Betul Samachar: आंतरिक सुरक्षा को लेकर बैतूल अलर्ट पर, 18 विभाग सतर्क
Betul News: Betul on alert regarding internal security, 18 departments alert

सोशल मीडिया पर पैनी नजर, धार्मिक स्थल भी निगरानी में
Betul Samachar: बैतूल। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए बैतूल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक निश्चल एन झारिया हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ज्ञात हो कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनने के बाद सीमावर्ती राज्यों के जिलों में ब्लैक आउट जैसी स्थिति देखी जा रही है। इन जिलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ-साथ अन्य राज्यों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसी कड़ी मेें मप्र सरकार द्वारा भी प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी को सुरक्षा संसाधनों को पुख्ता किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
चूंकि बैतूल जिले में भी दो बड़े सरकारी संस्थानों और दो धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण होने के कारण पुलिस और प्रशासन ने व्यापाक स्तर पर रूपरेखा तैयार कर इसे धरातल पर उतार दिया है। इस संवेदनशील विषय को लेकर जिस तरह की अफवाहें सोशल मीडिया पर सामने आ रही है, उन्हें लेकर पुलिस विभाग काफी सतर्कता बरत रहा है। इसकी संभावना पूरी है कि कोई व्यक्ति देश हित से जुड़े मामलों को लेकर अफवाहें फैलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई
एसपी ने बताया कि जिले में दो अहम सरकारी संस्थानों और दो प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। एक संस्थान में मॉक ड्रिल भी की जा चुकी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी चौकस हैं और जिले भर से लगातार अपडेट लिए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया और साइबर अटैक पर विशेष निगरानी
वर्तमान हालात में अफवाहों और भ्रामक पोस्ट्स की संख्या सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ी है। पुलिस विभाग ने इससे निपटने के लिए साइबर सेल को सक्रिय किया है। एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया की सघन निगरानी की जा रही है और किसी भी आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
18 विभागों के साथ बैठक, व्यापक तैयारी
कलेक्टर की अध्यक्षता में आंतरिक सुरक्षा को लेकर 18 विभागों के प्रमुखों की बैठक आयोजित की गई। इसमें स्वास्थ्य, नगर पालिका, लोक निर्माण जैसे विभागों को विशेष जिम्मेदारियां दी गई हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत और प्रभावी कदम उठाए जा सकें।




