मेंटेनेंस के नाम खानापूर्ति, केवल टहनियों की कटाई तक औपचारिकता 

बिजली कम्पनी के कामों पर लोगों का सवाल, झूलते तारों से भी खतरा

Betul electrycity work: बैतूल। शहर में इन दिनों बिजली कम्पनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर लगातार बिजली कटौती की जा रही है। इसके लिए बाकायदा शेड्यूल जारी कर नागरिकों को पहले से सूचित किया जा रहा है कि किस क्षेत्र में कितने समय तक बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया पर अब सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि घंटों बिजली बंद रखने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस मेंटेनेंस कार्य नजर नहीं आ रहा है।

स्थानीय नागरिकों और जानकारों के मुताबिक, बिजली बंद कर केवल पेड़ों की टहनियों की कटाई तक ही काम सीमित रह गया है। यह काम भी केवल उन जगहों पर किया जा रहा है जहां टहनियां बिजली लाइनों के संपर्क में आ रही हैं। जबकि असली जरूरत शहर में झूल रहे और कमजोर हो चुके बिजली के तारों को दुरुस्त करने की है, जो लंबे समय से नजरअंदाज किए जा रहे हैं।

मरम्मत के साथ बजट का भी प्रावधान

विभागीय सूत्रों की मानें तो मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कम्पनी को व्यापक स्तर पर कार्य करना होता है। इसमें जर्जर तारों को बदलना, ढीले कनेक्शन सुधारना, ट्रांसफार्मरों की जांच और आवश्यक मरम्मत शामिल है। इसके लिए हर साल बजट भी निर्धारित किया जाता है और जरूरी सामग्रियों की खरीदी का भी प्रावधान रहता है। बावजूद इसके, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

शहर के कई इलाकों में आज भी बिजली के तार झूलते हुए साफ देखे जा सकते हैं। कई जगहों पर तार इतने नीचे लटक रहे हैं कि वे आम नागरिकों के लिए हादसे का कारण बन सकते हैं। बारिश और तेज हवा के दौरान इन तारों से खतरा और भी बढ़ जाता है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।

जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता पर सवाल

हैरानी की बात यह है कि इन खामियों को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता भी सवालों के घेरे में है। नागरिकों का कहना है कि शायद ही कभी किसी अधिकारी को फील्ड में निरीक्षण करते देखा गया हो। ऐसे में मेंटेनेंस के नाम पर की जा रही बिजली कटौती लोगों के लिए सिर्फ परेशानी का सबब बनती जा रही है बल्कि झूलते और कमजोर बिजली के तार लोगो के लिए अनहोनी भी साबित हो सकते हैं।

अब जरूरत इस बात की है कि बिजली कम्पनी केवल औपचारिकता निभाने के बजाय वास्तविक मेंटेनेंस कार्यों पर ध्यान दे। झूलते और जर्जर तारों को प्राथमिकता के साथ ठीक किया जाए, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सके।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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