Betul MSP Rate: समर्थन मूल्य पर भरोसा कम, ढाई लाख हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी

महज 18 हजार किसानों ने गेहूं बेचने किया पंजीयन
Betul MSP Rate: बैतूल। समर्थन मूल्य में उपज बेचने को लेकर किसानों को भरोसा कम होते जा रहा है। जिले में गेहूं की बढ़े स्तर पर बोवनी हुई, लेकिन समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए बहुत कम किसानों ने पंजीयन किए। प्राप्त जानकारी के अनुसार समर्थन मूल्य में उपज बेचने के लिए जिले में 18 हजार 969 किसानों ने पंजीयन किया है। पिछली बार की तुलना में पंजीयन की संख्या तो बढ़ी है, लेकिन किसानों का भरोसा समर्थन मूल्य पर कम नजर आ रहा है। जिस हिसाब से जिले में गेहूं की बोवनी हुई है, उसके अनुसार बहुत कम किसानों ने पंजीयन किया है।
2025 मेें जिले में लगभग ढाई लाख से अधिक हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई। सरकार गेहूं को समर्थन मूल्य पर खरीद रही है, इसके लिए किसानों से पंजीयन भी करवाया, लेकिन जिले में बहुत कम किसानों से पंजीयन किया है। भुगतान में देरी और अन्य प्रकार की समस्या के कारण किसान समर्थन मूल्य में उपज बेचने से किनारा करने लगे हैं। पिछले वर्षों की स्थिति को देखा जाए तो पंजीयन तो कई किसानों ने किए हैं, लेकिन उपज बेचने वालों किसानों की संख्या बहुत कम रही है।
एक अप्रैल से होगी खरीदी
समर्थन मूल्य में खरीदी शुरू होने के लिए अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। खाद एवं आपूर्ति विभाग की ओर से खरीदी को लेकर तैयारियां लगभग पूरी होने में है। जिला आपूर्ति अधिकारी केके टेकाम ने बताया कि समर्थन मूल्य में गेहूं खरीदी के लिए जिलेभर में 64 गेहूं खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। इस बार 18 हजार 969 किसानों द्वारा उपज बेचने के लिए पंजीयन किया है। पंजीयन के दौरान सभी किसानों के बैंक खाते लिए गए हैं। उपज बेचने वाले किसानों के खाते में सीधे राशि डाली जाएगी। खरीदी केंद्र पर किसानों को परेशनियों का सामना न करना पड़े। इसे ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं बनाई गई हैं।
40 रुपए का मिलेगा बोनस
इस बार सरकार ने गेहूं की खरीदी पर चालीस रुपए का बोनस दिए जाने की घोषणा की है। यह किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार द्वारा इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है और सरकार किसानों को 40 रुपए का अतिरिक्त बोनस देगी। इसके बावजूद भी किसान समर्थन मूल्य पर भरोसा कम कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए किसानों को कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। भुगतान में विलंब हो जाता। कई बार उपज की क्वालिटी खराब बताकर किसानों को वापस कर देते हैं। इसके अलावा कई समस्या है जिसके कारण किसान समर्थन मूल्य में उपज बेचना नहीं चाहते हैं।
इनका कहना….
इस वर्ष समर्थन मूल्य में गेहूं की उपज बेचने के लिए 18 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन किया है। 1 अप्रैल से 64 केंद्रों पर गेहूं की खरीदी शुरू होगी।
केके टेकाम, जिला आपूर्ति अधिकारी, बैतूल




