Betul Nagar Palika : पोर्टल बंद का असर: इस बार महज 5 करोड़ वसूल कर पाई नपा
Betul Nagar Palika: Effect of portal closure: This time the Municipal Corporation was able to collect only Rs 5 crore.

तमाम कवायदों के बावजूद 9 करोड़ 51 लाख में से 4 करोड़ 38 लाख की राजस्व वसूली बाकी
Betul Nagar Palika : (बैतूल)। वित्तीय वर्ष 2023-24 में नगरपालिका ने तमाम कवायदों के बावजूद पिछले वित्तीय वर्ष में की गई वसूली के लक्ष्य को नहीं भेद पाई है। इसके पीछे कहीं न कहीं नगरपालिका के डेढ़ माह से अधिक समय तक बंद रहे पोर्टल को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यदि पोर्टल वित्तीय वर्ष समाप्ति के पहले बंद नहीं रहता तो शायद वसूली का आंकड़ा 70 प्रतिशत पर पहुंच सकता था, लेकिन सारी कवायदें करने के बावजूद राजस्व वसूली का आंकड़ा महज 53 प्रतिशत पर पहुंच पाया है। नगरपालिका को अभी भी सर्वाधिक संपत्ति कर के 1 करोड़ 32 लाख और जल कर के 1 करोड़ 17 लाख से अधिक की राशि शहर के उपभोक्ताओं से वसूलना बाकी है।
नगरपालिका के पास भारी भरकम राजस्व अमला है। यह अमला पूरे वर्ष राजस्व वसूली करते रहता है, लेकिन हर मर्तबा वित्तीय वर्ष के समाप्ति के पहले यानी जनवरी से मार्च तक वसूली की रफ्तार में तेजी आती है। नए सीएमओ ने भी वित्तीय वर्ष समाप्ति के पहले वसूली की रफ्तार बढ़ाने के लिए तीन मर्तबा राजस्व अमले की बैठक ली। इसके बाद भी वसूली की रफ्तार नहीं बढ़ी तो नोटिस जारी कर वेतन काटने की चेतावनी भी दी। हालांकि राजस्व अमला मुस्तैदी से वसूली के काम में डटा रहा। इसके बावजूद निर्धारित लक्ष्य से वसूली का काम कोसो दूर रह गया।
संपत्ति कर, जल शुल्क की थी सर्वाधिक राशि
राजस्व अमले को वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 9 करोड़ 51 लाख से अधिक राजस्व वसूली करना था। इसमें सर्वाधिक 3 करोड़ 57 लाख से अधिक संपत्ति कर और 1 करोड़ 12 लाख जल शुल्क का बकाया था। इसके अलावा समेकित कर के 75 लाख 38 हजार, सामान्य जल कर के 9 लाख 18 हजार, शिक्षा उपकर के 94 लाख 46 हजार, नगरीय विकास उपकर के 45 लाख 53 हजार, दुकान/भूमि किराया के 51 लाख 32 हजार रुपए की राशि वसूलना था। इसमें पूर्व वर्ष की राशि भी शामिल की गई थी। हालांकि दोनों के आंकड़े मिलाए जाए तो कम हो सकते हैं, लेकिन पुरानी वसूली को भी लक्ष्य में शामिल किया गया था। इस आधार पर नगरपालिका ने संपत्ति कर का सर्वाधिक 62.97 प्रतिशत राशि वसूल की गई है। सबसे कम समेकित कर से 36.32 प्रतिशत की राशि वसूल कर पाए हैं। यह आंकड़ा बीते वर्ष भी कम बताया जा रहा है।
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पोर्टल चलता तो सुधर सकती थी नपा की स्थिति
नगरपालिका के जिम्मेदार भी तर्क दे रहे हैं कि यदि 1 जनवरी से 15 फरवरी तक नगरपालिका का पोर्टल बंद नहीं होता तो नपा की वित्तीय स्थिति सुधर सकती थी। पहले ही चूंगी कर की राशि में राज्य शासन ने कटौत्रा किया है। इसके बाद बिजली कंपनी के भी 40 लाख रुपए गत माह इस राशि में से काट लिया है। अब वित्तीय वर्ष में राजस्व वसूली का आंकड़ा भी 53 प्रतिशत पहुंचने के कारण नपा की स्थिति बदत्तर होते जा रही है। पोर्टल के बंद रहने के कारण नपा को आफलाइन काम करना पड़ा। लोगों ने कतार में लगकर राजस्व वसूली देने में रूचि तो दिखाई लेकिन भीड़ के कारण कई उपभोक्ता आनलाइन कर जमा नहीं कर सके। इसलिए वसूली की रफ्तार काफी पिछड़ गई है।
इनका कहना..
इस वर्ष निकाय का पोर्टल का डेढ़ माह से अधिक समय तक बंद रहा। इससे वसूली का आंकड़ा पिछड़ा है। आफ लाइन काम करने से लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है। पुराने लक्ष्य को इस वर्ष तेजी से पूरा करने का प्रयास करेंगे।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नपा बैतूल।






