Betul News: भैंसदेही में बीएमओ और डॉक्टर में ठनी, विवाद श्रम विभाग पहुंचा
Betul News: Clash between BMO and doctor in Bhainsdehi, dispute reached labor department

पूर्व बीएमओ का आरोप-मानसिक रूप से प्रताड़ित कर एक सप्ताह में 64 घंटे कराई ड्यूटी…
Betul News:(बैतूल)। भैंसदेही के स्वास्थ्य विभाग का बुरा हाल है। दरअसल पिछले दिनों शिकायत के बाद यहां पर पदस्थ बीएमओ डॉ.व्योमा वर्मा को पद से हटा दिया गया था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ स्वाति बरखड़े को बीएमओ का प्रभार दिया है। इसी के बाद से यहां पर आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हुआ है। अब यह सिलसिला श्रम न्यायालय तक पहुंच गया है। दरअसल पूर्व बीएमओ डॉ वर्मा ने वर्तमान बीएमओ पर यह कहकर सनसनी मचा दिया है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर सप्ताह में 64 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है। नियम के अनुसार केवल सप्ताह में 48 घंटे ड्यूटी लगाने का प्रावधान है। उनके आरोपों पर वर्तमान बीएमओ वीसी में व्यस्त होने के कारण चर्चा नहीं हो सकी, लेकिन सीएमएचओ ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि पूर्व बीएमओ खुद विवादित रही है। सुविधाओं के अनुसार ड्यूटी करना पड़ता है, इसलिए सारे आरोप निराधार है।
भैंसदेही में पिछले दिनों राजनीति हस्तक्षेप और शिकायत के बाद कलेक्टर के हस्तक्षेप पर सीएमएचओ ने डॉ व्योमा वर्मा को पद से हटा दिया था। इस आदेश को अभी एक माह का भी समय नहीं बीता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसदेही में विवाद शुरू हो गए। पूर्व बीएमओ डॉ वर्मा ने एक वीडियो जारी कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ सप्ताह में 64 घंटे ड्यूटी कराए जाने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। वीडियो में वे कहती दिख रही है कि अपनी ड्यूटी ईमानदारी से कर रही है, लेकिन अनावश्यक दबाव बनाकर अतिरिक्त ड्यूटी करने के लिए वर्तमान बीएमओ डॉ स्वाति वरकड़े द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। बीएमओ द्वारा पद का दुरुपयोग कर ड्यूटी लगाए जाने से वे मानसिक रूप से परेशान हो चुकी है।
यहां देखें वीडियों
खटखटाया श्रम विभाग का दरवाजा
उन्होंने वीडियो में बताया कि डाक्टरों को नियम के अनुसार सप्ताह में 48 घंटे ड्यूटी करना है, लेकिन भैंसदेही बीएमओ द्वारा उन्हें 64 घंटे ड्यूटी कराई जा रही है, यह पूरी तरह से नियम के विरूद्ध है। उन्होंने वीडियो में बताया कि अतिरिक्त ड्यूटी कराने के एवज में उनके द्वारा श्रम न्यायालय में शिकायत की गई है। अतिरिक्त ड्यूटी के लिए एक्सट्रा वेतन की मांग की गई है। उनके द्वारा इस पत्र को सौंपे जाने के बाद भैंसदेही के स्वास्थ्य विभाग में राजनीति गर्मा की गई है। दो सीनियर डाक्टर के बीच विवाद के कारण भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजनीति का अखाड़ा बन गया है। पूर्व बीएमओ ने जिस तरह श्रम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, इससे क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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नियमों की आड़ में विवाद का खेल
पूरे मामले में तथ्य सामने आया है कि भैंसदेही में पूर्व बीएमओ को पद से हटाए जाने के बाद वे नया दाव खेल रही है। इसी वजह व्यवस्था बिगड़ने की बात सामने आई है। कहा जा रहा है कि यहां पर पूर्व और वर्तमान बीएमओ को लेकर राजनीति में भी दो खेमे अलग-अलग बटे है। शह-मात के खेल के कारण व्यवस्थाएं चौपट होते जा रही है। यही वजह है कि एक खेमा खुले रूप से वर्तमान बीएमओ डॉ.स्वाति का पक्षधर है तो दूसरा डॉ.व्योमा के पक्ष में खड़ा है। स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि पूर्व बीएमओ का जारी वीडियो भी किसी के द्वारा बनाकर प्रचारित किया गया है। वर्तमान बीएमओ के पक्ष में राजनीति का दूसरा खेमा पूरे ताकत से लगा है। यही वजह है कि नियमों की आड़ में पूरा खेल खेला जा रहा है। इसका असर आगामी समय में देखने को मिल सकता है। हालांकि वीसी में व्यस्त होने के कारण वर्तमान बीएमओ डॉ स्वाति से चर्चा नहीं हो सकी।
इनका कहना…
चिकित्सकों को जरूरत पड़ने पर अधिक ड्यूटी भी करनी पड़ती है। हमारे क्षेत्र में मजदूर जैसा काम नहीं करना पड़ता है। रात के समय इमरजेंसी में डाक्टरों को अस्पताल जाना पड़ता है। इसके लिए भत्ता भी मिलता है। पूर्व बीएमओ डॉ व्योमा द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे बेबुनियाद है। डॉ वर्मा को गाली गलौच करने की शिकायत के बाद कलेक्टर साहब के निर्देश पर पद से हटाया गया है। अब वे वीडियो जारी कर गुमराह करने वाली बात कह रही है।
डॉ रविकांत उइके, सीएमएचओ बैतूल
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