Betul Shahpur News: 3500 की डेस्क खरीदने में खर्च किए 6948 रुपए, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पलंग खरीदी में भी बड़ा भ्रष्टाचार

Betul Shahpur News: Rs 6948 spent in buying a desk worth Rs 3500, big corruption in buying a bed in Eklavya Adarsh ​​Residential School too

Betul Shahpur News: (बैतूल)। शाहपुर में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर प्रबंधन के लिए सोने का अंडा देने वाली मुर्गी से कम साबित नहीं हो रहा है। लगातार शिकायत और खुलासे के बावजूद ना ही कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी इस मामले में कोई दिलचस्पी दिखा रहे हैं और ना ही वो जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी जिनकी नाक के नीचे इस सरकारी लूटपाट को अंजाम दिया जा रहा है। अब यहे अधिकारी आंखे मूंदे क्यों बैठे हैं । इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कहीं दाल में काला नहीं बल्कि पूरी दाल ही काली हो इसलिए अधिकारी इस गम्भीर मामले में संज्ञान लेने से बच रहे हों। जो भी है, लेकिन प्रबन्धन ने खरीदी का कोई ऐसा मौका नहीं छोड़ा जिसमें लाखों के वारे न्यारे ना किये गए हों।

डबल डेस्क खरीदी में 1 लाख की लगी चपत

शिकायत मुन्ना लाल वाड़िवा के मुताबिक एकलव्य आवासीय परिसर में डबल डेस्क खरीदी में भी जिम्मेदारों ने कमाल दिखाने से बिल्कुल भी परहेज नहीं किया । जिम्मेदारों ने पहली खेप मे लगभग 30 नग टू सीटर डेस्क की खरीदी की एक डेस्क का बाजार मूल्य लगभग 3500 रुपए है। यही डेस्क प्रबन्धन द्वारा 6948 रुपए की खरीदी गई और सप्लायर को 2लाख 8 हजार 40 रुपए का भुगतान किया है। इस तरह से डेस्क की खरीदी में 1 लाख 3 हजार 440 रुपए के फर्जीवाड़े अंजाम दिया गया है।

पलंग की क्वालिटी एक लेकिन रेट अलग अलग

एकलव्य विद्यालय में हो रही वित्तीय अनियमितताओं के शिकायत कर्ता मुन्ना लाल वाड़िवा ने पलंग की खरीदी में भी भारी वित्तीय अनियमितता किए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि प्रबन्धन ने 33 नग पलंग की खरीदी की है। पलंग की क्वालिटी तो एक है, लेकिन इसके अलग-अलग दाम चुकाकर लाखों रुपए की हेराफेरी की गई है। 9500 रुपए बाजार मूल्य का पलंग 14700 रुपये में खरीदा गया है। इसी तरह इसी बाजार मूल्य का पलंग 15379 में खरीदा गया है। यदि बाजार मूल्य के हिसाब से खरीदी की जाती तो 33 पलंग की खरीदी 3 लाख 13 हजार 500 रुपये में संभव हो जाती, लेकिन इतने ही पलंगों की खरीदी का भुगतान प्रबन्धन द्वारा पूरे 4 लाख 95 हजार 964 रुपये किया गया है। खरीदी में सीधे सीधे 1 लाख 82 हजार 464 रुपये के फर्जीवाड़े को अंजाम दे दिया गया। अब सवाल यह है कि सामग्रियों की खरीदी में कमाए जा रहे लाखों रुपए से क्या केवल एकलव्य प्रबन्धन ही उपकृत हो रहा है या फिर मिलीजुली सरकार इस फर्जीवाड़े को अंजाम दे रही है।

whatsapp

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

Related Articles

Back to top button