Sarni Coal Mines : सुरक्षा प्रहरियों को बंधक बनाकर कोयला खदान में हुई वारदात

Sarni Coal Mines : Incident took place in the coal mine by taking security guards hostage

ग्रुप पर सूचना देने के बावजूद देरी से पहुंची टीम

Sarni Coal Mines : (सारणी)। वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा की भूमिगत कोयला खदानों में चोर, बदमाशों का आतंक दिनोदिन बढ़ रहा है। इससे जहां कोयला प्रबंधन चिंतित है। वहीं कोयला कर्मी खौफजदा माहौल में नौकरी करने को मजबूर है। चोर, बदमाशों का आतंक इतना ज्यादा है कि शनिवार और रविवार रात्रि पाली में ड्यूटी करने से कर्मी डरने लगे हैं।

दरअसल बदमाश धारदार हथियार से लैस रहते हैं। चोरों के पास कट्टा, फरसा, कुल्हाड़ी और तलवार होना आमबात है।  ताजा मामला पाथाखेड़ा की छतरपुर टू खदान में सामने आया। यहां कार्यरत सुरक्षा कर्मी समेत 4 कोल कर्मियों को 4-5 चोरों ने हालेज के पास बंधक बना लिया और बाकी चोरों ने स्क्रैप, केबल काटकर वारदात को अंजाम दिया। खासबात यह है की चोर, बदमाश अपने साथ टूल्स भी लेकर आते हैं। वारदात के वक्त मशीनरी को नुकसान पहुंचाने के अलावा सब स्टेशन का केबल काटने से भी पीछे नहीं रहते। बंधक बनाए गए कर्मी अभी भी दहशत भरे माहौल में है।

सब स्टेशन और खदान पर होती है वारदात

कोयला खदानों के अलावा बिजली के सब स्टेशनों पर स्क्रैप चोर बदमाश धावा बोलते हैं। बीते एक माह में पाथाखेड़ा और शोभापुर क्षेत्र के लगभग सभी सब स्टेशनों में वारदात हो चुकी है। यहां से बिजली सप्लाई करने वाले केवल और टूल्स चोरों द्वारा चोरी किए गए हैं।

इन सभी मामलों की शिकायत सुरक्षा विभाग द्वारा स्थानीय पुलिस प्रशासन से भी की गई है। लेकिन अब तक चोर पुलिस गिरफ्तार से बाहर है। कोयला खदानों और सब स्टेशनों में होने वाली वारदात से आए दिन कंपनी प्रबंधन को लाखों रुपए की चपत लग रही है। बावजूद इसके कंपनी प्रबंधन द्वारा स्थाई सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति नहीं करके प्रभारी सुरक्षा अधिकारी के भरोसे सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंप रखी है।

चौकी प्रभारी बदलने का नहीं पड़ रहा असर (Sarni Coal Mines)

बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के चलते महीने, दो महीने और छह महीने में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी बदल दिए जा रहे हैं। लेकिन इसका कोई खास असर चोरी और लूट जैसी वारदात पर नहीं पड़ रहा।

गौरतलब है की महज 4 माह के भीतर ही पाथाखेड़ा के तीन चौकी प्रभारी बदले जा चुके हैं। बावजूद इसके कोयला खदान क्षेत्रों में होम वाले अपराधों में कोई कमी नहीं आ रही। खदानों में होने वाली वारदात को रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा विभाग को रात्रि पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ अवैध रूप से संचालित कबाड़े को बंद कराना पड़ेगा।

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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