Fake Disabled Certificate: फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र को नौकरी करने वालों की होगी जांच
Fake Disabled Certificate: Those employing fake disabled certificates will be investigated

दिव्यांगों के आवेदन पर संयुक्त कलेक्टर ने प्रमाण पत्रों की जांच के दिए निर्देश
Fake Disabled Certificate: बैतूल। महाराष्ट्र में एक आईएएस के फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने का मामला सूर्खियों में आने के बाद जिले में भी ऐसे मामलों की जांच होगी। दरअसल पिछले दिनों दिव्यांग संगठन कलेक्टर को एक शिकायत करते हुए एक आवेदन सौंपा है। दिव्यांगों के मुताबिक आरक्षित पदों पर फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर बैतूल जिले में कई लोग सरकारी नौकरी कर रहे है। इससे वास्तविक दिव्यांगों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। दिव्यांगों ने शिकायत में बताया था कि जिले में कई शिक्षक और अन्य कार्यालयों में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी की जा रही है। संगठन ने कुछ मामलोंं के दस्तावेज भी कलेक्टर को सौंपे। इसके बाद उन्होंने संयुक्त कलेक्टर मकसूद अहमद को मामले की जांच के निर्देश दिए है।
सभी विभाग प्रमुखों को लिखा पत्र
सूत्र बताते है कि संयुक्त कलेक्टर अहमद ने दिव्यांग संगठन की शिकायत को लेकर गंभीरता से लेते हुए जिले के सभी विभाग प्रमुखों को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बताया कि अपने कार्यालयों में दिव्यांग पत्रों के आधार पर नियुक्त हुए कर्मचारियों के दिव्यांग प्रमाणपत्रों की शीघ्र जांच की जाए। यदि जांच में कोई भी मामला संदिग्ध पाया जाता है तो तत्काल नियमानुसार कार्रवाई कर उन्हें अवगत कराया जाए।
जिले में फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी पाने वाले की कतार
जानकार सूत्रों ने बताया कि पिछले कई वर्षो से फर्जी दिव्यांग पत्रों के आधार पर शासकीय नौकरी पाने वालों की संख्या बड़ी तादाद में बड़ी है। हालांकि शीर्ष और छोटे अधिकारियों ने इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की, नतीजन लंबे समय से फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के आधार पर कई कर्मचारी नौकरी कर रहे है। इनकी तादाद आधा सैकड़ा से अधिक हो सकती है। सूत्रों की माने तो शिक्षा विभाग में इनकी संख्या सबसे अधिक हो सकती है। यदि सहायक आयुक्त आदिवासी और जिला शिक्षा अधिकारी बारीकी से जांच कराए तो बड़े फर्जी वाड़ा का खुलासा हो सकता है।





