Betul News: शहर के बाद गांवों में बिना अनुमति डंप हो रही रेत
Betul News: After the city, sand is being dumped in villages without permission.

बेलगाम हुए रेत सप्लायर, खनिज विभाग स्टॉफ की कमी बताकर झाड़ रहा पल्ला
Betul News: बैतूल। जिले में कुछ रसूखदार रेत सप्लायर खनिज विभाग के नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति लिए रेत के भंडारों का संग्रहण कर रहे हैं। हालांकि चुनाव के चलते रेत सप्लायरों का डंपिंग का खेल तो खूब चला, लेकिन अब चुनाव निपटने के बाद भी यह खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक रेत का संग्रहण ऐसी जगहों पर किया जा रहा है, जहां खनिज विभाग के अफसरों की नजर ना पड़े।
जिला मुख्यालय से महज 8 किमी दूर बसे बैतूल बाजार से ग्राम बारहवीं जाने वाले मार्ग पर लगे रेत का बड़े पैमाने पर संग्रहण किया गया है। जानकारी मिली है कि बैतूल बाजार से मात्र एक डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर नाले के किनारे लगे खेत मे 5 से 6 डंपर रेत का संग्रहण कभी भी देखा जा सकता है।
जबकि किसी भी सप्लायर को रेत का डंप किए जाने के पहले खनिज विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। बताया जा रहा है कि सप्लायर खदानों से रेत लाकर यहां डंप कर देता है और जरूरत पड़ने पर जेसीबी की सहायता से डम्फर भरकर ग्राहक तक पहुंचा दी जाती है, लेकिन सवाल यही है कि क्या इस तरह रेत डंप किए जाने की अनुमति सप्लायर द्वारा ली गयी है या नहीं।
दो निरीक्षकों के भरोसे जिले के खनिज भंडार
खनिज माफियाओं द्वारा की जा रही मनमानी की एक वजह यह भी है की विभाग कर्मचारियों की कमी से भी जूझ रहा है। खनिज विभाग में प्रमुख अधिकारी के अलावा मात्र दो निरीक्षकों के भरोसे काम चल रहा है। जिले में कुल 47 रेत खदानें संचालित हो रही हैं।
ऐसे में सड़क पर दौड़ रहे रेत के वाहनों और अन्य खनिज संपदाओं की देखरेख और रायल्टी की जांच कर कार्यवाही करना ना ही अधिकारी के लिए बल्कि दोनो निरीक्षकों के लिए भी सम्भव नहीं है। इसके लिए पर्याप्त बल का होना आवश्यक है। विभाग की इसी कमजोर नस का फायदा उठाकर माफिया रेत चोरी, बिना रायल्टी परिवहन, मुरम का अवैध परिवहन और बिना अनुमति लिए भंडारण जैसे कृत्यों को अंजाम दे रहे हैं।
इनका कहना…..
निरीक्षकों को मौके पर भेजा जाएगा। यदि डंप की अनुमति नहीं होगी तो रेत जब्ती की कार्यवाही की जाएगी।
मनीष पालेवार, उप संचालक जिला खनिज विभाग बैतूल





