Today Betul News: बैतूल जिले में खुलेगी ग्रेफाईट, जिंक समेत 11 नई खनिज खदानें
Today Betul News: 11 new mineral mines including graphite, zinc will open in Betul district

रोजगार के अवसर मुहैया होंगे, कई भंडारण को कलेक्टर की पहल पर मिलेगी अनुमति…
▪️सत्येन्द्र सिंह परिहार
Today Betul News:(बैतूल)। जिले में कई बहुमूल्य खनिजों के भंडार मिलने की पुष्टि तो कई बार हो चुकी है, लेकिन इन खनिजों का सही क्रियान्वयन किए जाने का कदम कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी के कार्यकाल में लिया गया है। इन खनिजों के खनन से शासन को लाखों, करोड़ों रूपए की आय होगी। इस प्रयास से सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। कलेक्टर ने नरेन्द्र सूर्यवंशी के नेतृत्व में अब जिला खनिज विभाग द्वारा इन खनिजों की खदानों की नीलामी की तैयारियां शुरू कर दी है। जिला खनिज अधिकारी मनीष पालेवार के मार्गदर्शन में जल्द ही इन खदानों की नीलामी सुनिश्चित की जाएगी।
परियोजनाओं के तहत किया जाएगा क्रियान्वयन
जिले के विभिन्न ग्रामों में बहुमूल्य खनिज ग्रेफाईट का भंडार है, लेकिन अभी तक ग्रेफाईट के खनन की शुरूआत करना तो दूर इस पर विचार कर नहीं किया जा सका था। कलेक्टर नरेन्द्र सूर्यवंशी के मुताबिक बैतूल जिले की तहसील बैतूल, आमला, घोड़ाडोंगरी, शाहपुर और भीमपुर में बहुमूल्य खनिजों की प्राप्ति हुई है, जिसमें ग्रेफाईट, जिंक, बेसमेटल सहित अन्य खनिज शामिल है। इनके ब्लॉक बनाए जाकर इसकी नीलामी की कार्रवाई भी प्रचलन में लाई जा रही है। बकायदा परियोजनाओं के तहत इसकी नीलामी की जाएगी। जिन स्थानों पर बहूमूल्य खनिज का भंडार है, उन्हें अलग-अलग ब्लॉकों में बांटा गया है। जिसमें गौठाना ग्रेफाईट ब्लॉक, गौनीघाट ग्रेफाईट ब्लॉक, माकड़ा ग्रेफाईट ब्लॉक, बड़गांव डेहरी बेसमेटल ब्लॉक, देहलवाड़ा बेसमेटल ब्लॉक, बांसखापा, घाटावाड़ी ब्लॉक, बलढाना, खारी, बिसखान ब्लॉक, घिसी ब्लॉक, मोवारिया, लिखड़ी, छिपन्या, पिपरिया ब्लॉक, पश्तलाईमाल, रैय्यत एवं सोमलपुर ब्लॉक तथा बड़गांव, तरोड़ाकला ब्लॉक शामिल है। इन सभी खदानों की समय सीमा दो से तीन, चार और पांच वर्ष की तय की गई है।
इन खनिजों का इस तरह होता उपयोग
खनिज अधिकारी मनीष पालेवार ने बताया कि जिन खनिजों के खनन का रास्ता साफ किया जा रहा है और इसे नीलाम करने की कार्रवाई प्रचलन में लाई जा रही है। उन बहुमूल्य खनिजों का उपयोग कई कार्यो में किया जाता है। इसमें ग्रेफाईट का उपयोग पैंसिल की लीड बनाने, क्रूसीबल, फाउंड्री, पालिस, आर्क लैम्प, बैटरी एवं परमाणु रियेक्टरों में किया जाता है। इसी तरह जिंक का उपयोग पीतल, चांदी एवं एल्यूमीनियम जैसी मिश्र धातू में किया जाता है। बेसमेटल खनिज विभिन्न उद्योगों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
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खदानों के खुलने से 129 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
जिले में बहुमूल्य खनिजों की प्राप्ति को लेकर बनाई गई इस रूपरेखा में जहां यह खदानें नीलाम की जाएगी तो वहीं जिले के सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी मिल सकता है। खनिज अधिकारी के मुताबिक उपरोक्त खनिज ब्लॉकों से शासन को आगामी भविष्य में अधिक से अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी। वहींं सैकड़ों युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। इसके अलावा बैतूल जिले में विभिन्न प्रकार के 11 खनिज ब्लॉकों में पूर्वेक्षण कार्य वर्तमान में प्रचलन में है और आगामी 2 से 5 वर्षो के भीतर इन खदानों के जरिए अधिक से अधिक राजस्व की प्राप्ति और युवाओं को रोजगार के अवसर दिलवाएं जाने के भी प्रयास किए जा रहे है। करीब 11 खदानों के खुलने से 129 से अधिक युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इनका कहना…
कलेक्टर के निर्देश पर बहुमूल्य खनिज भंडारों की नीलामी प्रचलन में है। जिससे शासन को राजस्व की आय होने के साथ-साथ युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मनीष पालेवार, जिला खनिज अधिकारी, बैतूल





