सरकारी धन पर सीधा डाका, अनसुनी कार्यवाही पर सवाल
मामले की गंभीरता को देखते लोगों का कहना है कि जिले में हुए विभागीय स्तर पर हुए अलग-अलग घोटालों में सीधे तौर पर सरकारी धन पर डाका डाला गया है। यदि जांच की गति यही रही, तो यह प्रकरण भी जिले में पहले से लंबित अन्य घोटालों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। जेएच कॉलेज में छात्रवृत्ति और स्वच्छता मिशन में करोड़ो की अनियमितताएं तथा आठनेर शिक्षा विभाग का लाखों का फर्जीवाड़ा ये ऐसे अपराध हैं, जिनमें सरकारी धन पर सीधा डाका डाला गया है। अब तक ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सके हैं। कार्यवाही की सुस्त चाल यह बताने के लिए काफी है कि करोड़ों की वित्तीय अनियमितता को प्रशासन और पुलिस कितनी गम्भीरता से ले रहे हैं।
घोटाले की हद, महीने में दो बार होता होता रहा बिजली बिल का भुगतान
गौरतलब है कि तीनों आरोपित कर्मचारियों पर 2018 से 2025 के बीच जनजातीय विभाग के छात्रावासों के बिजली बिल जमा करने के नाम पर करोड़ों का गबन करने का आरोप है। जांच में खुलासा हुआ है कि बिजली बिल के नाम पर जारी राशि को आरोपितों ने टुकड़ों में अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया। वो भी महीने में दो बार, इस तरह से करीब 40 लाख की यह राशि अलग-अलग किस्तों में हेराफेरी के माध्यम से हजम कर ली गई।
जनपद पंचायत में इस घोटाले की चर्चा अब हर स्तर पर है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब स्पष्ट दस्तावेज और बैंक लेनदेन के सबूत मौजूद हैं, तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों की जा रही है। अगर समय पर पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह मामला भी ‘जांच जारी हैÓ की फाइलों में दबकर रह जाएगा। जनता उम्मीद कर रही है कि प्रशासन इस गंभीर वित्तीय अपराध को उदाहरण स्वरूप लेकर दोषियों पर जल्द सख्त कार्रवाई करे।
इनका कहना….
घोटाले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज है, जनपद पंचायत से आवश्यक जानकारी के लिए कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं। जिनके आधार पर जांच की जाएगी।
वीरेंद्र जैन, एसपी बैतूल




