Betul Samachar: एक वर्ष में गंज मुख्य मार्ग की सड़क में फिर गड्ढों का डामरीकरण
Betul Samachar: In one year, asphalting of potholes in the main road of Ganj

नपा की लीपापोती से ठेकेदारों के हौसले बुलंद, ध्यान देने वाला कोई नहीं
Betul Samachar: बैतूल। शहर में करोड़ों के विकास कार्यों के टिकाऊ नहीं होने के सवाल हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। इसके कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन नपा के जिम्मेदार इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। मुख्यमंत्री अधोसंरचना की कई सड़कों की बारिश में बखिया उधड़ चुकी है। यह नपा की ठेकेदारों के प्रति उदारता है कि लीपापोती के बाद भी उन्हें अभयदान दिया जा रहा है। इसी वजह एक वर्ष में दूसरी बार मुख्यमंत्री अधोसंरचना के सड़कों का फिर से मेटेंनेस करना पड़ रहा है।
ताजा मामला भाजपा कार्यालय से आबकारी कार्यालय तक बनाई गई सड़क का है, इसे बने हुए लगभग एक वर्ष का ही समय बीता है, लेकिन पहली बारिश ने ही सड़क की कलई खोल कर रख दी। हालात तब ज्यादा बिगड़ गए जब जनता का विरोध सामने आया। सोमवार दोपहर हुई भारी बारिश के तुरन्त बाद आबकारी के सामने गड्ढों में डामरीकरण का काम शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि गड्ढे भरने में इतनी जल्दबाजी की गई कि गड्ढों में भरा पानी तक नहीं निकाला गया और डामर डालकर रोलर चला दिया गया। सवाल यह है कि इस मरम्मत कार्य मे भी होने वाला खर्च जनता के टेक्स के रूप में दिए जाने वाले पैसों से ही वहन किया जाएगा। लेकिन क्या पानी से भरे गड्ढों में डाला गया डामर कितने दिन टिकेगा इस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
बरसता रहा पानी, होता रहा डामरीकरण
सोमवार दोपहर लगभग 1.7 इंच बारिश के बाद जैसे ही पानी कम हुआ तो ठेकेदार के कर्मचारियों ने गड्ढे भरने का काम आबकारी रोड से शुरू कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यहां काम कर रहे मजदूर पानी से भरे गड्ढों में ही डामर डालते रहे और रोलर चलता रहा, लेकिन लापरवाही से हो रहे इस काम को रोकने के लिए नपा का एक भी नुमाइंदा यहां मौजूद नहीं था। जबकि सच्चाई यह है कि पानी मे डाला गया डामर टिकाऊ नहीं हो पाता। सबको पता है कि 3 से 4 दिन के भीतर ही गड्ढे अपने पुराने स्वरूप में नजर आने लगेंगे। आस पास रहने वाले लोगों ने इस पर आपत्ति भी ली, लेकिन ना गड्ढों में से पानी निकाला गया और ना ही डामरीकरण कार्य रोका जा सका। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि काम कर रहे मजदूर किस तरह पानी निकाले बिना गड्ढों में डामर डाल रहे हैं।
3 करोड़ से किया था चार सड़कों का डामरीकरण
मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा लगभग 14 माह पहले ही मुख्यमंत्री अधोसंरचना के तहत शहर की चार सड़कों का डामरीकरण कराया था। इससे कारगिल चौक से स्टेडियम, पेट्रोल पंप से हाथी नाला गंज , अशोक साबले चौक से मैकेनिक चौक और भाजपा कार्यालय से आबकारी तक लगभग 3 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। अन्य तीन सड़कों पर तो काम ठीकठाक किया गया, लेकिन आबकारी रोड पर किए घटिया काम की पोल पहली बारिश ने ही खोल कर रख दी। बीते वर्ष भी बारिश समय इस सड़क पर ठेकेदार ने थेगड़े लगाए थे, इसके बाद फिर घटिया सड़क पर दूसरी बार मरम्मत करना पड़ रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि कमिशनखोरी के कारण इस तरह की सड़कों की स्थिति बदहाल होते जा रही है और पार्षदों के साथ लोगों की नाराजगी उठानी पड़ती है।
इनका कहना…..
बरसात में गड्ढे भरने का काम नहीं किया जाना था, इसे दिखवाएंगे, यदि डामर उखड़ेगा तो ठेकेदार से दोबारा मरम्मत कराई जाएगी।
ब्रजेश खानुरकर, इंजीनियर नपा बैतूल





