Betul Samachar : 2015 में प्रबन्धन में जाने के बावजूद कॉलोनाइजर ने बेच दिए प्लाट
Betul Samachar: Despite going into management in 2015, colonizers sold plots

ना नाली और ना सड़क , 10 साल से बही के लिए भटक रहे लोग, 20 फिट का नाला हुआ 3 फीट का
Betul Samachar : बैतूल। बेशक जिले के संवेदनशील कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अवैध कालोनाइजरों की कमर तोड़ने की कोशिश कर रहे हों पर हकीकत यह है कि अपने मुनाफे के लालच में कालोनाइजरों ने भोले भाले लोगों को सब्जबाग दिखाकर ऐसी लूट मचाई है। इसका खामियाजा सालों से लोग भुगत रहे हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित लोगों कहना है कि दुर्गा वार्ड में संजय राठौर नामक कॉलोनाइजर ने प्रबंधन के बावजूद लोगों को प्लॉट बेच डाले तो वहीं इस इलाके में 20 फीट के नाले पर कब्जा कर उसे 2 फीट का कर दिया गया है। हद तो यह हो गई, जब इस कालोनी में मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे लोगों को सालों बीत जाने के बावजूद राजस्व विभाग से बही तक नहीं मिल पाई है। अब कलेक्टर जनता के हित में गम्भीर नजर आए तो लोगों के मन में न्याय मिलने की उम्मीद भी जागी है।

11 साल बाद भी नहीं मिला जमीन का मालिकाना हक
दुर्गा वार्ड में स्थित कालोनी में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2012 में संजय राठौर से प्लाट खरीदे थे। इससे पहले उन्हें बताया गया था कि कालोनी में सड़क, बिजली पानी और नालियों की पूरी व्यवस्था की जाएगी। आज कालोनी में लगभग 25 से 30 मकान बन चुके हैं, लेकिन ना नालियों का पता गया और ना ही सड़कों का । खास बात तो यह है कि जब लोगों को परमानेंट बिजली कनेक्शन तक नहीं मिल पाया है। कालोनी में रहने वाले लगभग एक दर्जन परिवार ऐसे हैं, जिन्हें मकान बनाए करीब 12 साल बीत चुके हैं, लेकिन इन्हें अभी तक मकान की बही तक नहीं मिल पाई है। अब पीड़ित अपनी जमीन का मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट काट कर तक चुके हैं।
कॉलोनाइजर ने नाले पर भी कर डाला अतिक्रमण
कालोनी में रहने वाले लोगों ने बताया कि मूलभूत सुविधाएं ना मिलने पर इसकी शिकायतें की गई थी। इसके बाद वर्ष 2015 में प्रशासन ने कॉलोनी को प्रबन्धन में डाल दिया था। प्रबन्धन में होने के बावजूद कॉलोनाइजर ने मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध तो नहीं कराई, बल्कि प्लाटों की बिक्री कर नियमों का खुला उलंघन भी किया। वर्ष 2018 में अधिकारियों से सांठगांठ कर कब कालोनी प्रबन्धन मुक्त करवा ली गई, इसका पता तक नहीं चल पाया। पीड़ि़त लोगों का आरोप है कि कालोनी के किनारे पानी निकासी के लिए कभी 20 फीट का नाला हुआ करता था। इस नाले पर भी कब्जा कर प्लॉट बेच दिए गए अब यह नाला मात्र 2 फीट का ही बाकी रह गया है। कालोनी में रहने वाले लोगों ने कलेक्टर से उम्मीद लगाई है कि कालोनाइजर के खिलाफ कार्यवाही कर उन्हें भी मूल भूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही जिन भूमि धारकों को उनकी जमीन का मालिकाना हक नहीं मिल पाया है, उन्हें अब जमीन की बही भी मिल सकेगी।
इनका कहना…
पूर्व में भी कह चुका है कि अवैध कालोनियों को चिन्हित किया जा रहा है। दुर्गा वार्ड खंजनपुर की जो शिकायत मिली है, उसे भी अधिकारियों को मौका स्थल पहुंचकर जांच करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर बैतूल।





