Betul News : 56 क्रेशर खदानों में पत्थर का खनन बन्द

Betul News: Stone mining stopped in 56 crusher mines.

जब तक सिया की अनुमति नहीं, खनन नहीं किया जा सकेगा, सांझवीर की खबर के बाद खनिज विभाग की कार्रवाई

Betul News : (बैतूल)। सिया की अनुमति न होने के बावजूद जिले में लगभग पांच दर्जन क्रेशर खदानें अवैध रूप से संचालित की जा रही है। पिछले दो वर्ष से इसका अवैध रूप से संचालन होने के बावजूद खनिज विभाग मूक दर्शक बना हुआ है। सांझवीर टाईम्स की पड़ताल में यह मामला सामने आया तो दो अंकों में प्रमुखता समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद क्रेशर संचालकों को खनिज विभाग ने नींद से जागते हुए नोटिस जारी किया।

सिया की अनुमति न होने के बाद भी खनन के गंभीर मामले को देखते खनिज विभाग ने 56 क्रेशर संचालकों को नोटिस जारी कर खनन पर प्रतिबंध लगा दिया। अब जब तक सिया की अनुमति नहीं ली जाती तब तक पत्थरों और गिट्टी का खनन नहीं किया जा सकेगा।

जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 5 अक्टूबर को जारी आदेश में क्रेशर संचालकों को सिया की अनुमति लिया जाना अनिवार्य किया था। जिसके बाद जिले के क्रेशर संचालकों में हड़कम्प मच गया था। इसके बाद भी जब कुछ बड़े क्रेशर संचालकों पर इस आदेश का असर नहीं हुआ तो सांझवीर टाईम्स ने यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, इसके बाद खनिज अधिकारी ने लगभग 60 क्रेशर मालिकों को नोटिस जारी कर सिया की अनुमति लिए जाने के निर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके कुछ क्रेशर में गुपचुप तरीके से पत्थरों का खनन कर गिट्टी सप्लाई दी जा रही थी।

इस खबर की भी प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। बुधवार जानकारी मिली कि खनिज अधिकारी ने जिले की 56 खदानों पर खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब संचालक जब तक सिया की अनुमति नहीं ले लेते खदानें शुरू नहीं कर पाएंगे । देखने वाली बात होगी कि खनिज विभाग इन खदानों की मॉनिटरिंग भी कर पाएगा या नहीं, क्योंकि क्रेशर संचालकों की आदत एक पूर्व खनिज अधिकारी ने खराब कर रखी है।

रोक के बावजूद धड़ल्ले से चल रहा था खनन

मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव चन्द्र मोहन ठाकुर ने 5 अक्टूबर को कलेक्टर खनिज शाखा को आदेश जारी कर दिया था कि सिया की बिना अनुमति लिए कोई भी क्रेशर खदान संचालित नहीं कि जा सकेगी। इसके बाद छोटे संचालकों ने तो इस आदेश को गम्भीरता से लेते हुए काम बंद कर दिया था। किंतु कई बड़े क्रेशर संचालकों पर इस आदेश का कोई असर नहीं पड़ रहा था। खदानों में खनन के साथ-साथ चोरी छिपे जहां गिट्टी सप्लाई की जा रही थी तो वहीं एक पूर्व खनिज अधिकारी को भी अनैतिक गतिविधि संचालित किए जाने के लिए कांटेक्ट करना शुरू कर दिया गया था, ताकि जब तक अनुमति नहीं मिल जाती सेटिंग के साथ काम चलता रहे , लेकिन लगातार सांझवीर टाईम्स की खबरों के बाद 56 खदानों के संचालन को खनिज विभाग को रोकना पड़ा।

तो जिले में गिट्टी- डस्ट की होगी समस्या?

सवाल यह है कि यदि खनिज विभाग ने सख्ती अपनाई है तो 56 क्रेशर खदानें बंद हो जाएगी।? यदि ऐसा होता है तो पत्थर-गिट्टी और डस्ट कहां से लाए जाएंगे? शासकीय और निजी कामों में गिट्टी और पत्थर के बिना काम करना बेहद मुश्किल है। यह देखने लायक होगा कि खनिज विभाग की कार्रवाई के बाद क्रेशर बंद होने पर लोगों को कहां से गिट्टी और पत्थर मिलते हैं। यदि डंपरों से गिट्टी के अलावा पत्थरों- डस्ट का परिवहन हुआ तो यह आसानी से समझा जा सकता है कि खनिज विभाग की कार्रवाई केवल औपचारिकत थी। सांझवीर टाईम्स इस मामले में अब खुद निगरानी करेगा कि क्रेशर संचालक रोक लगाए जाने के बाद कहीं खनन तो नहीं कर रहे हैं।

इनका कहना है

56 क्रेशर और खदानों पर रोक लगवा दी गयी है। अनुमति के बाद ही खदानें शुरू हो सकेंगी।
मनीष पालीवाल जिला खनिज अधिकारी बैतूल

Ankit Suryawanshi

मैं www.snewstimes.com का एडिटर हूं। मैं 2021 से लगातार ऑनलाइन न्यूज पोर्टल पर काम कर रहा हूं। मुझे कई बड़ी वेबसाइट पर कंटेंट लिखकर गूगल पर रैंक कराए हैं। मैने 2021 में सबसे पहले khabarwani.com, फिर betulupdate.com, sanjhveer.com, taptidarshan.com, betulvarta.com, yatharthyoddha.com पर काम करने का अनुभव प्राप्त हैं।इसके अलावा मैं 2012 से पत्रकारिता/मीडिया से जुड़ा हुआ हूं। प्रदेश टुडे के बाद लोकमत समाचार में लगभग 6 साल सेवाएं दीं। इसके साथ ही बैतूल जिले के खबरवानी, प्रादेशिक जनमत के लिए काम किया।

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