Betul Hindi Samachar: श्रीराम मंदिर प्रतिष्ठा से कुंभकारों के दिन बहुरे, मिट्टी के दीपक की मांग बढ़ी तो दाम 15 के बजाय 40 रुपए दर्जन पहुंचे
Betul Hindi Samachar: With the prestige of Shri Ram Temple

मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ी, अब रेट भी 15 की जगह 40 रुपए दर्जन पर पहुंचे…
Betul Hindi Samachar:(बैतूल)। अयोध्या में प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा आम लोगों के लिए किसी सुखद पल से कम नहीं है। राम के आने का अहसास मिट्टी के दीए और बर्तन बनाने वाले प्रजापति समाज के उन कुंभकारों को भी है। जो काफी कम आमदनी में अपना और अपने परिवार का पेट पाल रहे थे, क्योंकि इस पल को दीपावली के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में प्रजापति। कुम्हार।समाज की आमदनी भी बढ़ गई है। दीए की कीमतों में 20 से 25 रुपए की तेजी आई है। राम भक्त भी अपने घरों के सामने दीपों की रोशनी करने के लिए जमकर खरीददारी भी कर रहे हैं।
50 से 60 परिवारों की बड़ी आमदनी(Betul Hindi Samachar)
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को आज हर कोई दिवाली के त्योहार की तरह मनाना चाह रहा है। जिसके लिये बाजार में दियों की सैकड़ोंं दुकाने सजी हुई हैं। मिट्टी के दीयों का निर्माण करने वाले राज प्रजापति बताते हैं कि जबसे भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को दिवाली जैसा त्योहार की तरह मनाए जाने का निर्देश मिले है, इससे उनके व्यवसाय में तेजी आई है। उनके द्वारा लगभग 5 हजार दिपकों का निर्माण किया गया है। पहले जो दिए 15 से 20 रुपए दर्जन बिका करते थे, अब उसके भाव 40 रुपए दर्जन तक पहुंच चुके हैं। प्रतिदिन 25 से 30 दर्जन दियों की बिक्री हो रही है। लाग निकालकर करीब 10 से 15 हजार रुपए की बचत होने की सम्भवना है, जिसके बाद परिवार की माली हालत में भी सुधार होगा। यह सब प्रभु राम की कृपा से ही हो रहा है।
शहर में 25 तो जिले में करीब 250 परिवार बेच रहे दीए(Betul Hindi Samachar)
मिट्टी के दिए और बर्तन बनाने वाले इन्केश प्रजापति ने बताया कि अकेले बैतूल शहर में ही हमारे समाज के लगभग 50 से 60 परिवार मौजूद हैं। इनमे से कुछ परिवार प्रतिमाएं बनाने का काम करते हैं तो बाकी मिट्टी के बर्तन बनाते हैं। इसी तरह शाहपुर में भी करीब 150 परिवार इस काम मे लगे हुए हैं। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर दियों की बिक्री होगी, इसके लिए प्रत्येक परिवारों ने हजारों की संख्या में मिट्टी के दीए बनाए हैं। औसतन 1 दिन में लगभग 1 हजार दीए बनाकर तैयार कर लिए जाते हैं। यदि ज्यादा संख्या में चका चलाया जाए तो एक ही दिन में 3 से 4 हजार दिए तैयार कर लिए गए हैं। पिछले 1 सप्ताह से दीयों की बिक्री की जा रही है। भाव बढ़ने का बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा है। लोग उत्साह के साथ दिए खरीद रहे हैं। दिन भर में जहां 1 या 2 दर्जन दिए बिकते थे तो वहीं अब 20 से 25 दर्जन दियों की रोजाना बिक्री हो रही है तो स्वाभाविक है कि राम के नाम से ही हमारा व्यवसाय और आमदनी दोनों में इजाफा हुआ है। कुंभकारों को वैसे त्यौहारों के समय बल्ले बल्ले रहती है, लेकिन इस बार राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से मिनी दीपावली के कारण उनके व्यवसाय में चारचांद लग गए हैं।




