Betul News: पहली जांच समिति ठूंठ ढूंढने में नाकामयाब, दूसरी बनाई
Betul News: First investigation committee failed to find the stump, second one was formed

पश्चिम वन मंडल में अधिकारी अब दबाव बनाने पर उतरे, जांच समिति पर भी सवाल
Betul News: बैतूल। पश्चिम वन मंडल के गवासेन रेंज में 50 से अधिक ठूंठ काटने का मामला भोपाल तक जा पहुंचा है। इस बीच वर्दी पर होली मिलन समारोह का आयोजन होने के बाद अधिकारी खुद विवादों में घिर गए हैं। इस बीच किसी विशेष पार्टी को सहयोग करने की बात कहने वाले अधिकारी को लेकर भी पश्चिम वन मंडल में जोरो से चर्चा चल रही है।
हालांकि इस मामले में अब तक कोई भी स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इतना जरूर है कि डीएफओ ने पहले अवैध कटाई को लेकर बनाई जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की। इसके बाद दूसरी जांच समिति बना डाली है। समिति के प्रमुख अब दबाव बनाकर पश्चिम वन मंडल में मिलने के लिए बुला रहे हैं, इससे पूरा मामला संदिग्ध दिखाई दे रहा है।
पिछले दिनों पश्चिम वन मंडल की गवासेन रेंज की आमापुर बीट में अवैध कटाई हुई थी। 50 से अधिक ठूंठ वनमाफिया काटकर ले गए, लेकिन क्षेत्र के रेंजर को खबर तक नहीं लगी। जब सांझवीर टाईम्स में खबरें प्रकाशित हुई तो रेंजर का स्पष्टीकरण था कि इतने पेड़ काटने के लिए चार से पांच दिन लगेंगे और इतने ही ट्रकों का उपयोग किया गया होगा।
उनके अनुसार ऐसा संभव नहीं है, लेकिन कटाई के मामले में चुप्पी साधे बैठे रहे। इस बीच गवासेन में कर्मचारियों का समस्या निवारण शिविर आहूत कर अवैध कटाई के मामले में पर्दा डालने का प्रयास किया गया। इधर सूत्रों ने बताया कि शिविर अचानक स्थगित कर पश्चिम वन मंडल के अधिकारियों ने इसे होली मिलन समारोह में बदलकर खुद ही विवादों में घिर गए।
दरअसल शिविर में न सिर्फ पश्चिम बल्कि दक्षिण वन मंडल के लिपिकीय कर्मचारी भी सिर्फ इसलिए पहुंचे थे कि उनकी समस्याओं का निराकरण सीसीएफ और डीएफओ की मौजूदगी में हो जाएगा, लेकिन कार्यक्रम के पूर्व उन्हें पता चला कि शिविर स्थगित हो गया और सिर्फ होली मिलन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इससे कई कर्मचारी अपनी समस्याएं बता नहीं सके। इससे भी कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। मैदानी अमला भी शिविर स्थगित होने से मायूस है।
अब दूसरी जांच समिति बनाकर दबाव बनाने की रणनीति
इधर पश्चिम वन मंडल के डीएफओ वरूण यादव ने कटाई के लिए बनाई समिति को लेकर आज तक यह स्पष्ट नहीं किया कि 50 से अधिक काटे गए सागौन के पेड़ को लेकर क्या हुआ? अधीनस्थ अधिकारी केवल यह बताने में जुटे हैं कि शिकायतकर्ता की शिकायत गलत थी।
दूसरा तर्क दिया जा रहा है कि 1200 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले जंगल में कैसे ठूंठ ढूंढने जाएंगे। दूसरी तरफ होली मिलन समारोह में एक पार्टी को सहयोग करने का मामला गरमाने पर आनन फानन में डीएफओ ने एक समिति बना दी। इसमें उप वनमंडलाधिकारी शिव अवस्थी को जांच अधिकारी बनाया गया। इस प्रतिनिधि को जांच अधिकारी अपने कार्यालय में मिलने के लिए सुबह से दबाव बनाते रहे।
उनका कहना था कि कार्यालय आकर स्पष्टीकरण दीजिए। नियम से अधिकारियों को पूर्व में शिकायतकर्ता की शिकायत के आधार पर अवैध कटाई की जांच करना था। इसके बाद दूसरे मामले की जांच आगे बढ़ाना था, लेकिन होली मिलन में हुए एक पार्टी विशेष को सहयोग देने का मामला गरमाया तो आनन फानन में जांच समिति बनाकर अब मीडिया के ऊपर ही दबाव बनाया जा रहा है। इसकी भी भोपाल में प्रधान मुख्य वन संरक्षक को की जा रही है।
इनका कहना….
हमारे द्वारा मामले को लेकर जांच समिति बनाई है। आपके पास कोई सबूत हो तो उपलब्ध कराए। जांच अधिकारी द्वारा दबाव बनाने जैसा कुछ नहीं है।
वरूण यादव, डीएफओ, पश्चिम सामान्य वन मंडल बैतूल।





